{"_id":"130-69853","slug":"Gonda-69853-130","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्वास्थ्य कर्मी भी हड़ताल पर, मायूस लौटे मरीज ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
स्वास्थ्य कर्मी भी हड़ताल पर, मायूस लौटे मरीज
Gonda
Updated Thu, 21 Nov 2013 05:41 AM IST
विज्ञापन
उतरौला/गैसड़ी/बलरामपुर। स्वास्थ्य कर्मियों के हड़ताल में शामिल होने से सरकारी अस्पतालों की सेवाएं प्रभावित होने लगी हैं। मंगलवार को विभिन्न अस्पतालों में इलाज करवाने आए करीब 400 मरीजों को काफी परेशानी हुई। पैथोलॉजी में जांच व आंखों का परीक्षण कराने आए 250 मरीज लौट गए। बुधवार से स्वास्थ्य कर्मियों ने आधे समय तक ही काम करने की चेतावनी दी है। ऐसे में इमरजेंसी सेवाओं के ठप होने की आशंका बढ़ गई है।
राज्य कर्मचारी अधिकार मंच के बैनर तले कलेक्ट्रेट, विकास, सिंचाई, कोषागार, परिषदीय व माध्यमिक कार्यालयों सहित अन्य विभागों के कर्मी आठ दिनों से हड़ताल पर हैं। मंगलवार से इनके समर्थन में स्वास्थ्य कर्मी भी आ गए हैं। मंगलवार को जिला चिकित्सालय में नेत्र परीक्षण व पैथोलॉजी की सेवाएं पूरी तरह से ठप रहीं। कर्मियों ने कार्य बहिष्कार कर मांगों का समर्थन किया। जिला चिकित्सालय के अलावा सीएचसी उतरौला व गैसड़ी में भी हड़ताल का व्यापक रहा। इन अस्पतालों में भी नेत्र परीक्षण व पैथोलॉजी में जांच नहीं हुई।
विज्ञापन
राज्य कर्मचारी अधिकार मंच के बैनर तले कलेक्ट्रेट, विकास, सिंचाई, कोषागार, परिषदीय व माध्यमिक कार्यालयों सहित अन्य विभागों के कर्मी आठ दिनों से हड़ताल पर हैं। मंगलवार से इनके समर्थन में स्वास्थ्य कर्मी भी आ गए हैं। मंगलवार को जिला चिकित्सालय में नेत्र परीक्षण व पैथोलॉजी की सेवाएं पूरी तरह से ठप रहीं। कर्मियों ने कार्य बहिष्कार कर मांगों का समर्थन किया। जिला चिकित्सालय के अलावा सीएचसी उतरौला व गैसड़ी में भी हड़ताल का व्यापक रहा। इन अस्पतालों में भी नेत्र परीक्षण व पैथोलॉजी में जांच नहीं हुई।
विज्ञापन