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बेइज्जती बर्दाश्त नहीं कर सका तो कठौता झील में कूद कर दे दी जान
Updated Thu, 30 Aug 2018 11:38 PM IST
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गोंडा। लखनऊ के गोमतीनगर में कठौता झील में कूदकर खुदकुशी करने वाले दो दोस्तों के शव गोंडा उनके घर पहुंचे तो कोहराम मच गया। खुदकुशी से पहले एक युवक ने अपने नाना को गोंडा फोन किया था। संक्षिप्त बातचीत में उसने उन्हें बताया था कि गोंडा के ही कुछ युवकाें ने उसे बुरी तरह मारापीटा है। वह इस बेइज्जती को बर्दाश्त नहीं कर सकता, इसलिए खुदकुशी करने जा रहा है। आशंका है कि उसे बचाने के प्रयास में उसके दोस्त की भी झील में ही डूबकर मौत हो गई। दोनों युवकों के शव लखनऊ में पोस्टमार्टम के बाद गोंडा लाए गए।
गोंडा के हलधरमऊ ब्लॉक के सुमेरपुर गांव के रहने वाले अमरेश सिंह का 20 वर्षीय बेटा दिव्यांश लखनऊ में कोचिंग कर रहा था। दिव्यांश के नाना सूबेदार सिंह ने बताया कि उनकी बेटी ललिता सिंह नगर पालिका प्राथमिक विद्यालय गोंडा में अध्यापिका है। उनके मुुताबिक ललिता व उसका बड़ा बेटा दिव्यांश, छोटा बेटा ओम उनके साथ ही गोंडा शहर में रहते थे।
बुधवार की रात करीब नौ बजे उनके मोबाइल पर दिव्यांश ने एक नंबर से कॉल की और बताया कि उसे गोंडा के ही रहने वाले कुछ युवकों ने बहुत मारापीटा है और उसका मोबाइल भी छीन लिया है, जिससे वह बुरी तरह आहत है। वह अब इतनी बेइज्जती नहीं सहन कर सकता, इसलिए आत्महत्या करने जा रहा है। इसके बाद क्या हुआ, उन्हें जानकारी नहीं।
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बाद में पता चला कि दिव्यांश ने कठौता झील में कूदकर खुदकुशी कर ली है। सूबेदार सिंह ने जब उसी नंबर पर दोबारा फोन मिलाया तो कॉल रिसीव हुई, लेकिन फोन उठाने वाले ने बताया कि हरदोई के एक होटल से बोल रहा है। उसके बाद फोन बंद हो गया। बृहस्पतिवार को दिव्यांश का शव लखनऊ में पोस्टमार्टम के बाद सुमेरपुर स्थित अमरेश के पैतृक गांव पहुंचा तो वहां कोहराम मच गया। दिव्यांश के पिता अमरेश, मां ललिता, छोटा भाई ओम, नाना सूूबेदार सिंह सभी का रो-रोकर हाल बेहाल है।
उधर, कौड़िया थाना क्षेत्र के तेलिया खुर्द गांव के रहने वाले ठेकेदार जितेंद्र श्रीवास्तव के घर में भी सभी का रो-रोकर बुरा हाल है। जितेंद्र इस समय में शहर के छेदीपुरवा में बड़े बेटे अंकुर, मझले अंकित, छोटे अमित व पत्नी शांती देवी के साथ रहते हैं। छोटा बेटा अमित लखनऊ में प्राइवेट नौकरी करता था। अमित और दिव्यांश की खासी दोस्ती थी।
जितेंद्र के मुुताबिक बुधवार की सुबह अमित अपने साथी दिव्यांश के साथ लखनऊ गया था। देर रात दोनों के मौत की खबर आई। इसके बाद वह लखनऊ के लिए रवाना हो गए। अमित का शव गुरुवार की दोपहर उसके गांव तेलिया कोट पहुंचा तो पूरे परिवार में कोहराम मच गया। परिवारीजनों को आशंका है कि दिव्यांश को बचाने के प्रयास में अमित भी कठौता झील में डूब गया।
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गोंडा के हलधरमऊ ब्लॉक के सुमेरपुर गांव के रहने वाले अमरेश सिंह का 20 वर्षीय बेटा दिव्यांश लखनऊ में कोचिंग कर रहा था। दिव्यांश के नाना सूबेदार सिंह ने बताया कि उनकी बेटी ललिता सिंह नगर पालिका प्राथमिक विद्यालय गोंडा में अध्यापिका है। उनके मुुताबिक ललिता व उसका बड़ा बेटा दिव्यांश, छोटा बेटा ओम उनके साथ ही गोंडा शहर में रहते थे।
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बुधवार की रात करीब नौ बजे उनके मोबाइल पर दिव्यांश ने एक नंबर से कॉल की और बताया कि उसे गोंडा के ही रहने वाले कुछ युवकों ने बहुत मारापीटा है और उसका मोबाइल भी छीन लिया है, जिससे वह बुरी तरह आहत है। वह अब इतनी बेइज्जती नहीं सहन कर सकता, इसलिए आत्महत्या करने जा रहा है। इसके बाद क्या हुआ, उन्हें जानकारी नहीं।
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बाद में पता चला कि दिव्यांश ने कठौता झील में कूदकर खुदकुशी कर ली है। सूबेदार सिंह ने जब उसी नंबर पर दोबारा फोन मिलाया तो कॉल रिसीव हुई, लेकिन फोन उठाने वाले ने बताया कि हरदोई के एक होटल से बोल रहा है। उसके बाद फोन बंद हो गया। बृहस्पतिवार को दिव्यांश का शव लखनऊ में पोस्टमार्टम के बाद सुमेरपुर स्थित अमरेश के पैतृक गांव पहुंचा तो वहां कोहराम मच गया। दिव्यांश के पिता अमरेश, मां ललिता, छोटा भाई ओम, नाना सूूबेदार सिंह सभी का रो-रोकर हाल बेहाल है।
उधर, कौड़िया थाना क्षेत्र के तेलिया खुर्द गांव के रहने वाले ठेकेदार जितेंद्र श्रीवास्तव के घर में भी सभी का रो-रोकर बुरा हाल है। जितेंद्र इस समय में शहर के छेदीपुरवा में बड़े बेटे अंकुर, मझले अंकित, छोटे अमित व पत्नी शांती देवी के साथ रहते हैं। छोटा बेटा अमित लखनऊ में प्राइवेट नौकरी करता था। अमित और दिव्यांश की खासी दोस्ती थी।
जितेंद्र के मुुताबिक बुधवार की सुबह अमित अपने साथी दिव्यांश के साथ लखनऊ गया था। देर रात दोनों के मौत की खबर आई। इसके बाद वह लखनऊ के लिए रवाना हो गए। अमित का शव गुरुवार की दोपहर उसके गांव तेलिया कोट पहुंचा तो पूरे परिवार में कोहराम मच गया। परिवारीजनों को आशंका है कि दिव्यांश को बचाने के प्रयास में अमित भी कठौता झील में डूब गया।