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Gonda News: मेडिकल कॉलेज के वार्डों में नर्सों के भरोसे 290 मरीज
Sun, 18 Aug 2024 11:25 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sun, 18 Aug 2024 11:25 PM IST
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गोंडा। कोलकाला में ट्रेनी डॉक्टर के साथ दुष्कर्म व हत्या के विरोध में चल रही रजिडेंट डॉक्टरों के हड़ताल का असर रविवार को भी दिखाई पड़ा। अवकाश के कारण ओपीडी तो बंद थी लेकिन वार्डों में भी रेजिडेंट डॉक्टरों ने ड्यूटी नहीं की। ऐसे में स्टाफ नर्स ही भर्ती मरीजों का उपचार कर रही हैं।
महाराजा देवीबख्श चिकित्सा महाविद्यालय में रविवार को विभिन्न वार्डों में 290 मरीज भर्ती थे। जिनकी देखरेख व उपचार के लिए तीन शिफ्ट में 36 जूनियर व सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई थी। लेकिन हड़ताल के कारण डॉक्टर वार्डों में ड्यूटी करने नहीं पहुंचे। इससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
रेजिडेंट डॉक्टरों का कहना है कि उनके संगठन की ओर से जब तक कोई निर्देश नहीं मिलेगा, वे लोग कार्य बहिष्कार जारी रखेंगे। डॉक्टर सिर्फ इमरजेंसी वार्ड में ही ड्यूटी करेंगे। मरीज के तीमारदार संदीप गुप्ता ने बताया कि वार्ड में कोई डॉक्टर नहीं रहता है। स्टाफ नर्स देखरेख करती हैं। मरीज के गंभीर होने पर ऑन कॉल परामर्शदाताओं को बुलाया जाता है।
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मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. अनिल तिवारी ने बताया कि रेजिडेंट डॉक्टर हड़ताल पर हैं, लेकिन परामर्शदाता व वरिष्ठ परामर्शदाताओं की निगरानी में मरीजों का उपचार हो रहा है। जरूरत पड़ने पर ऑन कॉल डॉक्टर आते हैं तथा दिन में दो बार राउंड होता है।
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महाराजा देवीबख्श चिकित्सा महाविद्यालय में रविवार को विभिन्न वार्डों में 290 मरीज भर्ती थे। जिनकी देखरेख व उपचार के लिए तीन शिफ्ट में 36 जूनियर व सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई थी। लेकिन हड़ताल के कारण डॉक्टर वार्डों में ड्यूटी करने नहीं पहुंचे। इससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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रेजिडेंट डॉक्टरों का कहना है कि उनके संगठन की ओर से जब तक कोई निर्देश नहीं मिलेगा, वे लोग कार्य बहिष्कार जारी रखेंगे। डॉक्टर सिर्फ इमरजेंसी वार्ड में ही ड्यूटी करेंगे। मरीज के तीमारदार संदीप गुप्ता ने बताया कि वार्ड में कोई डॉक्टर नहीं रहता है। स्टाफ नर्स देखरेख करती हैं। मरीज के गंभीर होने पर ऑन कॉल परामर्शदाताओं को बुलाया जाता है।
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मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. अनिल तिवारी ने बताया कि रेजिडेंट डॉक्टर हड़ताल पर हैं, लेकिन परामर्शदाता व वरिष्ठ परामर्शदाताओं की निगरानी में मरीजों का उपचार हो रहा है। जरूरत पड़ने पर ऑन कॉल डॉक्टर आते हैं तथा दिन में दो बार राउंड होता है।