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बेसिक शिक्षा के 224 समन्वयकों को हटाकर भेजा स्कूल
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गोंडा। बेसिक शिक्षा विभाग केे 16 शिक्षा क्षेत्रों और 166 न्याय पंचायत स्तर पर कार्यरत 224 समन्वयकों को हटा दिया गया है। शासन के कड़े रुख के बाद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मनिराम सिंह ने आदेश जारी कर सभी समन्वयकों को उनके पद से मुक्त कर दिया है। उन्हें मूल स्कूलों में कार्यभार ग्रहण करके शिक्षण कार्य करने का आदेश दिया है। बीएसए ने बताया कि शासन से समन्वयकों के पद खत्म कर दिए गए हैं अब नई व्यवस्था से एआरपी (अकादमिक सपोर्ट पर्सन) का चयन होगा।
बेसिक शिक्षा के परिषदीय स्कूलों की शैक्षिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए शिक्षा क्षेत्र से लेकर न्याय पंचायत स्तर तक शिक्षकों को समन्वयकों के पद पर नियुक्त किया गया था। न्याय पंचायत स्तर पर संसाधन केंद्रों की स्थापना है और 166 में 164 समन्वयक कार्यरत थे। इन समन्वयकों के जिम्मे न्याय पंचायत के 20 से 30 स्कूलों के अनुश्रवण के साथ ही स्कूल स्तर की योजनाओं के संचालन में सहयोग की भूमिका थी। मांगी जा रही सूचनाओं को एकत्र करने के साथ ही स्कूल की व्यवस्था बनाने का काम करते थे। ब्लॉक संसाधन केन्द्रों से स्कूलों के बीच सेतु का काम करते थे।
इससे 164 शिक्षक सिर्फ सूचनाओं के आदान प्रदान का कार्य ही कर पा रहे थे। शिक्षण कार्य से करीब-करीब दूर ही थे। अब इन्हे भी स्कूलों में भेज दिया गया है। इसके अलावा हर ब्लॉक पर 5-5 सह समन्वयकों को चयन शैक्षिक गुणवत्ता के लिए हुआ था और जिले में 60 एबीआरसी कार्यरत थे। मूल रूप से शिक्षक होने के बाद परीक्षा के माध्यम से इनका चयन किया गया था और शिक्षकों को प्रशिक्षण देने की जिम्मेदारी थी। इसके अलावा स्कूलों का अनुश्रवण करके सूचनाओं को व्यवस्थित करने के साथ ही शैक्षिक उन्नयन का कार्य करते थे। इन कार्यों के चलते अधिकतर एबीआरसी बीआरसी केंद्रों तक ही सीमित रह गए थे। अब इन्हे भी उनके मूल स्कूलों में भेज दिया गया है।
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अब नए सिरे से एआरपी के चयन की होगी प्रक्रिया
जिले में अब सह समन्वयकों के स्थान एआरपी (अकादमिक सपोर्ट पर्सन) का चयन होगा। 16 बीआरसी के लिए 5-5 एआरपी चुने जाएंगे। विषय विशेषज्ञ के रुप में बीआरसी केन्द्रों पर एआरपी का चयन होगा। इसके अलावा हर ब्लाक में डायट से एक-एक मेंटर को नियुक्त किया जाएगा। एआरपी के पद पर समाजिक अध्ययन, अंग्रेजी, हिन्दी, गणित, विज्ञान विषय के जानकार शिक्षक चुने जाएंगे। 5 साल की सेवा पूरी करने वाले शिक्षकों को चयन प्रक्रिया में शामिल किया जाना है और सीडीओ की अध्यक्षता में गठित समिति चयन करेगी।
शासन के निर्देश पर पूर्व में कार्यरत समन्वयकों को उनके मूल स्कूलों में भेज दिया गया है। नई व्यवस्था से एआरपी के चयन की प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी। -मनिराम सिंह, बीएसए
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बेसिक शिक्षा के परिषदीय स्कूलों की शैक्षिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए शिक्षा क्षेत्र से लेकर न्याय पंचायत स्तर तक शिक्षकों को समन्वयकों के पद पर नियुक्त किया गया था। न्याय पंचायत स्तर पर संसाधन केंद्रों की स्थापना है और 166 में 164 समन्वयक कार्यरत थे। इन समन्वयकों के जिम्मे न्याय पंचायत के 20 से 30 स्कूलों के अनुश्रवण के साथ ही स्कूल स्तर की योजनाओं के संचालन में सहयोग की भूमिका थी। मांगी जा रही सूचनाओं को एकत्र करने के साथ ही स्कूल की व्यवस्था बनाने का काम करते थे। ब्लॉक संसाधन केन्द्रों से स्कूलों के बीच सेतु का काम करते थे।
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इससे 164 शिक्षक सिर्फ सूचनाओं के आदान प्रदान का कार्य ही कर पा रहे थे। शिक्षण कार्य से करीब-करीब दूर ही थे। अब इन्हे भी स्कूलों में भेज दिया गया है। इसके अलावा हर ब्लॉक पर 5-5 सह समन्वयकों को चयन शैक्षिक गुणवत्ता के लिए हुआ था और जिले में 60 एबीआरसी कार्यरत थे। मूल रूप से शिक्षक होने के बाद परीक्षा के माध्यम से इनका चयन किया गया था और शिक्षकों को प्रशिक्षण देने की जिम्मेदारी थी। इसके अलावा स्कूलों का अनुश्रवण करके सूचनाओं को व्यवस्थित करने के साथ ही शैक्षिक उन्नयन का कार्य करते थे। इन कार्यों के चलते अधिकतर एबीआरसी बीआरसी केंद्रों तक ही सीमित रह गए थे। अब इन्हे भी उनके मूल स्कूलों में भेज दिया गया है।
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अब नए सिरे से एआरपी के चयन की होगी प्रक्रिया
जिले में अब सह समन्वयकों के स्थान एआरपी (अकादमिक सपोर्ट पर्सन) का चयन होगा। 16 बीआरसी के लिए 5-5 एआरपी चुने जाएंगे। विषय विशेषज्ञ के रुप में बीआरसी केन्द्रों पर एआरपी का चयन होगा। इसके अलावा हर ब्लाक में डायट से एक-एक मेंटर को नियुक्त किया जाएगा। एआरपी के पद पर समाजिक अध्ययन, अंग्रेजी, हिन्दी, गणित, विज्ञान विषय के जानकार शिक्षक चुने जाएंगे। 5 साल की सेवा पूरी करने वाले शिक्षकों को चयन प्रक्रिया में शामिल किया जाना है और सीडीओ की अध्यक्षता में गठित समिति चयन करेगी।
शासन के निर्देश पर पूर्व में कार्यरत समन्वयकों को उनके मूल स्कूलों में भेज दिया गया है। नई व्यवस्था से एआरपी के चयन की प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी। -मनिराम सिंह, बीएसए