{"_id":"130-70104","slug":"Gonda-70104-130","type":"story","status":"publish","title_hn":"घाटे में बेच रहे गन्ना, गेहूं की बोआई भी अटकी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
घाटे में बेच रहे गन्ना, गेहूं की बोआई भी अटकी
Gonda
Updated Mon, 25 Nov 2013 05:41 AM IST
विज्ञापन
गोंडा। चीनी मिलाें के चालू न होने से किसानों को दो तरफा नुकसान उठाना पड़ रहा है। एक तरफ जहां किसानों का पेड़ी गन्ना न बिकने से गेहूं की बोआई के लिए खेत खाली नहीं हो रहा। वहीं, किसान क्रेशरों पर कम कीमत पर भी गन्ना बेचने को मजबूर हैं। कई किसानों को अब तक पिछला गन्ना मूल्य भी नहीं मिला है। किसानों का करीब 80 करोड़ रुपये से अधिक चीनी मिलों पर बकाया है।
पिछले साल चीनी मिलें नवंबर तक चली थीं। लेकिन इस बार चीनी मिलोें के न चलने की संभावना देख कर किसान परेशान हैं। कई किसानों ने अपना गन्ना 120 से 150 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बेचना शुरू कर दिया है। जबकि सरकार ने 275 रुपये, 280 व 295 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गन्ना खरीदे जाने का ऐलान किया है। 14 नंबर से 15 दिसंबर तक गेहूं की बोआई का समय माना जाता है। किसान पेड़ी गन्ने के खेत में गेहूं की बोआई करने को तैयार हैं, क्योंकि उन्हें गेहूं बोआई का समय निकलने का डर सता रहा है।
विज्ञापन
पिछले साल चीनी मिलें नवंबर तक चली थीं। लेकिन इस बार चीनी मिलोें के न चलने की संभावना देख कर किसान परेशान हैं। कई किसानों ने अपना गन्ना 120 से 150 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बेचना शुरू कर दिया है। जबकि सरकार ने 275 रुपये, 280 व 295 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गन्ना खरीदे जाने का ऐलान किया है। 14 नंबर से 15 दिसंबर तक गेहूं की बोआई का समय माना जाता है। किसान पेड़ी गन्ने के खेत में गेहूं की बोआई करने को तैयार हैं, क्योंकि उन्हें गेहूं बोआई का समय निकलने का डर सता रहा है।
विज्ञापन