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ओवरलोडिंग से मुक्त होगी शहर का पॉस कालोनी ‘सिविल लाइन’
Updated Fri, 23 Feb 2018 11:16 PM IST
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अब सिविल लाइन में नहीं जाएगी बिजली
गोंडा। बस कुछ दिन की और बात है, इसके बाद सिविल लाइन इलाके के लोग यह शिकायत नहीं कर सकेंगे कि उन्हें ओवरलोडिंग के चलते बिजली नहीं मिल रही। क्योंकि आंबेडकर चौराहा स्थित बिजलीघर की क्षमता 5 से बढ़ाकर 15 एमवीए किए जाने के लिए जिस 10 एमवीए पावर ट्रांसफार्मर की जरूरत थी, वह आ गया है, जिसे इंस्टाल करने का काम कुछ दिन बाद बिजलीघर पर चालू हो जाएगा।
ट्रांसफार्मर लगने के बाद सिविल लाइन में बिजली की कटौती सिर्फ तभी होगी, जब सिस्टम कंट्रोल चाहेगा या फिर कोई फाल्ट आएगा। अन्यथा लोगों को इस बिजलीघर से निर्बाध बिजली मिलती रहेगी।
अभी तक आंबेडकर चौराहा स्थित सिविल लाइन बिजलीघर की क्षमता केवल 5 एमवीए ही थी। जबकि सिविल लाइन में उपभोक्ताओं की संख्या 10 हजार से भी ज्यादा। इस कारण बिजलीघर से जुड़े उपभोक्ताओं की हर वक्त शिकायत रहती थी कि उन्हें ओवरलोडिंग के चलते ठीक से बिजली नहीं मिल पा रही।
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वहीं बिजलीघर पर लगे 5 एमवीए के पावर ट्रांसफार्मर पर भी क्षमता से ज्यादा लोड हुआ करता था। जिसके लिए साल भर पहले सिविल लाइन बिजलीघर की क्षमता 5 से 15 एमवीए (मिलियन वोल्ट एम्पियर) किए जाने का प्रस्ताव एसडीओ व जेई ने मिलकर तैयार किया था।
लेकिन किन्हीं कारणों से मध्यांचल से प्रस्ताव पास होने के बाद भी पावर ट्रांसफार्मर कई महीनों तक गोंडा को नहीं मिल पाया। इससे पूरी ठंडी सिविल लाइन के लोगों को ऐसी ही बितानी पड़ी। हालांकि ठंडक खत्म होते ही 10 एमवीए का पावर ट्रांसफार्मर गोंडा भेज दिया गया है।
जिसे बिजलीघर पर केवल इंस्टाल किया जाना ही शेष है। इस पावर ट्रांसफार्मर के यहां इंस्टाल होते ही सिविल लाइन में रहने वाली 30 हजार आबादी की लो-वोल्टेज की समस्या अगले कई साल के लिए दूर हो जाएगी और उन्हें गर्मी में भरपूर बिजली मिलेगी।
यही नहीं इस ट्रांसफार्मर का सबसे ज्यादा फायदा सिविल लाइन इलाके में संचालित सरकारी कार्यालयों, जिसमें खासकर डीएम, एसपी व कमिश्नर के कार्यालयों के अलावा विकास भवन सहित तमाम जरूरी कार्यालयों को मिलेगा। जहां कटौती सिर्फ तभी होगी, जब सिस्टम कंट्रोल कहेगा या फिर कोई बड़ा फाल्ट आएगा।
आंबेडकर चौराहा स्थित सिविल लाइन बिजलीघर की क्षमता 5 से बढ़ाकर 15 एमवीए किए जाने का प्रस्ताव पिछले साल स्वीकृत हुआ था। ताकि यहां के लोगों को ओवरलोडिंग से छुटकारा मिल जाए। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम से इसके लिए उन्हें 10 एमवीए का पावर ट्रांसफार्मर मिल गया है। जिसे अगले कुछ दिनों में यहां इंस्टाल कराने का काम शुरू करा दिया जाएगा।
-आरके श्रीवास्तव, मुख्य अभियंता
गोंडा। बस कुछ दिन की और बात है, इसके बाद सिविल लाइन इलाके के लोग यह शिकायत नहीं कर सकेंगे कि उन्हें ओवरलोडिंग के चलते बिजली नहीं मिल रही। क्योंकि आंबेडकर चौराहा स्थित बिजलीघर की क्षमता 5 से बढ़ाकर 15 एमवीए किए जाने के लिए जिस 10 एमवीए पावर ट्रांसफार्मर की जरूरत थी, वह आ गया है, जिसे इंस्टाल करने का काम कुछ दिन बाद बिजलीघर पर चालू हो जाएगा।
ट्रांसफार्मर लगने के बाद सिविल लाइन में बिजली की कटौती सिर्फ तभी होगी, जब सिस्टम कंट्रोल चाहेगा या फिर कोई फाल्ट आएगा। अन्यथा लोगों को इस बिजलीघर से निर्बाध बिजली मिलती रहेगी।
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अभी तक आंबेडकर चौराहा स्थित सिविल लाइन बिजलीघर की क्षमता केवल 5 एमवीए ही थी। जबकि सिविल लाइन में उपभोक्ताओं की संख्या 10 हजार से भी ज्यादा। इस कारण बिजलीघर से जुड़े उपभोक्ताओं की हर वक्त शिकायत रहती थी कि उन्हें ओवरलोडिंग के चलते ठीक से बिजली नहीं मिल पा रही।
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वहीं बिजलीघर पर लगे 5 एमवीए के पावर ट्रांसफार्मर पर भी क्षमता से ज्यादा लोड हुआ करता था। जिसके लिए साल भर पहले सिविल लाइन बिजलीघर की क्षमता 5 से 15 एमवीए (मिलियन वोल्ट एम्पियर) किए जाने का प्रस्ताव एसडीओ व जेई ने मिलकर तैयार किया था।
लेकिन किन्हीं कारणों से मध्यांचल से प्रस्ताव पास होने के बाद भी पावर ट्रांसफार्मर कई महीनों तक गोंडा को नहीं मिल पाया। इससे पूरी ठंडी सिविल लाइन के लोगों को ऐसी ही बितानी पड़ी। हालांकि ठंडक खत्म होते ही 10 एमवीए का पावर ट्रांसफार्मर गोंडा भेज दिया गया है।
जिसे बिजलीघर पर केवल इंस्टाल किया जाना ही शेष है। इस पावर ट्रांसफार्मर के यहां इंस्टाल होते ही सिविल लाइन में रहने वाली 30 हजार आबादी की लो-वोल्टेज की समस्या अगले कई साल के लिए दूर हो जाएगी और उन्हें गर्मी में भरपूर बिजली मिलेगी।
यही नहीं इस ट्रांसफार्मर का सबसे ज्यादा फायदा सिविल लाइन इलाके में संचालित सरकारी कार्यालयों, जिसमें खासकर डीएम, एसपी व कमिश्नर के कार्यालयों के अलावा विकास भवन सहित तमाम जरूरी कार्यालयों को मिलेगा। जहां कटौती सिर्फ तभी होगी, जब सिस्टम कंट्रोल कहेगा या फिर कोई बड़ा फाल्ट आएगा।
आंबेडकर चौराहा स्थित सिविल लाइन बिजलीघर की क्षमता 5 से बढ़ाकर 15 एमवीए किए जाने का प्रस्ताव पिछले साल स्वीकृत हुआ था। ताकि यहां के लोगों को ओवरलोडिंग से छुटकारा मिल जाए। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम से इसके लिए उन्हें 10 एमवीए का पावर ट्रांसफार्मर मिल गया है। जिसे अगले कुछ दिनों में यहां इंस्टाल कराने का काम शुरू करा दिया जाएगा।
-आरके श्रीवास्तव, मुख्य अभियंता