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23 से शुरू होगी 84 कोसी परिक्रमा
अमर उजाला/गोंडा
Updated Tue, 12 Apr 2016 11:44 PM IST
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यात्रा
- फोटो : Amar Ujala
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21 दिवसीय अवध धाम की 84 कोसी परिक्रमा हनुमान मंडल वैशाख कृष्ण प्रतिपदा 23 अप्रैल को मखभूमि मखौड़ा से प्रारंभ होकर 13 मई बैशाख शुक्ल सप्तमी को ही मखौड़ा में समाप्त होगी। इसके लिए श्रद्धालुओं ने परिक्रमार्थियों के स्वागत के लिए अभी से तैयारी बैठक शुरू कर दी है।
84 कोसी परिक्रमा हनुमान मंडल के प्रमुख सुरेंद्र सिंह तथा विहिप के विभाग संगठन मंत्री इंद्रबली ने परसपुर में बताया कि हमारे ऋषि मुनियों ने तीर्थ क्षेत्र की शाश्वत पहचान व उसकी परंपराओं को अक्षुण और जनमानस में आध्यात्मिक संस्कारों को टिकाये रखने के लिए तीर्थ क्षेत्र की सीमाओं का निर्धारण कर उसकी परिक्रमा करने का सांस्कृतिक विधान प्राचीनकाल से जन-जन के हृदय में स्थापित किया है।
उन्होंने कहा कि यह 84 कोसी परिक्रमा अयोध्या धाम मणिराम दास छावनी के महंत कमलनयन दास, श्री कुंज कथा मंडप के महंत रामानंद दास, लक्ष्मण किला के आचार्य मिथिलेश नंदिनी व कटरा कुटी धाम के महंत चिन्मय महाराज के सानिध्य में संपन्न होगी।
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उन्होंने बताया कि जो लोग हनुमान मंडल के साथ मिलकर 84 कोसी परिक्रमा करना चाहते हैं। वे अभी से ही कारसेवकपुरम जानकी घाट परिक्रमा मार्ग अयोध्या में पंजीकरण करा लें। नायब तहसीलदार परसपुर कर्नलगंज नवीन प्रसाद ने कहा कि परिक्रमार्थियों को सुविधाएं मुहैया कराने के लिए जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों को पत्र लिखा जाएगा।
हनुमान मंडल 84 कोसी परिक्रमा प्रमुख तथा विहिप के विभाग संगठन मंत्री इंद्रबली ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि 84 कोसी परिक्रमा मार्ग को दुरुस्त कराया जाए। सरयू नदी पार करने के लिए सेरवा घाट तथा कमियार घाट पर पुलों का निर्माण कराया जाए।
84 कोसी हनुमान मंडल परिक्रमा 23 अप्रैल को मखौड़ा से चल कर कई जनपदों व अनेक आध्यात्मिक एवं धार्मिक स्थलों से होते हुए पांच मई को सरयू नदी पार कर गोंडा में दुलारे बाग बहुअन मदार माझा में रात्रि विश्राम करेगी।
छह मई को यहां से चल कर ब्रह्मचारी चौराहा पर दोपहर में जलपान के बाद जंबूद्वीप फिर दोपहर विश्राम के बाद भौरीगंज पहुंचेगी, जहां से चल कर तुलसी जन्म भूमि राजापुर सूकरखेत में रात्रि विश्राम करेगी।
सात मई को यात्रा यहां से चल कर नंदौर में जलपान के बाद पसका नरहरि आश्रम में दोपहर विश्राम के बाद नायब पुरवा होते हुए बखरिहा में रात्रि विश्राम करेगी। यहां से आठ मई को यह परिक्रमा बाराही देवी उमरी होते हुए डिकसिर पहुंच कर रात्रि विश्राम करेगी।
84 कोसी परिक्रमा हनुमान मंडल के प्रमुख सुरेंद्र सिंह तथा विहिप के विभाग संगठन मंत्री इंद्रबली ने परसपुर में बताया कि हमारे ऋषि मुनियों ने तीर्थ क्षेत्र की शाश्वत पहचान व उसकी परंपराओं को अक्षुण और जनमानस में आध्यात्मिक संस्कारों को टिकाये रखने के लिए तीर्थ क्षेत्र की सीमाओं का निर्धारण कर उसकी परिक्रमा करने का सांस्कृतिक विधान प्राचीनकाल से जन-जन के हृदय में स्थापित किया है।
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उन्होंने कहा कि यह 84 कोसी परिक्रमा अयोध्या धाम मणिराम दास छावनी के महंत कमलनयन दास, श्री कुंज कथा मंडप के महंत रामानंद दास, लक्ष्मण किला के आचार्य मिथिलेश नंदिनी व कटरा कुटी धाम के महंत चिन्मय महाराज के सानिध्य में संपन्न होगी।
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उन्होंने बताया कि जो लोग हनुमान मंडल के साथ मिलकर 84 कोसी परिक्रमा करना चाहते हैं। वे अभी से ही कारसेवकपुरम जानकी घाट परिक्रमा मार्ग अयोध्या में पंजीकरण करा लें। नायब तहसीलदार परसपुर कर्नलगंज नवीन प्रसाद ने कहा कि परिक्रमार्थियों को सुविधाएं मुहैया कराने के लिए जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों को पत्र लिखा जाएगा।
हनुमान मंडल 84 कोसी परिक्रमा प्रमुख तथा विहिप के विभाग संगठन मंत्री इंद्रबली ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि 84 कोसी परिक्रमा मार्ग को दुरुस्त कराया जाए। सरयू नदी पार करने के लिए सेरवा घाट तथा कमियार घाट पर पुलों का निर्माण कराया जाए।
84 कोसी हनुमान मंडल परिक्रमा 23 अप्रैल को मखौड़ा से चल कर कई जनपदों व अनेक आध्यात्मिक एवं धार्मिक स्थलों से होते हुए पांच मई को सरयू नदी पार कर गोंडा में दुलारे बाग बहुअन मदार माझा में रात्रि विश्राम करेगी।
छह मई को यहां से चल कर ब्रह्मचारी चौराहा पर दोपहर में जलपान के बाद जंबूद्वीप फिर दोपहर विश्राम के बाद भौरीगंज पहुंचेगी, जहां से चल कर तुलसी जन्म भूमि राजापुर सूकरखेत में रात्रि विश्राम करेगी।
सात मई को यात्रा यहां से चल कर नंदौर में जलपान के बाद पसका नरहरि आश्रम में दोपहर विश्राम के बाद नायब पुरवा होते हुए बखरिहा में रात्रि विश्राम करेगी। यहां से आठ मई को यह परिक्रमा बाराही देवी उमरी होते हुए डिकसिर पहुंच कर रात्रि विश्राम करेगी।