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Gonda News: फैक्टरी के पास बम गिरा, धुएं से भर गया इलाका
Thu, 19 Jun 2025 11:37 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Thu, 19 Jun 2025 11:37 PM IST
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करनैलगंज/ मोतीगंज (गोंडा)। ...हम सभी फैक्टरी में काम कर रहे थे। तभी अचानक हमारी केबल फैक्टरी के बगल में बने खेत में बम गिरा। पूरा इलाका धुएं से भर गया। गनीमत रही कि हम सभी की जान बच गई। इस घटना के चार दिन बीत चुके हैं, तब से फैक्टरी बंद है। डर के मारे हम लोग बाहर नहीं निकल रहे हैं। सायरन बजने पर बंकर में छिपने को कहा गया है।
यह पीड़ा हरहरा निवासी गणेश शंकर तिवारी ने व्हाट्सएप कॉल पर बात करते हुए बयां की। गणेश ने बताया कि 13 जून 2024 को वह इस्राइल आए थे। वह एक कंपनी में काम करते हैं। उनके साथ चार लोग हैं। जिस जगह पर वह लोग रहते हैं, वहां से 45 किमी. की दूरी पर लगातार बम गिराए जा रहे हैं। रोजाना मिसाइल दगने की आवाजें आ रही हैं। कहा कि वह लोग सुरक्षित हैं। पत्नी गुड़िया का कहना है कि जब से युद्ध के बारे सुना है, तब से उनकी चिंता बढ़ गई है।
गुलरिहा निवासी अयोध्या प्रसाद इस्राइल के आइफा शहर में रहकर घर बनाने का काम करते हैं। पत्नी उमा देवी ने बताया कि पति से बात होती है। वहां पर बम गिर रहे हैं। मिसाइलें दग रहीं हैं। लोग बंकर में रह रहे हैं। परिवार अयोध्या प्रसाद की सुरक्षा को लेकर फिक्रमंद है।
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बंकर में छिपना मजबूरी
इस्राइल में रह रहे करनैलगंज के ग्राम बरांव निवासी सोनू, धर्मेंद्र कुमार और सोनू ने कहा कि जब आसमान में मिसाइलों की रोशनी दिखती है, तभी सायरन बज जाता है। भागकर बंकर में छिपना पड़ता है। फिर भी हम लोग पूरी तरह से सुरक्षित हैं। जंग के बावजूद इस्राइल की फैक्टरियों में काम कर रहे हैं। ग्राम बरांव निवासी अशर्फीलाल का बेटा सोनू करीब 10 माह पहले, रामकिशोर के दो बेटे धर्मेंद्र कुमार एक वर्ष पहले व सोनू करीब छह माह से इस्राइल में नौकरी कर रहे हैं। तीनों एक प्लास्टिक फैक्टरी में काम करते हैं। वहां सामान की पैकिंग करते हैं। धर्मेंद्र व सोनू के चचेरे भाई मुंशीलाल और पिता रामकिशोर का कहना है कि जब से इस्राइल व ईरान के बीच युद्ध शुरू हुआ है तब से चिंता बनी रहती है। बच्चों से फोन पर बात होती है। सभी लोग सुरक्षित हैं।
दूतावास के संपर्क में सभी श्रमिक
बुधवार को श्रम उपायुक्त कार्यालय के कर्मचारियों ने इस्राइल में रह रहे श्रमिकों का हाल जाना। श्रमिकों ने फोन पर बताया कि वह अपने काम पर हैं। उन्हें किसी तरह की दिक्कत नहीं है। परिजनों से लगातार बात कर रहे हैं। साथ ही भारत सरकार के दूतावास से लगातार संपर्क में हैं। सहायक श्रम उपायुक्त मुहम्मद अब्बास ने बताया कि श्रमिकों के खाने, रहने के लिए समुचित इंतजाम है़ं। श्रमिकों ने किसी तरह की कोई दिक्कत की सूचना नहीं। इसके बावजूद संपर्क रखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले एक साल में 100 से अधिक श्रमिक इस्राइल में काम कर रहे हैं।
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यह पीड़ा हरहरा निवासी गणेश शंकर तिवारी ने व्हाट्सएप कॉल पर बात करते हुए बयां की। गणेश ने बताया कि 13 जून 2024 को वह इस्राइल आए थे। वह एक कंपनी में काम करते हैं। उनके साथ चार लोग हैं। जिस जगह पर वह लोग रहते हैं, वहां से 45 किमी. की दूरी पर लगातार बम गिराए जा रहे हैं। रोजाना मिसाइल दगने की आवाजें आ रही हैं। कहा कि वह लोग सुरक्षित हैं। पत्नी गुड़िया का कहना है कि जब से युद्ध के बारे सुना है, तब से उनकी चिंता बढ़ गई है।
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गुलरिहा निवासी अयोध्या प्रसाद इस्राइल के आइफा शहर में रहकर घर बनाने का काम करते हैं। पत्नी उमा देवी ने बताया कि पति से बात होती है। वहां पर बम गिर रहे हैं। मिसाइलें दग रहीं हैं। लोग बंकर में रह रहे हैं। परिवार अयोध्या प्रसाद की सुरक्षा को लेकर फिक्रमंद है।
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बंकर में छिपना मजबूरी
इस्राइल में रह रहे करनैलगंज के ग्राम बरांव निवासी सोनू, धर्मेंद्र कुमार और सोनू ने कहा कि जब आसमान में मिसाइलों की रोशनी दिखती है, तभी सायरन बज जाता है। भागकर बंकर में छिपना पड़ता है। फिर भी हम लोग पूरी तरह से सुरक्षित हैं। जंग के बावजूद इस्राइल की फैक्टरियों में काम कर रहे हैं। ग्राम बरांव निवासी अशर्फीलाल का बेटा सोनू करीब 10 माह पहले, रामकिशोर के दो बेटे धर्मेंद्र कुमार एक वर्ष पहले व सोनू करीब छह माह से इस्राइल में नौकरी कर रहे हैं। तीनों एक प्लास्टिक फैक्टरी में काम करते हैं। वहां सामान की पैकिंग करते हैं। धर्मेंद्र व सोनू के चचेरे भाई मुंशीलाल और पिता रामकिशोर का कहना है कि जब से इस्राइल व ईरान के बीच युद्ध शुरू हुआ है तब से चिंता बनी रहती है। बच्चों से फोन पर बात होती है। सभी लोग सुरक्षित हैं।
दूतावास के संपर्क में सभी श्रमिक
बुधवार को श्रम उपायुक्त कार्यालय के कर्मचारियों ने इस्राइल में रह रहे श्रमिकों का हाल जाना। श्रमिकों ने फोन पर बताया कि वह अपने काम पर हैं। उन्हें किसी तरह की दिक्कत नहीं है। परिजनों से लगातार बात कर रहे हैं। साथ ही भारत सरकार के दूतावास से लगातार संपर्क में हैं। सहायक श्रम उपायुक्त मुहम्मद अब्बास ने बताया कि श्रमिकों के खाने, रहने के लिए समुचित इंतजाम है़ं। श्रमिकों ने किसी तरह की कोई दिक्कत की सूचना नहीं। इसके बावजूद संपर्क रखा जा रहा है। उन्होंने बताया कि पिछले एक साल में 100 से अधिक श्रमिक इस्राइल में काम कर रहे हैं।