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Gonda News: तीन साल बाद नेत्र रोग विभाग को मिला नियमित डॉक्टर
Fri, 23 May 2025 11:20 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Fri, 23 May 2025 11:20 PM IST
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गोंडा। मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग विभाग में तीन साल बाद नियमित डॉक्टर की तैनाती हुई है। शुक्रवार को बतौर परामर्शदाता डॉ. अजय गोस्वामी ने कार्यभार संभाला। इससे नेत्र रोगियों के साथ ही अंधता निवारण कार्यक्रम सहित अन्य अभियान को संचालित करने में काफी राहत मिलेगी।
मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोगियों को इलाज न मिलने से हो रही परेशानी को अमर उजाला ने 19 जून के अंक में प्रमुखता से उठाया था। इसका संज्ञान लेते हुए शासन स्तर से तीन साल बाद शुक्रवार को नेत्र विभाग में नियमित तौर पर परामर्शदाता डॉ. अजय गोस्वामी की तैनाती की गई। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने ने बताया कि कार्यभार संभालने वाले डॉ. अजय पीएमएस संवर्ग से नियमित चिकित्सक हैं।
मेडिकल कॉलेज (तत्कालीन जिला अस्पताल) के नेत्र रोग विभाग में वर्ष 2022 की शुरुआत तक तीन नेत्र चिकित्सकों की तैनाती थी। इसके बाद से अस्पताल के नेत्र रोग विभाग में कोई भी चिकित्सक न होने से ताला लटक गया। करीब 18 महीने बाद बतौर सीनियर रेजीडेंट आयुषी सरदाना ने नेत्र रोग विभाग की जिम्मेदारी संभाल कर अक्तूबर 2024 तक अपनी सेवाएं दी। इसके बाद उनका तबादला सहारनपुर मेडिकल कॉलेज में हो गया। इसके बाद सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा ने वजीरगंज में तैनात नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. अरविंद विश्वकर्मा को मेडिकल कॉलेज में संबद्ध कर दिया था जो सप्ताह में सिर्फ तीन दिन ही मरीजों को देखते थे।
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मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोगियों को इलाज न मिलने से हो रही परेशानी को अमर उजाला ने 19 जून के अंक में प्रमुखता से उठाया था। इसका संज्ञान लेते हुए शासन स्तर से तीन साल बाद शुक्रवार को नेत्र विभाग में नियमित तौर पर परामर्शदाता डॉ. अजय गोस्वामी की तैनाती की गई। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने ने बताया कि कार्यभार संभालने वाले डॉ. अजय पीएमएस संवर्ग से नियमित चिकित्सक हैं।
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मेडिकल कॉलेज (तत्कालीन जिला अस्पताल) के नेत्र रोग विभाग में वर्ष 2022 की शुरुआत तक तीन नेत्र चिकित्सकों की तैनाती थी। इसके बाद से अस्पताल के नेत्र रोग विभाग में कोई भी चिकित्सक न होने से ताला लटक गया। करीब 18 महीने बाद बतौर सीनियर रेजीडेंट आयुषी सरदाना ने नेत्र रोग विभाग की जिम्मेदारी संभाल कर अक्तूबर 2024 तक अपनी सेवाएं दी। इसके बाद उनका तबादला सहारनपुर मेडिकल कॉलेज में हो गया। इसके बाद सीएमओ डॉ. रश्मि वर्मा ने वजीरगंज में तैनात नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. अरविंद विश्वकर्मा को मेडिकल कॉलेज में संबद्ध कर दिया था जो सप्ताह में सिर्फ तीन दिन ही मरीजों को देखते थे।
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