{"_id":"5702aaea4f1c1bc04fc813ed","slug":"7-days-ago-gave-the-bill-the-company-will-act-on","type":"story","status":"publish","title_hn":"7 दिन पहले नहीं दिया बिल, कंपनी पर होगी कार्रवाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
7 दिन पहले नहीं दिया बिल, कंपनी पर होगी कार्रवाई
अमर उजाला/गोंडा
Updated Mon, 04 Apr 2016 11:26 PM IST
विज्ञापन
बिजली
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शहरी बिजली उपभोक्ताओं को देर से बिजली का बिल देकर उनसे लेट पेमेंट करवाने वाली बिलिंग कंपनी को पावर कॉरपोरेशन अफसरों ने एक नोटिस देकर लेट बिलिंग का कारण पूछा है। वहीं सोमवार को बिलिंग कंपनी के लोगों के साथ बैठक करते हुए एक्सईएन राधेश्याम भास्कर ने आगे से ऐसा होने पर कार्रवाई की चेतावनी भी बिलिंग कंपनी के लोगों को दी है।
एक्सईएन राधेश्याम भाष्कर ने बताया कि उपभोक्ताओं को कारपोरेशन स्तर से बिल जमा करने के लिए 7 दिन की मोहलत दी जाती है। अगर इसके बाद कोई उपभोक्ता अपना बिल जमा करता है तो उसे लेट पेमेंट देना पड़ेगा।
बता दें कि बीते तीन साल से जिले में लागू ऑनलाइन बिलिंग के तहत शहरी उपभोक्ताओं को हैंडहेल्ड मशीन से घर-घर बिजली के बिल दिए जाते है। लेकिन बिलिंग कंपनियां ड्यू डेट के ठीक एक दिन पहले ही बिल जनरेट करके लोगों को देती हैं। जिससे समयाभाव और पैसों के अरेंजमेंट के चक्कर में लोग अपना बिल ड्यू डेट से पहले नहीं जमा कर पाते और लेट पेमेंट के भागीदार बन जाते हैं।
विज्ञापन
रविवार के अंक में अमर उजाला ने बिलिंग कंपनी की इस लूट का खुलासा लेट पेमेंट के नाम पर चूना लगा रही बिलिंग कंपनी शीर्षक से खबर प्रकाशित करके किया था।
सोमवार को मुख्य अभियंता हर्ष मुंशी ने विद्युत वितरण खंड प्रथम के कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। जहां उन्हें प्राइवेट ट्यूबवेल का काम देखने वाले एक कपिल समेत करीब आधा दर्जन लोग अनुपस्थित मिले। जिसके लिए उन्होंने ड्यूटी से नदारद सभी लोगों का एक दिन का वेतन रोकते हुए उनसे स्पष्टीकरण मांगा है।
विज्ञापन
एक्सईएन राधेश्याम भाष्कर ने बताया कि उपभोक्ताओं को कारपोरेशन स्तर से बिल जमा करने के लिए 7 दिन की मोहलत दी जाती है। अगर इसके बाद कोई उपभोक्ता अपना बिल जमा करता है तो उसे लेट पेमेंट देना पड़ेगा।
विज्ञापन
बता दें कि बीते तीन साल से जिले में लागू ऑनलाइन बिलिंग के तहत शहरी उपभोक्ताओं को हैंडहेल्ड मशीन से घर-घर बिजली के बिल दिए जाते है। लेकिन बिलिंग कंपनियां ड्यू डेट के ठीक एक दिन पहले ही बिल जनरेट करके लोगों को देती हैं। जिससे समयाभाव और पैसों के अरेंजमेंट के चक्कर में लोग अपना बिल ड्यू डेट से पहले नहीं जमा कर पाते और लेट पेमेंट के भागीदार बन जाते हैं।
विज्ञापन
रविवार के अंक में अमर उजाला ने बिलिंग कंपनी की इस लूट का खुलासा लेट पेमेंट के नाम पर चूना लगा रही बिलिंग कंपनी शीर्षक से खबर प्रकाशित करके किया था।
सोमवार को मुख्य अभियंता हर्ष मुंशी ने विद्युत वितरण खंड प्रथम के कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। जहां उन्हें प्राइवेट ट्यूबवेल का काम देखने वाले एक कपिल समेत करीब आधा दर्जन लोग अनुपस्थित मिले। जिसके लिए उन्होंने ड्यूटी से नदारद सभी लोगों का एक दिन का वेतन रोकते हुए उनसे स्पष्टीकरण मांगा है।