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हिस्ट्रीशीटर ने नाम बदलकर लिया बंदूक का लाइसेंस
Gonda
Updated Sun, 20 Apr 2014 05:30 AM IST
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तरबगंज (गोंडा)। अभिलेखों में हेराफेरी कर नाम बदलकर एक हिस्ट्रीशीटर ने बंदूक का लाइसेंस हासिल कर लिया। पड़ताल में इसका खुलासा हुआ है। मामले में शनिवार को थाना तरबगंज में हिस्ट्रीशीटर समेत दो लोगों के खिलाफ जालसाजी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
थानाध्यक्ष तरबगंज विक्रम वीरेंद्र सिंह ने बताया कि तरबगंज थाना क्षेत्र के शीशौ गांव के दयालपुरवा निवासी रामधोख मिश्र तरबगंज थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उसका धौरहरा गांव के बड़की रतहियापुरवा में ननिहाल है। एसओ ने बताया कि 14 साल पहले उसने अभिलेखों में हेराफेरी कर खुद को धौरहरा के बड़की रतहियापुरवा का निवासी रामसुंदर बताकर बंदूक का लाइसेंस हासिल किया था। संदेह पर जांच में पता चला कि स्टेट बैंक की शाखा रगड़गंज से रामधोख ने
रामसुंदर के नाम से केसीसी बनवाया है। जिसमें रघुनाथपुर के आशुतोष पांडेय ने गवाही दी। केसीसी में फोटो रामधोख की लगी थी। एसओ के मुताबिक वोटर आईडी कार्ड में नाम रामसुंदर का और फोटो किसी अन्य की लगी थी, जो काफी धुंधली है। उसकी पड़ताल की जा रही है। एसओ ने बताया कि रामधोख और उसके साथी आशुतोष पांडेय के खिलाफ थाना तरबगंज में जालसाजी का मुकदमा दर्ज कराया गया है।
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थानाध्यक्ष तरबगंज विक्रम वीरेंद्र सिंह ने बताया कि तरबगंज थाना क्षेत्र के शीशौ गांव के दयालपुरवा निवासी रामधोख मिश्र तरबगंज थाने का हिस्ट्रीशीटर है। उसका धौरहरा गांव के बड़की रतहियापुरवा में ननिहाल है। एसओ ने बताया कि 14 साल पहले उसने अभिलेखों में हेराफेरी कर खुद को धौरहरा के बड़की रतहियापुरवा का निवासी रामसुंदर बताकर बंदूक का लाइसेंस हासिल किया था। संदेह पर जांच में पता चला कि स्टेट बैंक की शाखा रगड़गंज से रामधोख ने
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रामसुंदर के नाम से केसीसी बनवाया है। जिसमें रघुनाथपुर के आशुतोष पांडेय ने गवाही दी। केसीसी में फोटो रामधोख की लगी थी। एसओ के मुताबिक वोटर आईडी कार्ड में नाम रामसुंदर का और फोटो किसी अन्य की लगी थी, जो काफी धुंधली है। उसकी पड़ताल की जा रही है। एसओ ने बताया कि रामधोख और उसके साथी आशुतोष पांडेय के खिलाफ थाना तरबगंज में जालसाजी का मुकदमा दर्ज कराया गया है।
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