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लोकसभा का चुनाव हारा हूं... मगर परलोक सभा जीता हूं

Thu, 16 Aug 2018 11:32 PM IST
Updated Thu, 16 Aug 2018 11:32 PM IST
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लोकसभा का चुनाव हारा हूं... मगर परलोक सभा जीता हूं
गोंडा। गोंडा-बलरामपुर के लोगों से अटल जी का पुुराना रिश्ता रहा है। वर्ष 1957 में लखनऊ, मथुरा और बलरामपुर से जनसंघ से लोकसभा के चुनाव मैदान में उतरे अटल बिहारी बाजपेयी को मथुरा व लखनऊ में शिकस्त मिली। मगर वह बलरामपुर से 10 हजार वोट से चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंच गए। इसके बाद वर्ष 1962 में बलरामपुर लोकसभा सीट से अटल जी कांग्रेस की उम्मीदवार शुभद्रा जोशी से 2000 वोट से चुनाव हार गए थे, लेकिन वर्ष 1967 में उन्होंने बलरामपुर लोकसभा सीट से शुभद्रा जोशी से ही 31 हजार वोटों से चुनाव जीतकर जनसंघ का परचम लहराया दिया।
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पूर्व विधायक तुलसीदास राय चंदानी बताते हैं कि 1957 में वह फैैजाबाद से गोंडा आए और यहां संघ की सदस्यता ली। इसके बाद वर्ष 1962 के लोकसभा चुनाव में उनकी मुलाकात अटल जी से हुई। चुनाव में अटल जी ने उनकी ड्यूटी बलरामपुर के हरैय्याथ सतघरवा क्षेत्र के चार पोलिंग बूथों पर लगाई थी।
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पूर्व विधायक ने अटल जी की यादों को साझा करते हुए बताया कि वर्ष 1962 में बलरामपुर लोकसभा सीट से अटल जी कांग्रेस की उम्मीदवार शुभद्रा जोशी से 2 हजार वोट से चुनाव हार गए थे। कार्यकर्ता दुखी थे तो अटल जी ने कहा रोते क्यों हो, दोबारा आऊंगा, लड़ूंगा और जीतूंगा, दो हजार वोट मायने नहीं रखता। हुुआ भी वही, वर्ष 1967 में उन्होंने बलरामपुर लोकसभा सीट से एक बार फिर चुनाव जीतकर अपना परचम लहरा दिया।
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पूर्व विधायक बताते हैं कि इससे पहले वर्ष 1963 में राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद वह बलरामपुर के वीर विनय चौक पर आयोजित स्वागत समारोह में जनसभा को जब संबोधित कर रहे थे। तभी सभा में मौजूद उनके एक साथी पंडित जी ने अटल जी से सवाल किया कि लोकसभा चुनाव हार गए, तो अटल जी ने अपने चिरपरचित अंदाज में बोले, लोकसभा तो हार गया हूं, मगर परलोक सभा जीता हूूं।

फैक्ट फाइल
-1957 में-10000 वोट से बलरापुर लोकसभा सीट से चुनाव जीते
-1962 में बलरापुर लोकसभा सीट से 2000 वोट से चुनाव हारे
-1967 में बलरामपुर लोकसभा सीट से 31000 वोट से चुनाव जीते
-67 व 1986 से 1991 तक राज्यसभा के सदस्य रहे।

अटल के ड्रीम प्रोजेक्ट में था अयोध्या का रेलवे पुल
गोंडा से धार्मिक नगरी अयोध्या को जोड़ने वाला रेलवे पुल अटल के ड्रीम प्रोजेक्ट में था। वर्ष 2004 में अयोध्या में सरयू नदी पर बना पुल अटल की ही देन है। इस पुल का उद्घाटन भी अटल जी ने अपने प्रधानमंत्रित्वकाल में किया था। इससे देवीपाटन मंडल, बस्ती मंडल समेत गोरखपुर मंडल के जनपदों को रामनगरी जाने का रास्ता आसान हो गया।

भोजन कार्यकर्ताओं के यहां, मगर रात्रि विश्राम नागर जी के घर
पूर्व विधायक तुसलीदार राय चंदानी बताते हैं कि अटल जी जब भी गोंडा आते थे, जिस कार्यकर्ता ने उन्हें भोजन पर अपने घर बुला लिया तो वह किसी को इन्कार नहीं करते थे। भोजन करने तो कार्यकर्ताओं के यहां चले जाते थे। मगर रात में विश्राम पीपल तिराहे के समीप के रहने वाले मित्र नागर जी के यहां ही करते थे। बताते हैं कि नागर जी भी देर रात तक अटल जी के आने की प्रतीक्षा किया करते थे, उनके आने के बाद ही वह सोते थे।


एक माह तक गोंडा जेल में बंद रहे थे अटल
बलरामपुर से पहला लोकसभा चुनाव लड़कर राजनीति की लंबी पारी खेलने वाले पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी का गोंडा-बलरामपुर से भी पुराना रिश्ता रहा है। गोंडा में 1957 में गौ हत्या के विरोध में आंदोलन करने पर उन्हें जेल तक जाना पड़ा। अटल और उनके साथी ओमप्रकाश अग्रवाल (ओमला) को पुलिस ने 23 दिनों तक जेल में बंद रखा था।

ओमला के छोटे भाई पूर्व चेयरमैन नगर पालिका परिषद राजकिशोर अग्रवाल के मुताबिक वे जब भी दोनों से मिलने जेल जाते थे तो लौटते समय अटल कहते थे, अब आना तो आम का अचार साथ लेकर आना। राजकिशोर बताते ैं कि प्रधानमंत्री बनने के बाद अटल उनके बड़े भाई ओमला से हर 15 दिनों में एक बार फोन पर बात जरूर करते थे।

राज किशोर अग्रवाल बताते हैं कि बड़े भाई ओमला के साथ ही राजी बाजार के रहने वाले सत्य नारायन सोमानी भी अटल के अभिन्न मित्र थे। वह जब भी गोंडा आते थे, बड़े भाई के साथ ही सोमानी से मिलने उनके घर जाते थे। 1967 का वुनाव जीतने के बाद वे रानी बाजार स्थित घर पर आए और बड़े भाई ओमला से बोले कि अब कभी बलरामपुर नही जाऊंगा। इसी के बाद वह चले गए।


अम्मा, गरमा गरम रोटियां सिद्घे थाली में ही दियो
राजकिशोर अग्रवाल के अनुसार अटल जी उनके घर में रसोई में चूल्हे के पास ही बैठकर खाना खाते थे। उन्हें मां त्रिवेणी देवी के हाथ का खाना पसंद था। सादा भोजन करने वाले अटल जी को गरमागरम चपाती व मिस्सी रोटी बहुत पसंद थी। वे अक्सर मां से कहते थे, अम्मा गरता गरम रोटियां सिद्घे थाली में ही दियो। ओमला की बहू सुमन अग्रवाल पत्नी स्वर्गीय अनिल अग्रवाल के मुताबिक उनके पति अनिल अग्रवाल बताते थे कि अटल जी को सबसे ज्यादा आम का अचार और दही पसंद था। इसके बिना वे भोजन नहीं करते थे।
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