फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gonda News ›   40 meter cut ring dam, two tube bag also in the river capacitance

40 मीटर कटा रिंग बांध, दो जियो ट्यूब भी नदी में समाई

Sun, 16 Jul 2017 11:11 PM IST
amar ujala
amar ujala Updated Sun, 16 Jul 2017 11:11 PM IST
विज्ञापन
 घाघरा नदी के घटते जलस्तर से कटान तेज हो गई है। एल्गिन चरसड़ी बांध को बचाने के लिए बनाया गया रिंग बांध रविवार को इस कटान की जद में आ गया और कट वन का करीब 100 मीटर हिस्सा नदी की धारा में समा गया।
विज्ञापन


इस कटान के बाद रिंग बांध के आस्तित्व पर संकट खड़ा हो गया है। एल्गिन चरसड़ी बांध के कट टू का 40 मीटर हिस्सा भी कटकर नदी में समा गया और इस कट को बचाने के लिए लगाई गई दो जियो ट्यूब भी नदी की धारा में बह गई। इस कटान के कारण रविवार को लोनियनपुरवा, अहिरनपुरवा, प्रतापपुर व घरकुइयां गांव नदी के निशाने पर आ गए हैं। 
विज्ञापन


शनिवार से घाघरा नदी के घटते जलस्तर ने प्रशासन को भले ही राहत दी हो लेकिन बाढ़ पीड़ितों की मुसीबतों पर इस घटते जलस्तर का कोई फर्क नही पड़ा है। रविवार की शाम तक 2 नये मजरे अहिरनपुरवा व लोनियनपुरवा बाढ़ के पानी से घिर गये। इसके बाद बाढ़ से प्रभावित गांवों की संख्या 122 तक पहुंच गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


बाढ़ से प्रभावित नकहरा और काशीपुर के मजरों में पानी तेजी से घट रहा है।बावलूद इसके पानी के फैलाव के चलते आने जाने वाले रास्ते पानी में डूबे हुए है और लोगो को आने जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अन्य प्रभावित गांवों में पानी की स्थिति जस की तस बनी हुई है।

घाघरा नदी का जलस्तर जैसे जैसे घट रहा है नदी की कटान तेज होती जा रही है। रविवार को एल्गिन-चरसड़ी बांध के कटे हुए हिस्से कट-टू का और 40 मीटर हिस्सा कटान की चपेट में आ गया और इस कट को बचाने के लिए लगाई गई दो जियो टयूब दो लेन बालू समेत नदी में समा गई।

प्रशासन के कर्मचारी इस कट को बचाने बालू की बोरियां लगाकर पानी के बहाव को रोकने का प्रयास कर रहे है। एल्गिन चरसड़ी बांध को बचाने के लिए बनाया गया रिंग बांध भी रविवार को घाघरा नदी की कटान की जद में आ गया। रविवार को रिंग बांध के कट-थ्री का करीब 100 मीटर हिस्सा नदी में समा गया।

इस कटान के बाद अब रिंग बांध के आस्तित्व पर संकट खड़ा हो गया है। रिंग बांध के कटने से पानी का बहाव अब दो नए गांवों प्रतापपुर व घरकुंइयंा की तरफ हो गया है जिससे इन दोनो गांवों में भीषण बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। रविवार को घाघरा का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे रहा। रविवार को घाघरा नदी का जलस्तर 105.806 पर स्थिर रहा। 

करनैलगंज। राहत के नाम पर करोड़ों का वारा न्यारा करने वाला जिला प्रशासन के अफसर बांध पर बसे लोगों को दो जून की रोटी भी ठीक ढंग से नहीं उपलब्ध करा पा रहा है। रविवार को बांध पर तिरपाल तान कर जीवन व्यतीत करने वाले एक 70 वर्षीय बुजुर्ग रामसेवक दो रोटी व सादे नमक के साथ अपनी भूख मिटाते दिखे।

पूछने पर रामसेवक ने बताया मजदूरी करके उनके परिवार का गुजारा चलता है। चारों तरफ पानी भर जाने से रोजी ठप हो गई है। कहीं से एक भी रुपये की आमदनी नही है। ऐसे में सब्जी खरीदना उनके पहुंच से बाहर है। प्रशासन की तरफ से कोई राहत सामग्री नही मिली है। ऐसे मेें दिन भर में एक बार नमक रोटी खाकर जिंदगी गुजर रही है।


करनैलगंज। घाघरा नदी का जलस्तर घटने के बाद जिला प्रशासन ने शनिवार से बाढ़ पीड़ितों को राशन किट का वितरण शुरु कराया है। राशन किट का वितरण होते ही करनैलगंज तहसीलदार रमेश बाबू ने बाढ़ पीड़ितों के लिए बनाए जा रहे भोजन की व्यवस्था को बंद करा दिया। भोजन बनाने का ठेका लेने वाले कैटर्स अरविन्द कुमार ने बताया कि तहसीलदार शनिवार की शाम को भोजन बनाने पर रोक लगा दी थी। तहसीलदार का कहना है कि पानी लगातार घट रहा है ऐसी स्थिति में बाढ़ पीड़ित राशन से भोजन बना सकते हैं। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed