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Gonda News: करनैलगंज में 600 बीघे भूमि सरयू में समाई
Thu, 17 Jul 2025 11:26 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Thu, 17 Jul 2025 11:26 PM IST
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करनैलगंज में कटान रोकने के लिए की गई व्यवस्था। स्रोत: सोशल मीडिया
करनैलगंज (गोंडा)। सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान से एक मीटर नीचे स्थिर है। अभी बाढ़ के हालात नहीं बने हैं, लेकिन उफनाई नदी कटान कर रही है। करीब छह सौ बीघे खेती योग्य भूमि नदी में समा चुकी है।
बरसात का पानी ही अब तक विभिन्न बैराजों से छोड़ा गया है। अब पहाड़ी नालों का पानी बैराजों से छोड़ने का समय आ रहा है। जुलाई के अंतिम सप्ताह से बाढ़ का दौर शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में बहुवन मदार मांझा, चंदापुर किटौली, बांसगांव, पारा, बेहटा, मांझा रायपुर, परसावल गांव पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। उधर स्पर व ठोकर का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। दूसरी तरफ बांध और नदी के बीच की दूरी को देख आसपास के ग्रामीणों में चिंता है। पानी बढ़ने पर इस बार नदी का रुख सीधे बांध की तरफ होगा। बाढ़ खंड के सहायक अभियंता पंकज आर्य का कहना है कि निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। कटान रोकने के लिए नदी के मुहाने पर बचाव कार्य किया जा चुका है।
घट रहा जलस्तर, लेकिन कटान से बढ़ी चिंता
विश्नोहरपुर (गोंडा)। माझा क्षेत्र में सरयू का जलस्तर घटने लगा है। लोग राहत की सांस ले रहे हैं। वहीं, साकीपुर के दो मजरों में कटान से चिंता बढ़ गई है। बहादुरपुर से सरयू से निकली धारा मैदानी क्षेत्र में बह रही है। गांवों में अभी पानी नहीं घुसा है। ढेमवा मार्ग जलमग्न होने से समस्याएं बढ़ गई थीं, लेकिन नाव संचालन शुरू होने से लोगों का आवागमन शुरू हो गया है। साकीपुर के चहलावा व शुक्ल पुरवा माझा तथा दत्तनगर के बाड़ी माझा में पिछले वर्ष कटान से प्रभावित दर्जनों लोगों को मुआवजे की आस है। दत्तनगर प्रधान राजाराम ने बताया कि गांव के दर्जनों लोग मुआवजे के लिए कई बार लेखपाल से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। (संवाद)
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बरसात का पानी ही अब तक विभिन्न बैराजों से छोड़ा गया है। अब पहाड़ी नालों का पानी बैराजों से छोड़ने का समय आ रहा है। जुलाई के अंतिम सप्ताह से बाढ़ का दौर शुरू होने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में बहुवन मदार मांझा, चंदापुर किटौली, बांसगांव, पारा, बेहटा, मांझा रायपुर, परसावल गांव पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। उधर स्पर व ठोकर का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। दूसरी तरफ बांध और नदी के बीच की दूरी को देख आसपास के ग्रामीणों में चिंता है। पानी बढ़ने पर इस बार नदी का रुख सीधे बांध की तरफ होगा। बाढ़ खंड के सहायक अभियंता पंकज आर्य का कहना है कि निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। कटान रोकने के लिए नदी के मुहाने पर बचाव कार्य किया जा चुका है।
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घट रहा जलस्तर, लेकिन कटान से बढ़ी चिंता
विश्नोहरपुर (गोंडा)। माझा क्षेत्र में सरयू का जलस्तर घटने लगा है। लोग राहत की सांस ले रहे हैं। वहीं, साकीपुर के दो मजरों में कटान से चिंता बढ़ गई है। बहादुरपुर से सरयू से निकली धारा मैदानी क्षेत्र में बह रही है। गांवों में अभी पानी नहीं घुसा है। ढेमवा मार्ग जलमग्न होने से समस्याएं बढ़ गई थीं, लेकिन नाव संचालन शुरू होने से लोगों का आवागमन शुरू हो गया है। साकीपुर के चहलावा व शुक्ल पुरवा माझा तथा दत्तनगर के बाड़ी माझा में पिछले वर्ष कटान से प्रभावित दर्जनों लोगों को मुआवजे की आस है। दत्तनगर प्रधान राजाराम ने बताया कि गांव के दर्जनों लोग मुआवजे के लिए कई बार लेखपाल से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। (संवाद)
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