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4195 बूथों पर 24 हजार कर्मचारी कराएंगे पंचायत चुनाव
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गोंडा। जिले में पंचायत चुनाव की तारीखें भले ही तय न हुई हों, लेकिन तैयारी लगातार पूरी हो रही है। 4195 बूथों पर त्रिस्तरीय पंचायत से जुड़े करीब 18 हजार पदों पर इस बार एक साथ चुनाव कराने की तैयारी है। इसके लिए 24 हजार कर्मचारियों की जरूरत पड़ेगी। कर्मचारियों का ब्योरा दर्ज कराने की कार्रवाई में प्रशासन जुटा है। जिलाधिकारी मार्कंडेय शाही ने 549 अधिकारियों को चेतावनी भी दी है कि जल्द से जल्द कार्मिकों का ब्योरा दर्ज कराएं।
जिले में इस बार पंचायत चुनाव एक साथ सभी तहसीलों के गांवों में कराए जा सकते हैं। कुछ ऐसी ही तैयारी निर्वाचन आयोग कर रहा है। वर्ष 2015 में पंचायत चुनाव तहसीलवार अलग-अलग चरण में कराए गए थे। एक साथ चुनाव कराने के लिए विभाग की ओर से तैयारी की जा रही है। एक साथ चुनाव होने पर बूथों पर ही करीब 24 हजार कर्मचारियों की आवश्यकता पड़ेगी।
एक साथ चुनाव कराने में समय की बचत होने के साथ ही खर्च भी कम आएगा। फिलहाल कर्मचारियों की डाटा फीडिग का कार्य तेज हो गया है। जिलाधिकारी मार्कंडेय शाही ने कार्मिकों का ब्योरा पोर्टल पर इसी महीने फीड कराने की हिदायत दी है। जिससे यह स्पष्ट हो सके कि कितने कर्मचारी जिले में उपलब्ध हैं और कितने की जरूरत है।
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पंचायत चुनाव की स्थिति पर एक नजर
1214 जिले में कुल ग्राम पंचायतें
10 ग्राम पंचायतों में नहीं होंगे प्रधान व सदस्य के चुनाव
1204 ग्राम पंचायतों में होंगे सभी पदों के लिए चुनाव
1612 सदस्य क्षेत्र पंचायत के वार्ड
15410 सदस्य ग्राम पंचायत के वार्ड
65 सदस्य जिला पंचायत वार्ड
1480 जिले में मतदान केंद्र
4195 जिले में मतदेय स्थल
26.04 लाख जिले में कुल मतदाता
एक साथ चुनाव होने पर 10 हजार कर्मियों की अतिरिक्त जरूरत
वर्ष 2015 में पंचायत चुनाव अलग-अलग कराए गए थे। पहले चरण में बीडीसी व सदस्य जिला पंचायत व दूसरे चरण में प्रधान व सदस्य ग्राम पंचायत के लिए मतदान हुआ था। इस बार चारों पदों के लिए एक साथ चुनाव कराने की तैयारी है। एक साथ चुनाव कराने के लिए प्रत्येक बूथ पर पांच कर्मियों की आवश्यकता पड़ेगी। जिले में चुनाव कराने के लिए संसाधन के साथ ही कर्मियों की संख्या जुटाना बड़ी चुनौती है। जिले में आवश्यकता से करीब दस हजार कर्मचारी कम हैं। इसी तरह पुलिस कर्मी व अधिकारियों की भी जरूरत पड़ेगी। बताया जा रहा है इसके लिए मंडल के अन्य जिले से कर्मचारी बुलाए जा सकते हैं।
ब्योरा फीड होने के बाद ही मिलेगा जनवरी का वेतन
चुनाव की तैयारियों में जुटा पंचायत निर्वाचन विभाग अब सख्त हो गया है। जिलाधिकारी मार्कंडेय शाही ने गुरुवार को आदेश जारी कर जनवरी के वेतन भुगतान पर रोक लगा दी है। उन्होंने कहा कि जब तक डाटा फीड न हो जाए जनवरी का वेतन न दिया जाए। जिलाधिकारी ने बताया कि 549 अधिकारियों को आनलाइन डाटा फीड कराने के लिए आईडी व पासवर्ड जारी किया गया है, लेकिन अभी तक 238 लोगों ने इसे प्राप्त ही नहीं किया। कार्मिकों का ब्योरा फीड होना अति आवश्यक है। ऐसे में जनवरी का वेतन फीडिंग पूरी होने पर ही जारी होगा। मुख्य विकास अधिकारी को कार्मिक व्यवस्था का प्रभारी नामित किया है।
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जिले में इस बार पंचायत चुनाव एक साथ सभी तहसीलों के गांवों में कराए जा सकते हैं। कुछ ऐसी ही तैयारी निर्वाचन आयोग कर रहा है। वर्ष 2015 में पंचायत चुनाव तहसीलवार अलग-अलग चरण में कराए गए थे। एक साथ चुनाव कराने के लिए विभाग की ओर से तैयारी की जा रही है। एक साथ चुनाव होने पर बूथों पर ही करीब 24 हजार कर्मचारियों की आवश्यकता पड़ेगी।
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एक साथ चुनाव कराने में समय की बचत होने के साथ ही खर्च भी कम आएगा। फिलहाल कर्मचारियों की डाटा फीडिग का कार्य तेज हो गया है। जिलाधिकारी मार्कंडेय शाही ने कार्मिकों का ब्योरा पोर्टल पर इसी महीने फीड कराने की हिदायत दी है। जिससे यह स्पष्ट हो सके कि कितने कर्मचारी जिले में उपलब्ध हैं और कितने की जरूरत है।
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पंचायत चुनाव की स्थिति पर एक नजर
1214 जिले में कुल ग्राम पंचायतें
10 ग्राम पंचायतों में नहीं होंगे प्रधान व सदस्य के चुनाव
1204 ग्राम पंचायतों में होंगे सभी पदों के लिए चुनाव
1612 सदस्य क्षेत्र पंचायत के वार्ड
15410 सदस्य ग्राम पंचायत के वार्ड
65 सदस्य जिला पंचायत वार्ड
1480 जिले में मतदान केंद्र
4195 जिले में मतदेय स्थल
26.04 लाख जिले में कुल मतदाता
एक साथ चुनाव होने पर 10 हजार कर्मियों की अतिरिक्त जरूरत
वर्ष 2015 में पंचायत चुनाव अलग-अलग कराए गए थे। पहले चरण में बीडीसी व सदस्य जिला पंचायत व दूसरे चरण में प्रधान व सदस्य ग्राम पंचायत के लिए मतदान हुआ था। इस बार चारों पदों के लिए एक साथ चुनाव कराने की तैयारी है। एक साथ चुनाव कराने के लिए प्रत्येक बूथ पर पांच कर्मियों की आवश्यकता पड़ेगी। जिले में चुनाव कराने के लिए संसाधन के साथ ही कर्मियों की संख्या जुटाना बड़ी चुनौती है। जिले में आवश्यकता से करीब दस हजार कर्मचारी कम हैं। इसी तरह पुलिस कर्मी व अधिकारियों की भी जरूरत पड़ेगी। बताया जा रहा है इसके लिए मंडल के अन्य जिले से कर्मचारी बुलाए जा सकते हैं।
ब्योरा फीड होने के बाद ही मिलेगा जनवरी का वेतन
चुनाव की तैयारियों में जुटा पंचायत निर्वाचन विभाग अब सख्त हो गया है। जिलाधिकारी मार्कंडेय शाही ने गुरुवार को आदेश जारी कर जनवरी के वेतन भुगतान पर रोक लगा दी है। उन्होंने कहा कि जब तक डाटा फीड न हो जाए जनवरी का वेतन न दिया जाए। जिलाधिकारी ने बताया कि 549 अधिकारियों को आनलाइन डाटा फीड कराने के लिए आईडी व पासवर्ड जारी किया गया है, लेकिन अभी तक 238 लोगों ने इसे प्राप्त ही नहीं किया। कार्मिकों का ब्योरा फीड होना अति आवश्यक है। ऐसे में जनवरी का वेतन फीडिंग पूरी होने पर ही जारी होगा। मुख्य विकास अधिकारी को कार्मिक व्यवस्था का प्रभारी नामित किया है।