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सताधारी दल में बागियों ने अपनो के ही मुकाबले में ठोंकी ताल
Updated Mon, 06 Nov 2017 11:19 PM IST
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सत्ताधारी दल में अपनों सामने डटे हैं कई बागी
गोंडा। निकाय चुनाव में टिकट न मिलने की कलह सबसे अधिक सत्ताधारी दल भाजपा में दिखाई पड़ी है। सत्ताधारी दल के दो अलग अलग नगर अध्यक्ष पद पर पार्टी के बागियों ने अपनों के ही मुकाबले में ताल ठोंक दी है।
इन लोगों ने न सिर्फ अपना प्रचार प्रसार करना शुरू कर दिया बल्कि अपने पार्टी के उम्मीदवारों के सामने खुद भी नामांकन कर पार्टी के लोगों में हलचल मचा दी है।
जिले के नवाबगंज नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष पर कैसरगंज के भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह के करीबी व पार्टी कार्यकर्ता सत्येन्द्र सिंह ने सोमवार को नामांकन कर सबको चौंका दिया।
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यही नही उन्होंने भाजपा सांसद के पुत्र करण भूषण सिंह व उनके कई समर्थकों के साथ नवाबगंज कस्बे में लोगों से जनसम्पर्क कर प्रचार भी किया। उन्होंने यह नामांकन तब किया है जब पार्टी ने पूर्व नपाप अध्यक्ष अंजू सिंह को अपना उम्मीदवार घोषित करने के साथ सिंबल देकर उन्हें वहां से नामांकन करवा चुकी है।
ऐसे में कई नेता व कार्यकर्ता दोनों उम्मीदवारों में किसकी मदद करनी है इसको लेकर असमंज्जस में हैं। इसी तरह से सराफा कारोबारी व पूर्व नपं अध्यक्ष राजीव रस्तोगी भी भाजपा कार्यकर्ता हैं।
यह भी भाजपा से खरगूपुर नपं व गोंडा नपाप सीट से अध्यक्ष पद के लिए टिकट मांग रहे थे। बैनर पोस्टर लगाकर पा्रचार भी किया था लेकिन इन्हें टिकट नही मिल सका। टिकट न मिलने से इन्होंने खरगूपुर नपं अध्यक्ष पद से नामांकन कर दिया है।
जबकि खरगूपुर से पार्टी ने राजेश कुमार सोनी को उम्मीदवार बना रखा है। अब राजीव अपने पार्टी उम्मीदवार के सामने ही मैदान में उतर आएं हैं। बागियों के पार्टी के बिना इजाजत मैदान में कूद जाने से पार्टी उम्मीदवारों के सामने रोड़ा अटका दिया है।
पार्टी ने जिस उम्मीदवार के नाम से टिकट व सिम्बल एलाट किया है वही व्यक्ति पार्टी का उम्मीदवार है। इसके अलावा पार्टी की जिन कार्यकर्ताओं ने निर्दल उम्मीदवार के रूप में नामांकन कर दिया है उन्हें समझाया जाएगा। अभी नाम वापसी का भी समय है। पार्टी उम्मीदवार की मदद करने के बजाए अलग चुनाव लडना अनुशासनहीनता है न मानने वालों पर पार्टी कार्रवाई करेगी।
-पीयूष मिश्रा, जिलाध्यक्ष भाजपा गोंडा।
गोंडा। निकाय चुनाव में टिकट न मिलने की कलह सबसे अधिक सत्ताधारी दल भाजपा में दिखाई पड़ी है। सत्ताधारी दल के दो अलग अलग नगर अध्यक्ष पद पर पार्टी के बागियों ने अपनों के ही मुकाबले में ताल ठोंक दी है।
इन लोगों ने न सिर्फ अपना प्रचार प्रसार करना शुरू कर दिया बल्कि अपने पार्टी के उम्मीदवारों के सामने खुद भी नामांकन कर पार्टी के लोगों में हलचल मचा दी है।
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जिले के नवाबगंज नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष पर कैसरगंज के भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह के करीबी व पार्टी कार्यकर्ता सत्येन्द्र सिंह ने सोमवार को नामांकन कर सबको चौंका दिया।
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यही नही उन्होंने भाजपा सांसद के पुत्र करण भूषण सिंह व उनके कई समर्थकों के साथ नवाबगंज कस्बे में लोगों से जनसम्पर्क कर प्रचार भी किया। उन्होंने यह नामांकन तब किया है जब पार्टी ने पूर्व नपाप अध्यक्ष अंजू सिंह को अपना उम्मीदवार घोषित करने के साथ सिंबल देकर उन्हें वहां से नामांकन करवा चुकी है।
ऐसे में कई नेता व कार्यकर्ता दोनों उम्मीदवारों में किसकी मदद करनी है इसको लेकर असमंज्जस में हैं। इसी तरह से सराफा कारोबारी व पूर्व नपं अध्यक्ष राजीव रस्तोगी भी भाजपा कार्यकर्ता हैं।
यह भी भाजपा से खरगूपुर नपं व गोंडा नपाप सीट से अध्यक्ष पद के लिए टिकट मांग रहे थे। बैनर पोस्टर लगाकर पा्रचार भी किया था लेकिन इन्हें टिकट नही मिल सका। टिकट न मिलने से इन्होंने खरगूपुर नपं अध्यक्ष पद से नामांकन कर दिया है।
जबकि खरगूपुर से पार्टी ने राजेश कुमार सोनी को उम्मीदवार बना रखा है। अब राजीव अपने पार्टी उम्मीदवार के सामने ही मैदान में उतर आएं हैं। बागियों के पार्टी के बिना इजाजत मैदान में कूद जाने से पार्टी उम्मीदवारों के सामने रोड़ा अटका दिया है।
पार्टी ने जिस उम्मीदवार के नाम से टिकट व सिम्बल एलाट किया है वही व्यक्ति पार्टी का उम्मीदवार है। इसके अलावा पार्टी की जिन कार्यकर्ताओं ने निर्दल उम्मीदवार के रूप में नामांकन कर दिया है उन्हें समझाया जाएगा। अभी नाम वापसी का भी समय है। पार्टी उम्मीदवार की मदद करने के बजाए अलग चुनाव लडना अनुशासनहीनता है न मानने वालों पर पार्टी कार्रवाई करेगी।
-पीयूष मिश्रा, जिलाध्यक्ष भाजपा गोंडा।