फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gonda News ›   350 transformers got fire in 15 days, darkness in hundreds of villages

15 दिन में दगे 350 ट्रांसफार्मर, सैकड़ों गांवों में अंधेरा

Mon, 17 Jul 2017 11:16 PM IST
amar ujala
amar ujala Updated Mon, 17 Jul 2017 11:16 PM IST
विज्ञापन
 बरसात के शुरूआती दौर में ही पावर कॉर्पोरेशन की गांवों में ट्रांसफार्मर बदलने की गणित गड़बड़ा गई है। पिछले 15 दिन में जिले में 350 ट्रांसफार्मर फुंक गए हैं। जिस कारण सैकड़ों गांव अंधेरे में हैं। इनमें 250 ट्रांसफार्मर तो किसी तरह बदल दिए गए लेकिन 100 ट्रांसफार्मर अभी भी नहीं बदले गए हैं। इस कारण सरकार की तरफ से 48 घंटे में ट्रांसफार्मर बदलने का दावा हवा हवाई साबित हो रहा है।  
विज्ञापन


इसे एकमात्र संयोग कहें या फिर सांसद-मंत्री की लापरवाही। जिसके कारण उनके ही इलाके में सर्वाधिक बिजली के ट्रांसफार्मर फुंके पड़े हैं। जिसे अब तक सांसद-मंत्री मिलकर बदलवा नहीं पाए हैं।  जिले में पावर कारपोरेशन के 25 बिजलीघरों में नवाबगंज एक ऐसा बिजलीघर है।
विज्ञापन


जहां के 25 ट्रांसफार्मर बीते 15 दिनों से फुंके पड़े हैं। इस कारण इस क्षेत्र के 25 गांवों में रहने वाली 5000 से ऊपर आबादी को अंधेरे में अपना गुजर-बसर करना पड़ रहा है। जबकि ठीक इसी तरह तरबगंज में 13, खोरहंसा में 6, बेलसर में 7 तो गाोंडा नार्थ फीडर के 8 ट्रांसफार्मरों के अलावा बाकी बिजलीघरों के भी अलग-अलग क्षमता के 40 ट्रांसफार्मर फुंके पड़े हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


सीएचसी मसकनवा से संबद्ध पीएचसी छपिया में लगा 25 केवीए का ट्रांसफार्मर पिछले एक महीने से फुंका पड़ा है। इस कारण यहां होने वाला प्रसूता महिलाओं का प्रसव मोमबत्ती के उजाले में किया जा रहा है। पीएचसी छपिया का ट्रांसफार्मर बीते 15 जून को जल गया था।

इसकी सूचना उसी समय इलाकाई अवर अभियंता को भी दी गई। लेकिन इसके बाद भी ट्रांसफार्मर नहीं बदला गया। जिससे इलाज के लिए पीएचसी आने वाले लोगों को गर्मी की किल्लत से जूझना पड़ता है। बिजली न आने से पड़ रही उमस भरी गर्मी में बिना बिजली पंखे के कर्मचारियों को काम करना पड़ रहा है। वहीं यहां होने वाली डिलीवरी तक मोमबत्ती के उजाले में होती है। बिजलीघर के अंधेरे में होने के कारण यहां की आपातकालीन व इमरजेसी सेवाएं भी बाधित हैं। जबकि पेयजल आपूर्ति भी बत्ती न होने से प्रभावित है। 

बरसात के पहले जून महीने में पावर कॉर्पोरेशन के वर्कशाप डिवीजन में अलग-अलग क्षमता के तकरीबन 150 ट्रांसफार्मर स्पेयर (अतिरिक्त) रिजर्व थे। लेकिन जैसे ही बरसात शुरू हुई, ट्रांसफार्मरों के खराब होने की टेंडेंसी रोज की अपेक्षा तीन गुना तक बढ़ गई। जिससे न तो वर्कशाप के पास स्पेयर के ट्रांसफार्मर बचे न ही रिपेयर्ड। सोमवार को वर्कशाप डिवीजन से जानकारी करने पर पता चला कि मौजूदा वक्त उनके पास एक भी ट्रांसफार्मर स्पेयर व रिपेयर्ड नहीं है। 

बरसात के सीजन में फुंकने वाले बिजली के ट्रांसफार्मरों के चलते मुख्यालय स्थित वर्कशाप डिवीजन में ट्रांसफार्मर लूटने की होड़ सी मच गई है। हालत यह है कि रोजाना दर्जनों गांवों से लोग ट्रैक्टर-ट्रॉली, पिकप, जीप और मेटाडोर से सुबह होते ही वर्कशाप डिवीजन के गेट पर इकट्ठा हो जाते हैं।

जहां लोगों के बीच ट्रांसफार्मर अपने-अपने गांवों में ले जाने की होड़ मच जाती है। पिछले 15 दिनों से बिजली दफ्तर में चल रही यह होड़ अब धीरे-धीरे लूट की शक्ल अख्तियार करने लगी है।

जिले में बिजली के जो 100 ट्रांसफार्मर फुंके हैं। उसमे सबसे ज्यादा तादात 25 केवीए के ट्रांसफार्मरों की है। 25 केवीए क्षमता के बिजली ट्रांसफार्मर से अमूमन 30 से 35 लोगों को बिजली मिलती है। इस लिहाज से जिले में फुंके 25 केवीए के 70 ट्रांसफार्मरों से 2500 के करीब बिजली उपभोक्ताओं की बिजली गुल चल रही है। जिनके घरों की आबादी एक अनुमान के मुताबिक 15 हजार के आसपास है। 

जिले में अपने पौने दो लाख बिजली उपभोक्ताओं को बिजली दिए जाने के लिए पावर कारपोरेशन ने (10, 25, 63, 100, 250, 430, 630 व 1000) केवीए (किलो वोल्ट एम्पियर) के 13732 ट्रांसफार्मर लगा रखे हैं। इसमें से हर दिन 15 से 20 तो बरसात के दिनों में 30 से 35 ट्रांसफार्मर फुंकते रहते हैं।


जिसकी रिपेयरिंग यहीं मुख्यालय पर स्थित वर्कशाप डिवीजन में होती है। लेकिन अबकी बार न तो फुंके ट्रांसफार्मरों की विभागीय अधिकारी ठीक तरह से रिपेयरिंग करा पा रहे हैं, न ही इनकी उपलब्धता सुनिश्चित करवा पा रहे हैं। जिससे बिजली संकट दिन दूना-रात चौगुना बढ़ता जा रहा है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed