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चुनावी जंग में शामिल 21935 दावेदारों की किस्मत लॉक
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गोंडा के मुजेहना में मतदान करने के लिए लाइन में लगें मतदाता।
- फोटो : GONDA
गोंडा। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के 4833 पदों की जंग में शामिल में 21935 दावेदारों की किस्मत सोमवार को सकुशल हुए मतदान बाद बैलेट बॉक्स में लॉक हो गयी।
गांव की सरकार को चुनने के लिए जिले के 26 लाख 69 हजार 906 मतदाताओं में से 62 फीसदी से अधिक ने प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला बैलेट बॉक्स में डाले मतपत्रों के साथ बंद कर दिया। अब दो मई को होने वाले मतगणना के बाद मतदाताओं का फैसला सामने आएगा।
जिले में छिटपुट विवादों और नोकझोंक के बीच सुबह से ही उत्साह के साथ लोकतंत्र के पर्व पर मतदान केंद्रों में भीड़ जुटी दिखी। इस दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी व टकराव रोकने को जिलाधिकारी व एसपी स्वयं कमान संभाले रखी।
सुरक्षा को लेकर सर्तक प्रशासन ने दो कंपनी पीएसी व पैरामिलेट्री फोर्स के साथ दस हजार पुलिस व होमगार्ड के जवान भी बूथों पर मुस्तैद तैनात कर रखे थे।
इस दौरान परसपुर के मरचौर में मतदान के दौरान दो पक्षों में तनातनी के बाद जबकि बेलसर के खड़ौरा में फर्जी वोटिंग की शिकायत बाद हंगामा हुआ। बेंदुली गांव में भी एक बूथ पर आठ सौ से अधिक मतदाता होने के कारण दिक्कत आई।
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वजीरगंज के कोठा में दो बैलेट बाक्स में मतपत्र डाले जाने से असमंजस्य में लोग रहे। अधिकारियों ने लोगों को समझाया और मामला शांत कराया।
मतदान के दौरान कुछ कर्मचारियों की तबीयत भी खराब हुई तो वैकल्पिक व्यवस्था बनाने को प्रशासन को कड़ी मशक्कत भी करनी पड़ी। डीएम मार्कंडेय शाही, पुलिस अधीक्षक संतोष मिश्र ने कई बूथों का औचक निरीक्षण भी किया।
सीडीओ शशांक त्रिपाठी, एडीएम राकेश सिंह, सीआरओ आरआर प्रजापित आदि लगातार अपने क्षेत्रों में सक्रिय रह मोर्चा संभाले रहे। मतदान खत्म होने के बाद देर रात तक बैलेट बाक्स को स्ट्रांग रूम में जमा कराया गया।
कई ग्राम पंचायतों में देरशाम तक पड़े वोट
पंचायत चुनाव में प्रधान के 1214 में से 1194, जिला पंचायत सदस्य के 1614 और बीडीसी के 1490 पदों के लिए होने वाले चुनाव में मतदाताओं के जोश के आगे कई ग्राम पंचायतों में देर शाम तक मतदान होता रहा। सुबह सात बजे से मतदान शुरू होने के बाद शुरूआती चार घंटे तक इसने तेजी पकड़ी रही।
दोपहर में तेज धूप के कारण मतदान की रफ्तार थमी जो शाम चार बजे के बाद फिर तेज हुई। इसी कारण शाम पांच बजे के बाद भी पोलिंग बूथ के बाहर खड़े वोटरों को देर तक मतदान का मौका दिया गया।
प्रधान के नौ पद सहित, पांच हजार से अधिक पद निर्विरोध
पंचायत चुनाव में प्रधान समेत बीडीसी व पंचायत सदस्य के पांच हजार से अधिक पदों पर निर्विरोध हो चुका है। इसकी भी घोषणा दो मई को ही होगी। जिले में प्रधान के नौ पदों का निर्विरोध निवार्चन हो चुका है।
इसी तरह क्षेत्र पंचायत सदस्य के 122 पदों का निर्विरोध निर्वाचन हो चुका है। इन सबके साथ ही पांच हजार से अधिक ग्राम पंचायत सदस्यों के पद निर्विरोध हैं और छह हजार के करीब पदों पर निर्वाचन नामांकन न होने से नही हो पाया है।
गडबडी की शिकायतों पर दौड़ते रहे अफसर
पंचायत चुनाव पूरे जिले में एक साथ पहली बार हो रहे थे। अधिकारियों ने सुरक्षा के कडे इंतजाम किए थे। इसके बावजूद कई बूथों पर सुरक्षा में कमी होने के कारण गड़बड़ी की शिकायतों का दौर चलता रहा। इसकी सूचना मिलने के बाद अफसर भी दौड़ते भागते रहे। जिले के आधा दर्जन से अधिक ब्लाकों से आ रही सूचनाओं पर अधिकारियों की ओर से कडा एक्शन लिया गया।
तेज धूप में उफान मारता रहा वोटरों का जोश
गांव की सरकार चुनने के लिए मतदाताओं का जोश व उत्साह तेज धूप की तपिश में भी उफान मारता दिखा। सुबह लाइन में वोट डालने के लिए लगे तो तपन बढ़ने के बाद भी लाइन कम होती नही दिखी।
धूप की तपन बढ़ने के साथ ही मतदान का प्रतिशत भी बढ़ता रहा। पहले दो घंटे में नौ बजे तक पांच फीसदी इसके बाद 11 बजे तक 14 फीसदी मतदान पार कर गया। दोपहर में मतदाता थोड़े ठिठके लेकिन फिर दूसरी पाली से मतदाताओं ने जोर लगा वोटिंग को 62 फीसदी के पार तक पहुंचा दिया।
गर्मी के पारे के साथ बढ़ता रहा मतदान
समय - प्रतिशत
सुबह 7 बजे से 9 बजे तक - 04.32
सुबह 9 बजे से 11 बजे तक - 14.40
दोपहर 11 बजे से 1 बजे तक - 26.36
दोपहर एक बजे से 3 बजे तक - 41.25
दोपहर 3 बजे से 5 बजे तक - 51. 60
शाम 5 बजे से मतदान तक- 62
पंचायत चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया है। जहां कहीं से भी सूचना मिली तत्काल कार्रवाई की गई और नियंत्रण बना रहा। शांतिपूर्ण मतदान कराने में योगदान करने वाले सभी अधिकारियों, कर्मचारियों को साधूवाद बधाई। बैलेट बाक्स कड़ी सुरक्षा में स्ट्रांग रूम में रखे गए हैं। दो मई को मतगणना होगी। - मार्कंडेय शाही, जिला निर्वाचन अधिकारी
पंचायत चुनाव पूरे जिले में एक साथ थे, सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम रहे। मतदाताओं ने भयमुक्त होकर मतदान किया। बूथों पर कड़ी नजर रखी गई। - संतोष मिश्रा, पुलिस अधीक्षक
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गांव की सरकार को चुनने के लिए जिले के 26 लाख 69 हजार 906 मतदाताओं में से 62 फीसदी से अधिक ने प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला बैलेट बॉक्स में डाले मतपत्रों के साथ बंद कर दिया। अब दो मई को होने वाले मतगणना के बाद मतदाताओं का फैसला सामने आएगा।
जिले में छिटपुट विवादों और नोकझोंक के बीच सुबह से ही उत्साह के साथ लोकतंत्र के पर्व पर मतदान केंद्रों में भीड़ जुटी दिखी। इस दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी व टकराव रोकने को जिलाधिकारी व एसपी स्वयं कमान संभाले रखी।
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सुरक्षा को लेकर सर्तक प्रशासन ने दो कंपनी पीएसी व पैरामिलेट्री फोर्स के साथ दस हजार पुलिस व होमगार्ड के जवान भी बूथों पर मुस्तैद तैनात कर रखे थे।
इस दौरान परसपुर के मरचौर में मतदान के दौरान दो पक्षों में तनातनी के बाद जबकि बेलसर के खड़ौरा में फर्जी वोटिंग की शिकायत बाद हंगामा हुआ। बेंदुली गांव में भी एक बूथ पर आठ सौ से अधिक मतदाता होने के कारण दिक्कत आई।
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वजीरगंज के कोठा में दो बैलेट बाक्स में मतपत्र डाले जाने से असमंजस्य में लोग रहे। अधिकारियों ने लोगों को समझाया और मामला शांत कराया।
मतदान के दौरान कुछ कर्मचारियों की तबीयत भी खराब हुई तो वैकल्पिक व्यवस्था बनाने को प्रशासन को कड़ी मशक्कत भी करनी पड़ी। डीएम मार्कंडेय शाही, पुलिस अधीक्षक संतोष मिश्र ने कई बूथों का औचक निरीक्षण भी किया।
सीडीओ शशांक त्रिपाठी, एडीएम राकेश सिंह, सीआरओ आरआर प्रजापित आदि लगातार अपने क्षेत्रों में सक्रिय रह मोर्चा संभाले रहे। मतदान खत्म होने के बाद देर रात तक बैलेट बाक्स को स्ट्रांग रूम में जमा कराया गया।
कई ग्राम पंचायतों में देरशाम तक पड़े वोट
पंचायत चुनाव में प्रधान के 1214 में से 1194, जिला पंचायत सदस्य के 1614 और बीडीसी के 1490 पदों के लिए होने वाले चुनाव में मतदाताओं के जोश के आगे कई ग्राम पंचायतों में देर शाम तक मतदान होता रहा। सुबह सात बजे से मतदान शुरू होने के बाद शुरूआती चार घंटे तक इसने तेजी पकड़ी रही।
दोपहर में तेज धूप के कारण मतदान की रफ्तार थमी जो शाम चार बजे के बाद फिर तेज हुई। इसी कारण शाम पांच बजे के बाद भी पोलिंग बूथ के बाहर खड़े वोटरों को देर तक मतदान का मौका दिया गया।
प्रधान के नौ पद सहित, पांच हजार से अधिक पद निर्विरोध
पंचायत चुनाव में प्रधान समेत बीडीसी व पंचायत सदस्य के पांच हजार से अधिक पदों पर निर्विरोध हो चुका है। इसकी भी घोषणा दो मई को ही होगी। जिले में प्रधान के नौ पदों का निर्विरोध निवार्चन हो चुका है।
इसी तरह क्षेत्र पंचायत सदस्य के 122 पदों का निर्विरोध निर्वाचन हो चुका है। इन सबके साथ ही पांच हजार से अधिक ग्राम पंचायत सदस्यों के पद निर्विरोध हैं और छह हजार के करीब पदों पर निर्वाचन नामांकन न होने से नही हो पाया है।
गडबडी की शिकायतों पर दौड़ते रहे अफसर
पंचायत चुनाव पूरे जिले में एक साथ पहली बार हो रहे थे। अधिकारियों ने सुरक्षा के कडे इंतजाम किए थे। इसके बावजूद कई बूथों पर सुरक्षा में कमी होने के कारण गड़बड़ी की शिकायतों का दौर चलता रहा। इसकी सूचना मिलने के बाद अफसर भी दौड़ते भागते रहे। जिले के आधा दर्जन से अधिक ब्लाकों से आ रही सूचनाओं पर अधिकारियों की ओर से कडा एक्शन लिया गया।
तेज धूप में उफान मारता रहा वोटरों का जोश
गांव की सरकार चुनने के लिए मतदाताओं का जोश व उत्साह तेज धूप की तपिश में भी उफान मारता दिखा। सुबह लाइन में वोट डालने के लिए लगे तो तपन बढ़ने के बाद भी लाइन कम होती नही दिखी।
धूप की तपन बढ़ने के साथ ही मतदान का प्रतिशत भी बढ़ता रहा। पहले दो घंटे में नौ बजे तक पांच फीसदी इसके बाद 11 बजे तक 14 फीसदी मतदान पार कर गया। दोपहर में मतदाता थोड़े ठिठके लेकिन फिर दूसरी पाली से मतदाताओं ने जोर लगा वोटिंग को 62 फीसदी के पार तक पहुंचा दिया।
गर्मी के पारे के साथ बढ़ता रहा मतदान
समय - प्रतिशत
सुबह 7 बजे से 9 बजे तक - 04.32
सुबह 9 बजे से 11 बजे तक - 14.40
दोपहर 11 बजे से 1 बजे तक - 26.36
दोपहर एक बजे से 3 बजे तक - 41.25
दोपहर 3 बजे से 5 बजे तक - 51. 60
शाम 5 बजे से मतदान तक- 62
पंचायत चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया है। जहां कहीं से भी सूचना मिली तत्काल कार्रवाई की गई और नियंत्रण बना रहा। शांतिपूर्ण मतदान कराने में योगदान करने वाले सभी अधिकारियों, कर्मचारियों को साधूवाद बधाई। बैलेट बाक्स कड़ी सुरक्षा में स्ट्रांग रूम में रखे गए हैं। दो मई को मतगणना होगी। - मार्कंडेय शाही, जिला निर्वाचन अधिकारी
पंचायत चुनाव पूरे जिले में एक साथ थे, सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम रहे। मतदाताओं ने भयमुक्त होकर मतदान किया। बूथों पर कड़ी नजर रखी गई। - संतोष मिश्रा, पुलिस अधीक्षक