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लापरवाही पड़ी भारी, पीओ नेडा व मण्डी सचिव के निलम्बन की संस्तुति
Updated Sun, 18 Mar 2018 11:03 PM IST
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मंडी सचिव और नेडा अफसर के निलंबन की संस्तुति
गोंडा। जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ डीएम ने कठोर कार्रवाई शुरू कर दी है। रविवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आईजीआरएस की समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी जेबी सिंह ने आइजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों को निस्तारित न करने तथा बैठक में कभी न आने के कारण नेडा के प्रोजेक्ट अफसर व मंडी सचिव को निलंबित किए जाने के लिए शासन को पत्र भेजकर संस्तुति की है।
वहीं डिफाल्टर शिकायतों को दो दिन के भीतर निस्तारित कर रिपोर्ट देने के आदेश सभी संबंधित अधिकारियों को दिए गए हैं।
जिलाधिकारी जेबी सिंह ने आईजीआरएस व अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा के लिए रविवार को आपात बैठक बुलाई जिसमें नेडा के प्रोजेक्ट अफसर एके मिश्रा और मंडी सचिव अजीत चौधरी बिना सूचना अनुपस्थित पाए गए व दोनों अधिकारियों के लॉगिन पर डिफाल्टर शिकायतें लंबित पाई गईं।
जिलाधिकारी ने दोनों अधिकारियों को निलंबित करने के लिए शासन को पत्र लिखने के निर्देश दिए हैं। लंबित शिकायतों को निस्तारित करने के लिए उन्होंने 21 मार्च तक की मोहलत दी है।
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उन्होंने चेतावनी दी है कि 22 मार्च को फिर से वे आईजीआरएस की समीक्षा करेंगे और उसमें यदि किसी भी अधिकारी के लॉगिन पर डिफाल्टर शिकायतें पाई गईं तो निश्चित ही संबंधित अधिकारी को दंडित किया जाएगा।
समीक्षा में ज्ञात हुआ कि विभिन्न स्तर पर 258 शिकायतें समयावधि बीत जाने के बाद तथा 292 शिकायतें समयावधि के अंतर्गत सहित कुल 550 शिकायतें निस्तारण के लिए लंबित हैं। इसी प्रकार तहसील तरबगंज के स्तर पर 167, एसडीएम सदर के स्तर पर 176, एसडीएम मनकापुर के स्तर पर 129, एसडीएम करनैलगंज के स्तर पर 49 व तहसीलदार सदर के स्तर पर 64 शिकायतों सहित 630 शिकायतें लंबित हैं।
पंचायतीराज विभाग के स्तर पर 61, जिला विकास अधिकारी के स्तर पर 59, पीडी के स्तर पर 72, सीडीओ के स्तर पर 41, एक्सईएन विद्युत के स्तर पर 42 तथा पुलिस अधीक्षक गोंडा के स्तर पर 81 शिकायतों सहित 550 शिकायतें लंबित पाई गईं।
जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को 21 मार्च तक शिकायतों का शत-प्रतिशत निस्तारण कर 22 मार्च को मीटिंग में अनिवार्य रूप से उपस्थित होने के आदेश दिए हैं। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए है कि जन शिकायतों का निस्तारण समयावधि के भीतर सुनिश्चित करें और यह भी सुनिश्चित करें कि शिकायतों का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण हो।
बैठक में अपर जिलाधिकारी रत्नाकर मिश्र, सिटी मजिस्ट्रेट पीडी गुप्ता, एसडीएम करनैलगंज माया शंकर यादव, एसडीएम मनकापुर उमेशचन्द्र उपाध्याय, एसडीएम तरबगंज सौरभ भट्ट, डीएफओ टी रंगाराजू, सीएमओ डा संतोष श्रीवास्तव, पीडी डीआरडीए वीरपाल, जिला समाज कल्याण अधिकारी अंजनी वर्मा, बीएसए संतोष कुमार देव पांडेय, एलडीएम गोंडा, जिला कृषि अधिकारी विनय सिंह, सभी तहसीलदार, ई-ड्रिस्ट्रिक्ट मैनेजर अमित गुप्ता, जन शिकायत लिपिक संजय श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
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गोंडा। जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ डीएम ने कठोर कार्रवाई शुरू कर दी है। रविवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आईजीआरएस की समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी जेबी सिंह ने आइजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों को निस्तारित न करने तथा बैठक में कभी न आने के कारण नेडा के प्रोजेक्ट अफसर व मंडी सचिव को निलंबित किए जाने के लिए शासन को पत्र भेजकर संस्तुति की है।
वहीं डिफाल्टर शिकायतों को दो दिन के भीतर निस्तारित कर रिपोर्ट देने के आदेश सभी संबंधित अधिकारियों को दिए गए हैं।
जिलाधिकारी जेबी सिंह ने आईजीआरएस व अन्य माध्यमों से प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की समीक्षा के लिए रविवार को आपात बैठक बुलाई जिसमें नेडा के प्रोजेक्ट अफसर एके मिश्रा और मंडी सचिव अजीत चौधरी बिना सूचना अनुपस्थित पाए गए व दोनों अधिकारियों के लॉगिन पर डिफाल्टर शिकायतें लंबित पाई गईं।
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जिलाधिकारी ने दोनों अधिकारियों को निलंबित करने के लिए शासन को पत्र लिखने के निर्देश दिए हैं। लंबित शिकायतों को निस्तारित करने के लिए उन्होंने 21 मार्च तक की मोहलत दी है।
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उन्होंने चेतावनी दी है कि 22 मार्च को फिर से वे आईजीआरएस की समीक्षा करेंगे और उसमें यदि किसी भी अधिकारी के लॉगिन पर डिफाल्टर शिकायतें पाई गईं तो निश्चित ही संबंधित अधिकारी को दंडित किया जाएगा।
समीक्षा में ज्ञात हुआ कि विभिन्न स्तर पर 258 शिकायतें समयावधि बीत जाने के बाद तथा 292 शिकायतें समयावधि के अंतर्गत सहित कुल 550 शिकायतें निस्तारण के लिए लंबित हैं। इसी प्रकार तहसील तरबगंज के स्तर पर 167, एसडीएम सदर के स्तर पर 176, एसडीएम मनकापुर के स्तर पर 129, एसडीएम करनैलगंज के स्तर पर 49 व तहसीलदार सदर के स्तर पर 64 शिकायतों सहित 630 शिकायतें लंबित हैं।
पंचायतीराज विभाग के स्तर पर 61, जिला विकास अधिकारी के स्तर पर 59, पीडी के स्तर पर 72, सीडीओ के स्तर पर 41, एक्सईएन विद्युत के स्तर पर 42 तथा पुलिस अधीक्षक गोंडा के स्तर पर 81 शिकायतों सहित 550 शिकायतें लंबित पाई गईं।
जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को 21 मार्च तक शिकायतों का शत-प्रतिशत निस्तारण कर 22 मार्च को मीटिंग में अनिवार्य रूप से उपस्थित होने के आदेश दिए हैं। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए है कि जन शिकायतों का निस्तारण समयावधि के भीतर सुनिश्चित करें और यह भी सुनिश्चित करें कि शिकायतों का निस्तारण गुणवत्तापूर्ण हो।
बैठक में अपर जिलाधिकारी रत्नाकर मिश्र, सिटी मजिस्ट्रेट पीडी गुप्ता, एसडीएम करनैलगंज माया शंकर यादव, एसडीएम मनकापुर उमेशचन्द्र उपाध्याय, एसडीएम तरबगंज सौरभ भट्ट, डीएफओ टी रंगाराजू, सीएमओ डा संतोष श्रीवास्तव, पीडी डीआरडीए वीरपाल, जिला समाज कल्याण अधिकारी अंजनी वर्मा, बीएसए संतोष कुमार देव पांडेय, एलडीएम गोंडा, जिला कृषि अधिकारी विनय सिंह, सभी तहसीलदार, ई-ड्रिस्ट्रिक्ट मैनेजर अमित गुप्ता, जन शिकायत लिपिक संजय श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।