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इंटर कालेजों के छात्रों को देनी होगी 75 फीसदी उपस्थिति
Updated Wed, 15 Aug 2018 01:46 AM IST
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इंटर कालेजों के छात्रों की 75 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य
गोंडा। बोर्ड परीक्षा में नकल रोकने के लिए कई ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। कॉलेजों में सीसीटीवी के प्रयोग के बाद शैक्षिक सुधार की पहल हुई है। पढ़ाई से कन्नी काट रहे छात्रों को बोर्ड परीक्षा देना आसान नहीं होगा।
अब 75 फीसदी स्कूल में उपस्थिति देनी ही होगी। इससे कम पर छात्र ब्लैक लिस्ट होंगे और उन्हें परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र नहीं मिलेगा। शिक्षाधिकारियों की मानें तो छात्र स्कूल में उपस्थित होकर पढे़ंगेे तो नकल की होड़ में कमी आएगी।
इसके लिए प्रधानाचार्यों को सख्त हिदायत दी गई है। डीआईओएस अनूप कुमार कहते हैं कि, शैक्षिक सुधार के ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने प्रधानाचार्यों को पढ़ाई के लिए विशेष प्रयास के निर्देश दिए हैं।
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हाईस्कूल व इंटर की परीक्षा माह फरवरी में संभावित बताई जा रही है। मौजूदा समय में परीक्षा फॉर्म ऑनलाइन भरे जा रहे हैं। शैक्षिक सत्र भी बीतने की ओर है। पढ़ाई की व्यवस्था सुधारने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत बताई जा रही है।
डीआईओएस ने कार्यभार ग्रहण के बाद कई स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में छात्रों की उपस्थिति कम पाए जाने पर उन्होंने नाराजगी भी जताई और सुधार के निर्देश दिए थे। अब छात्रों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए परीक्षा के लिए 75 फीसदी की उपस्थिति जरूरी किया जा रहा है।
स्नातक व व्यवसायिक शिक्षा में पहले से उपस्थिति की सीमा तय है। स्नातक कक्षाओं मेें परीक्षा के लिए 75 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य है। इसके अलावा व्यवसायिक शिक्षा में तो बायोमीट्रिक हाजिरी की व्यवस्था है। अब इंटर तक की कक्षाओं में भी हाजिरी बढ़ाने की पहल शुरू हुई है।
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गोंडा। बोर्ड परीक्षा में नकल रोकने के लिए कई ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। कॉलेजों में सीसीटीवी के प्रयोग के बाद शैक्षिक सुधार की पहल हुई है। पढ़ाई से कन्नी काट रहे छात्रों को बोर्ड परीक्षा देना आसान नहीं होगा।
अब 75 फीसदी स्कूल में उपस्थिति देनी ही होगी। इससे कम पर छात्र ब्लैक लिस्ट होंगे और उन्हें परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र नहीं मिलेगा। शिक्षाधिकारियों की मानें तो छात्र स्कूल में उपस्थित होकर पढे़ंगेे तो नकल की होड़ में कमी आएगी।
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इसके लिए प्रधानाचार्यों को सख्त हिदायत दी गई है। डीआईओएस अनूप कुमार कहते हैं कि, शैक्षिक सुधार के ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने प्रधानाचार्यों को पढ़ाई के लिए विशेष प्रयास के निर्देश दिए हैं।
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हाईस्कूल व इंटर की परीक्षा माह फरवरी में संभावित बताई जा रही है। मौजूदा समय में परीक्षा फॉर्म ऑनलाइन भरे जा रहे हैं। शैक्षिक सत्र भी बीतने की ओर है। पढ़ाई की व्यवस्था सुधारने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत बताई जा रही है।
डीआईओएस ने कार्यभार ग्रहण के बाद कई स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में छात्रों की उपस्थिति कम पाए जाने पर उन्होंने नाराजगी भी जताई और सुधार के निर्देश दिए थे। अब छात्रों की उपस्थिति बढ़ाने के लिए परीक्षा के लिए 75 फीसदी की उपस्थिति जरूरी किया जा रहा है।
स्नातक व व्यवसायिक शिक्षा में पहले से उपस्थिति की सीमा तय है। स्नातक कक्षाओं मेें परीक्षा के लिए 75 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य है। इसके अलावा व्यवसायिक शिक्षा में तो बायोमीट्रिक हाजिरी की व्यवस्था है। अब इंटर तक की कक्षाओं में भी हाजिरी बढ़ाने की पहल शुरू हुई है।