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Gonda News: 87 हजार बच्चों को नहीं मिला डीबीटी का लाभ, बिना यूनिफॉर्म आ रहे स्कूल

Sun, 20 Jul 2025 11:24 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा Updated Sun, 20 Jul 2025 11:24 PM IST
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87 thousand children did not get the benefit of DBT, coming to school without uniform
गोंडा। सरकारी योजनाएं ठीक से लागू न होने से जहां अभिभावक व बच्चों का स्कूलों से मोहभंग हो रहा है। वहीं, कम नामांकन के चलते स्कूलों का विलय करना पड़ रहा है। इसके बाद भी जिम्मेदारों की कार्यशैली में सुधार नहीं हो रहा है। आलम यह है कि करीब तीन महीने का वक्त बीत चुका है। मगर 87 हजार बच्चों को डीबीटी का लाभ नहीं मिला है। ऐसे में ये बच्चे बिना यूनिफॉर्म के ही स्कूल आ रहे हैं।
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अधिकारियों के मुताबिक, वर्तमान समय में जिले के परिषदीय विद्यालयों में कक्षा एक से आठ तक कुल 2.63 लाख बच्चे नामांकित हैं। डायरेक्ट बेनीफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के जरिये इन बच्चों के अभिभावकों के खाते में 1200 रुपये मुहैया कराने थे, जिससे अभिभावक अपने बच्चे के लिए यूनिफॉर्म, जूते-मोजे, बैग और स्टेशनरी खरीद सकें। मगर जिम्मेदारों ने सरकार की योजना को प्रभावी तरीके से लागू नहीं किया। आलम यह है कि जिले के परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले 87 हजार बच्चों के अभिभावकों के खाते में डीबीटी का लाभ नहीं पहुंचा है। ये बच्चे बिना यूनिफॉर्म के परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने पर मजबूर हो रहे हैं।
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जिला समन्वयक (सामुदायिक शिक्षा) प्रेमशंकर मिश्र का कहना है कि पहले चरण में जिले के 1.76 लाख बच्चों को लाभ मिल चुका है। सभी बच्चे यूनिफॉर्म में स्कूल आ रहे हैं। बाकी बच्चों के लिए बैच बनाया जा रहा है। उनकी जरूरी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं।
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किस मद के लिए कितनी रकम
मद-रुपये
यूनिफॉर्म 600
जूते-मोजे 175
बैग 125
स्टेशनरी 100
स्वेटर 200
34 हजार बच्चों का बैच बनाकर भेजा..

अधिकारियों का कहना है कि 34 हजार बच्चों का बैच बनाया गया है। सोमवार तक अभिभावकों के खाते में रकम भेजी जाएगी। इसके साथ ही बच्चों के अभिभावकों के खाते को जोड़ा रहा है। वहीं, बड़े पैमाने पर बच्चों के पास आधार नहीं है। इस तरह से तमाम दिक्कतों के चलते बच्चों को अभी तक डीबीटी का लाभ नहीं मिल सका है।

लापरवाही पर होगी कार्रवाई
एडी बेसिक रामसागर पति त्रिपाठी ने बताया कि बच्चों को डीबीटी का लाभ दिलाने के लिए आधार कार्ड जरूरी है। आधार के लिए जन्म प्रमाणपत्र की आवश्यकता होती है। इसके लिए विभागीय अधिकारियों को अभिभावकों से समन्वय स्थापित कराने के निर्देश दिए जा चुके हैं। जल्द ही सभी बच्चों को डीबीटी का लाभ दिया जाएगा।
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