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703 स्कूलों ने नहीं बनाया स्टूडेंट डाटाबेस
amar ujala
Updated Sat, 17 Jun 2017 11:14 PM IST
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स्कूलों में छात्रों के नामांकन के फर्जीवाड़े को रोकने के लिए तैयार की जा रही चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम योजना स्कूल मैनेजमेंट की लापरवाही की भेंट चढ़ गई है। समय सीमा बीतने के बावजूद 703 स्कूल छात्रों से संबंधित 35 बिंदुओं की सूचना देने वाला स्टूडेंट डाटाबेस नहीं तैयार कर सके हैं।
इस पर नाराजगी जताते हुए सर्व शिक्षा अभियान के परियोजना निदेशक बीएसए से 18 जून तक पूरी रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा है। साथ ही इस कार्य में हुई देरी पर स्पष्टीकरण भी मांगा है। स्कूलों में नामांकन के फजीवाड़े पर लगाम लगाने के लिए पिछले जुलाई माह में भारत सरकार ने चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम योजना का खाका तैयार किया था।
इस योजना के अंतर्गत जिले के 4914 सरकारी व मान्यता प्राप्त गैर सरकारी स्कूलों मेें पढने वाले 6.63 लाख छात्र छात्राओं की प्रोफाइल तैयार कर उसे सर्व शिक्षा अभियान के एकीकृत सूचना प्रणाली पर फीड किया जाना था।
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बच्चों की प्रोफाइल तैयार करने के लिए 35 बिंदुओं की सूचना वाला एक प्रारुप तैयार किया गया था जिसमें छात्र छात्रों संबंधित सूचना एकत्र कर उसे बेसिक शिक्षा विभाग के सर्व शिक्षा अभियान को उपलब्ध कराया जाना था।
सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक ने इस काम को दिसंबर 2016 तक पूरा करने का निर्देश दिया था लेकिन स्कूल संचालकों की मनमानी व अफसरों की शिथिलता से यह सूचना समय पर नही तैयार हो सकी।
इस पर इसकी समय सीमा बढ़ाकर 30 जनवरी कर दी गई। बावजूद इसके अधिकतर स्कूलों के संचालक इस सूचना को देने में आनाकानी करते रहे। अब भी 703 स्कूल ऐसे है जिनके स्कूलों का स्टूडेंट डाटाबेस जिले पर नही पहुंचा है। इस पर नाराजगी जताते हुए राज्य परियोजना निदेशक ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को 18 जून तक सभी स्कूलों की सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही इस काम में हुई अनावश्यक देरी पर स्पष्टीकरण भी मांगा है।
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इस पर नाराजगी जताते हुए सर्व शिक्षा अभियान के परियोजना निदेशक बीएसए से 18 जून तक पूरी रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा है। साथ ही इस कार्य में हुई देरी पर स्पष्टीकरण भी मांगा है। स्कूलों में नामांकन के फजीवाड़े पर लगाम लगाने के लिए पिछले जुलाई माह में भारत सरकार ने चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम योजना का खाका तैयार किया था।
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इस योजना के अंतर्गत जिले के 4914 सरकारी व मान्यता प्राप्त गैर सरकारी स्कूलों मेें पढने वाले 6.63 लाख छात्र छात्राओं की प्रोफाइल तैयार कर उसे सर्व शिक्षा अभियान के एकीकृत सूचना प्रणाली पर फीड किया जाना था।
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बच्चों की प्रोफाइल तैयार करने के लिए 35 बिंदुओं की सूचना वाला एक प्रारुप तैयार किया गया था जिसमें छात्र छात्रों संबंधित सूचना एकत्र कर उसे बेसिक शिक्षा विभाग के सर्व शिक्षा अभियान को उपलब्ध कराया जाना था।
सर्व शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना निदेशक ने इस काम को दिसंबर 2016 तक पूरा करने का निर्देश दिया था लेकिन स्कूल संचालकों की मनमानी व अफसरों की शिथिलता से यह सूचना समय पर नही तैयार हो सकी।
इस पर इसकी समय सीमा बढ़ाकर 30 जनवरी कर दी गई। बावजूद इसके अधिकतर स्कूलों के संचालक इस सूचना को देने में आनाकानी करते रहे। अब भी 703 स्कूल ऐसे है जिनके स्कूलों का स्टूडेंट डाटाबेस जिले पर नही पहुंचा है। इस पर नाराजगी जताते हुए राज्य परियोजना निदेशक ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को 18 जून तक सभी स्कूलों की सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही इस काम में हुई अनावश्यक देरी पर स्पष्टीकरण भी मांगा है।