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अब तक बिना टिकट पकड़े गए 50 हजार मजदूर पेशा यात्री

Fri, 09 Jul 2021 09:27 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 09 Jul 2021 09:27 PM IST
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50 thousand laborer profession passenger caught without ticket
गोंडा। कोरोना कॉल में इन दिनों संचालित हो रही ट्रेनों में बिना टिकट यात्रा करने वालों की संख्या बढ़ गई। कोरोना प्रोटोकॉल को देखते हुए इन दिनों ट्रेनों के सभी डिब्बे आरक्षित हैं।
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लेकिन दूसरे प्रदेशों में मजदूरी को जा रहे बेरोजगार पहले तो डिब्बों में चढ़ लेता है, बाद में रेलवे इन्हीं बेरोजगारों व मजदूरों से बिना टिकट के आरोप में जुर्माना वसूलती है। रेलवे टीम द्वारा बिना टिकट पकड़े गए लोगों का कहना रहा कि यह तो वही बात हुई कि जबरा मारै और रोवै न दे।
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देश के सबसे बड़े संस्थान भारतीय रेलवे का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी तमाम बार उसकी दुश्वारियां यात्रियों पर भारी पड़ी है। जिसका खामियाजा लोगों को भारी-भरकम जुर्माने के रूप में अदा करना पड़ा है।
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ताजा मामला गोंडा जंक्शन पर आए दिन पकड़े जाने वाले उन बेटिकट यात्रियों का है, जो एक बड़ी संख्या में गोररखपुर से बलरामपुर के रास्ते मुम्बई जाने के लिए यात्रा करते हैं। जिन्हें ना तो स्टेशन पर रोका जाता है ना ही यह बताया जाता है कि ट्रेन में कोविड गाइडलाइन का पालन करते हुए ही बैठने की जगह दी जाएगी।
और यही बेरोजगारी जब गोण्डा स्टेशन पर पहुंचते हैं तो चेकिंग लगाकर उन्हें पकड़ लिया जाता है और उनसे किराया के साथ ही जुमार्ना के तौर पर रकम वसूली जाती है। फिर चाहे उन्हें इसके लिए अपनी घड़ी बेचनी पड़े या फिर अंगूठी या चैन।
पिछले 20 दिनों से गोंडा रेलवे स्टेशन पर करीब चार हजार यात्रियों, जिनमें लगभग सभी बेरोजगार लोगों को बिना टिकट ट्रेन में सफर करते हुए पकड़ा गया। जिनसे करीब 5 लाख रुपये से अधिक जुर्माना के रूप में वसूली की गई। जिनके पास किराये तक के पैसे नहीं थे।
बाद में इन्हीं लोगों ने जैसे-तैसे अपना सामान बेचकर जुर्माने की रकम अदा की। यह मामला गोररखपुर से वाया बलरामपुर होकर जाने वाली पनवेल व बान्द्रा ट्रेनों का है।
रेलवे के पास टीटीई और रेलवे सुरक्षा बल की एक भारी-भरकम फौज है जो कि बिना कोविड गाइडलाइन के अनुपालन ट्रेन में सफर करने से पहले ही बेरोजगारों को उस में बैठने से रोक सकती है।
लेकिन ऐसा ना करके टीईटी व आपीएफ पहले उन्हें बिना टिकट ट्रेन में बैठने की छूट देती है और बाद में जब वह पकड़े जाते हैं तो उनसे जुर्माने के तौर पर रुपये की वसूली करती है। मंडल वाणिज्य प्रबंधक अनुज सिंह का कहना है कि ट्रेनें गोरखपुर से चलने के बाद गोंडा तक आने के बीच में 6 व 7 स्टेशन पड़ते हैं।

ये लोग इन्ही बीच के ही स्टेशन पर भारी संख्या में बिना टिकट बैठ जाते हैं। जिनकी सूचना मिलते ही गोंडा रेलवे स्टेशन पर संबंधित ट्रेन को रोककर चेकिंग कराया जाता है और जो बिना टिकट पाए जाते हैं उन्हें जुर्माना के रूप में वसूली की जाती है।
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