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विवाद से आहत होकर खुद चले गए थे बाबा खरखरदास
Updated Sun, 18 Jun 2017 11:49 PM IST
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विवाद से आहत होकर खुद चले गए थे बाबा खरखरदास
संतकबीरनगर से मिले बाबा, पुलिस ने मीडिया के सामने पेश किया
अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा। कोतवाली देहात क्षेत्र के सोनवरसा मंदिर के पुजारी के अपहरण का रविवार को नाटकीय ढंग से पटाक्षेप हो गया। पुलिस ने उन्हें बरामद कर मीडिया के सामने पेश किया। बाबा खरखरदास ने बताया उनका किसी ने अपहरण नही किया था बल्कि वह खुद जमीन विवाद से आहत होकर अपने गांव चले गए थे। बता दे कि बाबा के गायब होने के बाद उनके अनुयायियों ने गोंडा उतरौला मार्ग जाम कर धरना प्रदर्शन किया था। इस मामले में पुलिस ने अज्ञात लोगो के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज किया था।
कोतवाली देहात क्षेत्र के सोनवरसा स्थित मंदिर के पुजारी बाबा खरखरदास का 12 जून को सोनवरसा गांव के ओम प्रकाश चौधरी से मंदिर से सटी जमीन पर कब्जे को लेकर विवाद हो गया था। इस विवाद के बाद बाबा खरखरदास ने सालपुर पुलिस चौकी पर इसकी लिखित शिकायत की थी लेकिन पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय मामले को रफादफा कर दिया था। इसके अगले ही दिन सुबह बाबा खरखरदास रहस्यमय तरीके से अपनी कुटिया से गायब हो गए थे। बाबा की बरामदगी को लेकर 15 जून को उनके अनुयायी सड़क पर उतर आए थे और गोंडा उतरौला मार्ग जाम कर दिया था। क्षेत्राधिकारी सदर भरत यादव व उपजिलाधिकारी वीके सिंह के साथ मेहनौन क्षेत्र के भाजपा विधायक विनय कुमार द्विवेदी के समझाने पर लोग माने थे और बाबा को जल्द बरामद किए जाने की मांग की थी। इस मामले में देहात कोतवाली में अज्ञात लोगों के खिलाफ बाबा के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार सिंह ने बताया कि 18 जून को बाबा खरखरदास को उनके पैतृक निवास हरिहरपुर थाना महुली जनपद संतकबीरनगर से बरामद कर लिया गया। रविवार को पुलिस ने बाबा को मीडिया के सामने पेश किया। बाबा खरखरदास ने बताया बताया कि उनका अपहरण नही हुआ था बल्कि वह खुद इस विवाद से आहत होकर अपने गांव चले गए थे। एसपी ने बताया कि बाबा को पुलिस अभिरक्षा में उनके मंदिर पहुंचा दिया गया है। बाबा को बरामद करने वाली टीम में कोतवाल देहात सदानंद सिंह के अलावा खोरहसा चौकी इंचार्ज रतन पांडेय व उपनिरीक्षक मनोज कुमार सिंह शामिल रहे।
इनसेट
सड़क जाम करने वालों पर हो सकती है कार्रवाई
गोंडा। बाबा खरखरदास की बरामदगी के बाद पुलिस ने भले ही राहत की सांस ली हो लेकिन बाबा की बरामदगी के लिए सड़क पर उतरने वाले उनके अनुयायियों की नींद हराम हो सकती है। एसपी उमेश कुमार सिंह ने सड़क जाम करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई के संकेत दिए हैं। रविवार को एसपी ने बताया कि जिस ढंग से आम लोगो को भड़काकर अचानक सड़क को जाम किया गया उसमें किसी बड़े साजिश की बू आ रही है। पुलिस सड़क जाम करने वाले लोगों को चिन्हित कर रही है। जल्द ही ऐसे लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
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फोटो: 7
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संतकबीरनगर से मिले बाबा, पुलिस ने मीडिया के सामने पेश किया
अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा। कोतवाली देहात क्षेत्र के सोनवरसा मंदिर के पुजारी के अपहरण का रविवार को नाटकीय ढंग से पटाक्षेप हो गया। पुलिस ने उन्हें बरामद कर मीडिया के सामने पेश किया। बाबा खरखरदास ने बताया उनका किसी ने अपहरण नही किया था बल्कि वह खुद जमीन विवाद से आहत होकर अपने गांव चले गए थे। बता दे कि बाबा के गायब होने के बाद उनके अनुयायियों ने गोंडा उतरौला मार्ग जाम कर धरना प्रदर्शन किया था। इस मामले में पुलिस ने अज्ञात लोगो के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज किया था।
कोतवाली देहात क्षेत्र के सोनवरसा स्थित मंदिर के पुजारी बाबा खरखरदास का 12 जून को सोनवरसा गांव के ओम प्रकाश चौधरी से मंदिर से सटी जमीन पर कब्जे को लेकर विवाद हो गया था। इस विवाद के बाद बाबा खरखरदास ने सालपुर पुलिस चौकी पर इसकी लिखित शिकायत की थी लेकिन पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय मामले को रफादफा कर दिया था। इसके अगले ही दिन सुबह बाबा खरखरदास रहस्यमय तरीके से अपनी कुटिया से गायब हो गए थे। बाबा की बरामदगी को लेकर 15 जून को उनके अनुयायी सड़क पर उतर आए थे और गोंडा उतरौला मार्ग जाम कर दिया था। क्षेत्राधिकारी सदर भरत यादव व उपजिलाधिकारी वीके सिंह के साथ मेहनौन क्षेत्र के भाजपा विधायक विनय कुमार द्विवेदी के समझाने पर लोग माने थे और बाबा को जल्द बरामद किए जाने की मांग की थी। इस मामले में देहात कोतवाली में अज्ञात लोगों के खिलाफ बाबा के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार सिंह ने बताया कि 18 जून को बाबा खरखरदास को उनके पैतृक निवास हरिहरपुर थाना महुली जनपद संतकबीरनगर से बरामद कर लिया गया। रविवार को पुलिस ने बाबा को मीडिया के सामने पेश किया। बाबा खरखरदास ने बताया बताया कि उनका अपहरण नही हुआ था बल्कि वह खुद इस विवाद से आहत होकर अपने गांव चले गए थे। एसपी ने बताया कि बाबा को पुलिस अभिरक्षा में उनके मंदिर पहुंचा दिया गया है। बाबा को बरामद करने वाली टीम में कोतवाल देहात सदानंद सिंह के अलावा खोरहसा चौकी इंचार्ज रतन पांडेय व उपनिरीक्षक मनोज कुमार सिंह शामिल रहे।
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सड़क जाम करने वालों पर हो सकती है कार्रवाई
गोंडा। बाबा खरखरदास की बरामदगी के बाद पुलिस ने भले ही राहत की सांस ली हो लेकिन बाबा की बरामदगी के लिए सड़क पर उतरने वाले उनके अनुयायियों की नींद हराम हो सकती है। एसपी उमेश कुमार सिंह ने सड़क जाम करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई के संकेत दिए हैं। रविवार को एसपी ने बताया कि जिस ढंग से आम लोगो को भड़काकर अचानक सड़क को जाम किया गया उसमें किसी बड़े साजिश की बू आ रही है। पुलिस सड़क जाम करने वाले लोगों को चिन्हित कर रही है। जल्द ही ऐसे लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
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