{"_id":"59d9087c4f1c1b6f548b63ce","slug":"31507395708-gonda-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिना किताब के ककहरा सीख रहे परिषदीय स्क ूलों के नौनिहाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिना किताब के ककहरा सीख रहे परिषदीय स्क ूलों के नौनिहाल
Updated Sat, 07 Oct 2017 10:31 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
15 हजार बच्चों की किताबें बीआरसी में डंप
गोंडा। बेसिक शिक्षा विभाग के अफसरों की कार्यशैली गजब की है। शैक्षिक सत्र के शुरुवात में किताब की आपूर्ति न होने का रोना रोने वाले अफसर अब किताब बच्चों तक नही पहुंचा पा रहे हैं।
आश्चर्य तो यह है कि इन किताबों को स्कूलों तक पहुंचाने के लिए आपूर्ति करने वाली एजेंसी को किराए का भुगतान भी किया जा चुका है बावजूद इसके यह किताबें ब्लाक संसाधन केंद्रों पर डंप पड़ी है और अफसर किताब बांटने के बजाय अर्धवार्षिक परीक्षा की तैयारी का दावा कर रहे हैं।
आधा शिक्षा सत्र बीत जाने के बाद परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले अधिकतर बच्चों को किताबें नही मिल सकी है। परिषदीय स्कूलो में पढने वाले बच्चों को शासन ने हर हाल में जुलाई माह में किताब उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था।
विज्ञापन
हालांकि छपाई में देरी के कारण इसमें कुछ विलंब जरूर हुआ लेकिन जुलाई के अंतिम सप्ताह में किताब जिले में पहुंच गई थी। इन किताबों को स्कूलों तक पहुंचाने के लिए शासन ने धनराशि का आवंटन किया था लेकिन आपूर्ति करने वाली एजेंसी ने अफसरों के साथ मिलकर इसमें खेल कर दिया।
स्कूलों में किताब पहुंचाने के बजाय आपूर्ति करने वाली एजेंसी ने अफसरों की मिली भगत से इन किताबों को ब्लाक संसाधन केंद्रों तक ही पहुंचाया और भुगतान पूरा ले लिया। नतीजा यह हुआ कि किताबें बच्चों तक नहीं पहुंच सकी और उसी तरह से ब्लाक संसाधन केंद्रों पर डंप रह गईं।
बभनजोत ब्लाक संसाधन केंद्र पर डंप किताबों के बंडल यह बताने के लिए काफी है कि आपूर्ति के बाद इन किताबों का वितरण तो दूर उन्हे दुआ तक नही गया। यहा तैनात खंड शिक्षा अधिकारी ने स्कूलों का निरीक्षण तो खूब किया लेकिन किताबों के वितरण पर उनकी निगाह नहीं गई।
विभाग के आला अफसर भी इनकी सूचना पर आंख मूंदकर भरोसा करते रहे और किताबें बच्चों तक नही पहुंच सकी। इस लापरवाही से बभनजोत ब्लाक के 129 परिषदीय स्कूलों में पढने वाले करीब 15 हजार नौनिहाल किताब पाने से वंचित रह गए।
बभनजोत ब्लाक संसाधन केंद्र पर सिर्फ किताब ही नहीं बल्कि बच्चों को मिलने वाला स्कूल बैग भी डंप पड़ा हुआ है। अफसरों के पास इसे वितरित करने का समय ही नही है। ऐसे में शासन द्वारा बच्चों की शिक्षा पर पानी की तरह बहाया जा रहा पैसा अफसरों की शिथिलता से बरबाद हो रहा है।
गोंडा। बभनजोत ब्लाक में तैनात खंड शिक्षा अधिकारी अश्विनी प्रताप सिंह की काफी समय से शिकायत विभाग को मिल रही थी।
इन शिकायतों को संज्ञान में लेकर बीएसए ने 28 सितंबर को उन्हें बभनजोत से हटाकर मनकापुर में तैनात किया था लेकिन बीईओ ने अब तक इस आदेश का पालन नहीं किया है जबकि उनके स्थान पर अर्जुन प्रसाद वर्मा ने शनिवार को बभनजोत पहुंचकर कार्यभार ग्रहण कर लिया।
बभनजोत ब्लाक में योजनाओं के क्रियान्वयन में शिथिलता पर वहां के बीईओ अश्विनी प्रताप सिंह को हटा दिया गया है। उनके स्थान पर मनकापुर के बीईओ अर्जुन प्रसाद वर्मा को बभनजोत भेजा गया है। नए बीईओ को जल्द ही किताबों का वितरण कराने के निर्देश दिए गए हैं।
संतोष कुमार देव पांडेय,बीएसए
गोंडा। बेसिक शिक्षा विभाग के अफसरों की कार्यशैली गजब की है। शैक्षिक सत्र के शुरुवात में किताब की आपूर्ति न होने का रोना रोने वाले अफसर अब किताब बच्चों तक नही पहुंचा पा रहे हैं।
आश्चर्य तो यह है कि इन किताबों को स्कूलों तक पहुंचाने के लिए आपूर्ति करने वाली एजेंसी को किराए का भुगतान भी किया जा चुका है बावजूद इसके यह किताबें ब्लाक संसाधन केंद्रों पर डंप पड़ी है और अफसर किताब बांटने के बजाय अर्धवार्षिक परीक्षा की तैयारी का दावा कर रहे हैं।
विज्ञापन
आधा शिक्षा सत्र बीत जाने के बाद परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले अधिकतर बच्चों को किताबें नही मिल सकी है। परिषदीय स्कूलो में पढने वाले बच्चों को शासन ने हर हाल में जुलाई माह में किताब उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था।
विज्ञापन
हालांकि छपाई में देरी के कारण इसमें कुछ विलंब जरूर हुआ लेकिन जुलाई के अंतिम सप्ताह में किताब जिले में पहुंच गई थी। इन किताबों को स्कूलों तक पहुंचाने के लिए शासन ने धनराशि का आवंटन किया था लेकिन आपूर्ति करने वाली एजेंसी ने अफसरों के साथ मिलकर इसमें खेल कर दिया।
स्कूलों में किताब पहुंचाने के बजाय आपूर्ति करने वाली एजेंसी ने अफसरों की मिली भगत से इन किताबों को ब्लाक संसाधन केंद्रों तक ही पहुंचाया और भुगतान पूरा ले लिया। नतीजा यह हुआ कि किताबें बच्चों तक नहीं पहुंच सकी और उसी तरह से ब्लाक संसाधन केंद्रों पर डंप रह गईं।
बभनजोत ब्लाक संसाधन केंद्र पर डंप किताबों के बंडल यह बताने के लिए काफी है कि आपूर्ति के बाद इन किताबों का वितरण तो दूर उन्हे दुआ तक नही गया। यहा तैनात खंड शिक्षा अधिकारी ने स्कूलों का निरीक्षण तो खूब किया लेकिन किताबों के वितरण पर उनकी निगाह नहीं गई।
विभाग के आला अफसर भी इनकी सूचना पर आंख मूंदकर भरोसा करते रहे और किताबें बच्चों तक नही पहुंच सकी। इस लापरवाही से बभनजोत ब्लाक के 129 परिषदीय स्कूलों में पढने वाले करीब 15 हजार नौनिहाल किताब पाने से वंचित रह गए।
बभनजोत ब्लाक संसाधन केंद्र पर सिर्फ किताब ही नहीं बल्कि बच्चों को मिलने वाला स्कूल बैग भी डंप पड़ा हुआ है। अफसरों के पास इसे वितरित करने का समय ही नही है। ऐसे में शासन द्वारा बच्चों की शिक्षा पर पानी की तरह बहाया जा रहा पैसा अफसरों की शिथिलता से बरबाद हो रहा है।
गोंडा। बभनजोत ब्लाक में तैनात खंड शिक्षा अधिकारी अश्विनी प्रताप सिंह की काफी समय से शिकायत विभाग को मिल रही थी।
इन शिकायतों को संज्ञान में लेकर बीएसए ने 28 सितंबर को उन्हें बभनजोत से हटाकर मनकापुर में तैनात किया था लेकिन बीईओ ने अब तक इस आदेश का पालन नहीं किया है जबकि उनके स्थान पर अर्जुन प्रसाद वर्मा ने शनिवार को बभनजोत पहुंचकर कार्यभार ग्रहण कर लिया।
बभनजोत ब्लाक में योजनाओं के क्रियान्वयन में शिथिलता पर वहां के बीईओ अश्विनी प्रताप सिंह को हटा दिया गया है। उनके स्थान पर मनकापुर के बीईओ अर्जुन प्रसाद वर्मा को बभनजोत भेजा गया है। नए बीईओ को जल्द ही किताबों का वितरण कराने के निर्देश दिए गए हैं।
संतोष कुमार देव पांडेय,बीएसए