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500 सड़कें होंगी गड्ढामुक्त, 100 की होगी मरम्मत

Fri, 22 Nov 2019 10:27 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 22 Nov 2019 10:27 PM IST
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500 roads will be pit free, 100 will be repaired
गोंडा में जर्जर धानेपुर दतौली-पूरेगोनई मार्ग। - फोटो : GONDA
गोंडा। विकास के नाम पर चुप्पी साधे विभाग हरकत में आ गए हैं। बीते दिनों देवीपाटन मंडल में विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान सीएम ने गड्ढायुक्त सड़कों को देखकर नाराजगी जताई थी। केवल नई सड़कों के निर्माण पर लगे अधिकारियों पर सीधी कार्रवाई करने की चेतावनी दी थी और 30 नवंबर की डेडलाइन तय कर दी कि सभी सड़कें हर हाल में गड्ढा मुक्त होनी चाहिए। हरकत में आए लोक निर्माण विभाग ने दो दिनों में खाका तैयार कर काम शुरू करा दिया। जिले की चार हजार किलोमीटर की सड़कों में पांच सौ से अधिक सड़कें गड्ढायुक्त हैं। इनमें 492 सड़कों पर पैचिंग का कार्य होना है और 100 सड़कें पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं जिनका रिनीवल किया जाना है। पैचिंग कार्य पर 218 लाख रुपए खर्च होंगे, जबकि रिनीवल के लिए करीब दस करोड़ रुपये के बजट की मांग की गई है।
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जिले में 4000 किलोमीटर में बिछीं करीब 1800 सड़कें हैं। इनमें ओडीआर (लंबी दूरी की सड़क), एमडीआर यानि मध्यम दूरी तथा ग्रामीण सड़कें शामिल हैं। अधिकांश ग्रामीण क्षेत्र की सड़कें ही जर्जर हैं। लोनिवि की तीन शाखाओं के तहत आने वाली 492 सड़कों में करीब 500 किलोमीटर में पैचिंग का कार्य कराना जाना है। हालांकि 30 नवंबर तक गड्ढामुक्त कराना आसान नहीं होगा, लेकिन विभाग के अधिकारी दावा करते हैं कि कार्य पूरा करा लिया जाएगा। 100 ग्रामीण सड़कों की स्थिति तो बहुत ही दयनीय है। इन सड़कों की मरम्मत होनी हैं। इन पर पैचिंग कार्य नहीं हो सकता है। इसलिए इन सड़कों का आगणन विभाग अलग से तैयार कर रहा है। माना जा रहा है कि इनके मरम्मत पर करीब दस करोड़ रुपये से अधिक का खर्च आएगा।
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ग्रामीण क्षेत्र की नई सड़क निर्माण पर 50 लाख का आता है खर्च
विभागीय लोगों का मानना है कि यदि नई सड़कों के लिए आने वाले बजट का 20 प्रतिशत रोक लिया जाए तो उससे पुरानी सड़कों का पुननिर्माण हो सकता है। पैचिंग पर धनराशि खर्च होती है लेकिन वह फिर उखड़ जाती है। नई सड़क के निर्माण पर करीब 50 लाख रुपए की लागत आती है। नई सड़कों की डिमांड के कारण पुरानी सड़कें टूटती जा रही हैं और पैचिंग के बाद ये रुकती नहीं हैं। जो पैचिंग कराने लायक सड़कें हैं उनका कार्य प्रारंभ भी कर दिया गया है।
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एक साल में तीन बार हो चुकी है पैचिंग
कचेहरी स्टेशन से आयल डिपो के बगल से निकलने वाली सड़क का एक साल में तीन बार पैचिंग कराया गया लेकिन वह सड़क कभी गड्ढामुक्त नहीं हो सकी। इसी तरह रेलवे ओवर ब्रिज पर छह माह में दो बार पैचिंग का कार्य कराया गया। एक साल पहले एलबीएस चौराहे से बस स्टेशन तक की सड़क की पैचिंग कराई गई, लेकिन यह सड़क तीन माह भी नहीं चली और पूरी तरह से खत्म हो गई है।

सड़कें जिनकी होनी है पैचिंग
संस्था लागत सड़कों की संख्या किलोमीटर
सीडी-1 76.30 67 120
सीडी-2 80.50 213 200
पीडी 62.02 212 200
नोट-लागत लाख रुपये में है।
समय पर पूरा कर लिया जाएगा कार्य
जिले की सभी सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का कार्य शुरू कर दिया गया है। कुछ सड़कों की पैचिंग का कार्य पूरा भी हो चुका है। जो बची हैं उनका समय के अंदर कार्य पूरा हो जाएगा। जिन सड़कों पर पैचिंग नहीं हो सकती उनके लिए अलग से आगणन तैयार कराया जा रहा है। -शशी भूषण, मुख्य अभियंता देवीपाटन मंडल।
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