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9 दिन बाद 14 किमी दूर मिला हादसे में डूबे जगन्नाथ का शव
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गोंडा। उमरीबेगमगंज थाना क्षेत्र के ऐली परसौली गांव के पास पीपे के पुल से टकराकर 21 जनवरी को नाव पलटने के हादसे में गुरुवार को लगभग 9 दिन बाद एक लापता व्यक्ति का शव बरामद हुआ है। ऐली परसौली से लगभग 14 किलोमीटर दूर नवाबगंज क्षेत्र के ढेमवाघाट से लगभग 4 किलोमीटर दूर आगे सरयू नदी के किनारे शव पाया गया। सूचना मिलने पर स्थानीय नाविकों ने शव को नाव पर लाकर स्थानीय थाने के सुपुर्द कर दिया है। कोतवाल ओमप्रकाश सिंह चौहान ने बताया जगन्नाथ के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
बता दें कि 21 जनवरी को लगभग 30 से अधिक लोगों से भरी एक नाव कैथी घाट से ऐली परसौली गांव के लिए निकली थी। सरयू नदी में पीपे के पुल से टकराकर बीच धारा में नाव डूब गई थी। जिसमें नत्थाराम, जगन्नाथ व केशवराम को नहीं ढूंढ़ा जा सका। कुछ लोगों ने तो पीपे के पुल पर रस्सी पकड़कर अपनी जान बचाई नहीं कुछ लोगों ने तैरकर अपनी जान बचाई। रुदौली के रहने वाले शिक्षक संदीप गुप्ता जो ऐली परसौली में ही तैनात थे। नाव पलटने से वो बीच धारा में डूबने से मौत हो गई थी।
तीन दिनों तक लगातार हुई थी मशक्कत
इस दर्दनाक हादसे के बाद प्रशासन की ओर से तुरंत ही बचाव कार्य तेज कर दिया गया। पीएसी के साथ ही एसडीआरएफ की टीम को भी लगाया गया। लेकिन नदी का बहाव काफी तेज होने के साथ ही काफी मात्रा में सिल्ट जमा हो जाने के चलते बचाव अभियान में परेशानी हुई। कई घंटों तक चले इस आपरेशन में गोताखोरों ने केवल नाव का पता लगाया लेकिन शव का पता नहीं लगाया जा सका। लोगों ने अब जगन्नाथ का शव मिलने के बाद दो अन्य लापता लोगों नत्थाराम व केशवराम के शव की तलाश की जा रही है।
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बता दें कि 21 जनवरी को लगभग 30 से अधिक लोगों से भरी एक नाव कैथी घाट से ऐली परसौली गांव के लिए निकली थी। सरयू नदी में पीपे के पुल से टकराकर बीच धारा में नाव डूब गई थी। जिसमें नत्थाराम, जगन्नाथ व केशवराम को नहीं ढूंढ़ा जा सका। कुछ लोगों ने तो पीपे के पुल पर रस्सी पकड़कर अपनी जान बचाई नहीं कुछ लोगों ने तैरकर अपनी जान बचाई। रुदौली के रहने वाले शिक्षक संदीप गुप्ता जो ऐली परसौली में ही तैनात थे। नाव पलटने से वो बीच धारा में डूबने से मौत हो गई थी।
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तीन दिनों तक लगातार हुई थी मशक्कत
इस दर्दनाक हादसे के बाद प्रशासन की ओर से तुरंत ही बचाव कार्य तेज कर दिया गया। पीएसी के साथ ही एसडीआरएफ की टीम को भी लगाया गया। लेकिन नदी का बहाव काफी तेज होने के साथ ही काफी मात्रा में सिल्ट जमा हो जाने के चलते बचाव अभियान में परेशानी हुई। कई घंटों तक चले इस आपरेशन में गोताखोरों ने केवल नाव का पता लगाया लेकिन शव का पता नहीं लगाया जा सका। लोगों ने अब जगन्नाथ का शव मिलने के बाद दो अन्य लापता लोगों नत्थाराम व केशवराम के शव की तलाश की जा रही है।
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