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भोलू सिंह हत्याकांड के अभियुक्त ने कोर्ट में किया सरेंडर
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गोंडा। जिले के बहुचर्चित भोलू सिंह हत्याकांड में फरार चल रहे एक आरोपी ने पुलिस को चकमा देकर सोमवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। दिनदहाड़े गोली मारकर हुई जघन्य हत्या के इस मामले में एक महिला समेत पांच आरोपी पहले ही जेल जा चुके हैं।
छपिया थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत तांबेपुर की प्रधान के पुत्र दुर्गेश सिंह उर्फ भोलू बीते 26 जून को गांव स्थित मंदिर में भंडारे की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान बदमाशों ने सिर व पीठ पर तीन गोलियां मारकर भोलू की हत्या कर दी थी। ग्रामीणों के दौड़ाने पर हमलावर तमंचा लहराते हुए भाग गए थे। भोलू के भाई राहुल सिंह की तहरीर पर नामजद व एक अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत किया गया था।
हत्याकांड के बाद फरार चल रहे मुख्य अभियुक्त बलजीत कुमार पटेल व उसके भाई अवधेश कुमार वर्मा ने बीते छह जुलाई 2022 को न्यायालय में आत्मसमर्पण किया था। जबकि विवेचना के दौरान प्रकाश में आए आरोपी अभियुक्त अभिषेक वर्मा निवासी नरैचा छपिया की गिरफ्तारी के लिए क्राइम ब्रांच की टीम लगातार प्रयास कर रही थी।
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पुलिस की रिपोर्ट पर न्यायालय ने आरोपी अभियुक्त अभिषेक वर्मा के फरार होने की उद्घोषणा भी जारी की थी, लेकिन वह हत्थे नहीं चढ़ा। इस बीच अभिषेक वर्मा ने पुलिस को चकमा देकर सोमवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में अधिवक्ता अतुल द्विवेदी के माध्यम से प्रार्थना पत्र देकर आत्मसमर्पण कर दिया। कोर्ट ने सुनवाई के बाद उसे 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया।
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छपिया थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत तांबेपुर की प्रधान के पुत्र दुर्गेश सिंह उर्फ भोलू बीते 26 जून को गांव स्थित मंदिर में भंडारे की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान बदमाशों ने सिर व पीठ पर तीन गोलियां मारकर भोलू की हत्या कर दी थी। ग्रामीणों के दौड़ाने पर हमलावर तमंचा लहराते हुए भाग गए थे। भोलू के भाई राहुल सिंह की तहरीर पर नामजद व एक अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत किया गया था।
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हत्याकांड के बाद फरार चल रहे मुख्य अभियुक्त बलजीत कुमार पटेल व उसके भाई अवधेश कुमार वर्मा ने बीते छह जुलाई 2022 को न्यायालय में आत्मसमर्पण किया था। जबकि विवेचना के दौरान प्रकाश में आए आरोपी अभियुक्त अभिषेक वर्मा निवासी नरैचा छपिया की गिरफ्तारी के लिए क्राइम ब्रांच की टीम लगातार प्रयास कर रही थी।
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पुलिस की रिपोर्ट पर न्यायालय ने आरोपी अभियुक्त अभिषेक वर्मा के फरार होने की उद्घोषणा भी जारी की थी, लेकिन वह हत्थे नहीं चढ़ा। इस बीच अभिषेक वर्मा ने पुलिस को चकमा देकर सोमवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में अधिवक्ता अतुल द्विवेदी के माध्यम से प्रार्थना पत्र देकर आत्मसमर्पण कर दिया। कोर्ट ने सुनवाई के बाद उसे 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया।