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नहर कटी तीन हजार बीघा फसल जलमग्न
Updated Wed, 01 Aug 2018 10:16 PM IST
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नहर कटने से तीन हजार बीघा फसल जलमग्न
गोंडा। तरबगंज-करनैलगंज शाखा ग्राम पंचायत सुसुंडा के पीताम्बर पुरवा मजरे के पास कट गई। इससे करीब एक हजार किसानों की तीन हजार बीघा फसल पूरी तरह से जलमग्न हो गयी है।
परसपुर के सुसुंडा ग्राम पंचायत के पीताम्बर पुरवा मजरे के पास बुधवार को नहर कटने से उमेश चन्द्र पान्डेय, मुक्तियार पान्डेय, श्रीनरायन पान्डेय, केदारनाथ पान्डेय, शिवराम पान्डेय, गंगाशरन पान्डेय समेत करीब एक हजार किसानों के तीन हजार बीघा फसल जलमगन हो गयी है।
नहर के कटने से सुसुंडा, रमवापुर, विलेन पुरवा, निहालपुरवा, धर्मनगर के हजारों किसानों की फसल का पानी के कारण खराब हो गई है। किसान मुक्तियार ने बताया कि नहर कई बार इस जगह कट चुकी है। सिंचाई विभाग को सूचना देने पर कर्मचारी केवल कागजी कार्यवाही करते हैं।
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जिससे बार-बार एक ही स्थान पर नहर कटती है और किसानों की फसल खराब होती है। मुनेजर पान्डेय ने मॉग की है कि नहर को मजबूती से बांधा जाय तथा किसानों की फसल का मुआवजा दिया जाय।
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गोंडा। तरबगंज-करनैलगंज शाखा ग्राम पंचायत सुसुंडा के पीताम्बर पुरवा मजरे के पास कट गई। इससे करीब एक हजार किसानों की तीन हजार बीघा फसल पूरी तरह से जलमग्न हो गयी है।
परसपुर के सुसुंडा ग्राम पंचायत के पीताम्बर पुरवा मजरे के पास बुधवार को नहर कटने से उमेश चन्द्र पान्डेय, मुक्तियार पान्डेय, श्रीनरायन पान्डेय, केदारनाथ पान्डेय, शिवराम पान्डेय, गंगाशरन पान्डेय समेत करीब एक हजार किसानों के तीन हजार बीघा फसल जलमगन हो गयी है।
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नहर के कटने से सुसुंडा, रमवापुर, विलेन पुरवा, निहालपुरवा, धर्मनगर के हजारों किसानों की फसल का पानी के कारण खराब हो गई है। किसान मुक्तियार ने बताया कि नहर कई बार इस जगह कट चुकी है। सिंचाई विभाग को सूचना देने पर कर्मचारी केवल कागजी कार्यवाही करते हैं।
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जिससे बार-बार एक ही स्थान पर नहर कटती है और किसानों की फसल खराब होती है। मुनेजर पान्डेय ने मॉग की है कि नहर को मजबूती से बांधा जाय तथा किसानों की फसल का मुआवजा दिया जाय।