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कोटा से लाए गए 200 बच्चे बोले, धन्यवाद योगी जी
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गोंडा के करनैलगंज कोटा से आये बच्चों की स्क्रीनिंग करती स्वास्थ्य टीम।
- फोटो : GONDA
करनैलगंज (गोंडा)। राजस्थान के कोटा से रविवार को जिले के 200 बच्चे 6 बसों से लाए गए। मेडिकल व इंजीनियरिंग की तैयारी करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रदेश सरकार द्वारा उनके घरों तक भेजने की व्यवस्था बनाई गई।
जिले की सीमा में प्रवेश करने के बाद करनैलगंज के आश्रम पद्धति इंटर कॉलेज में उनके स्वास्थ्य परीक्षण, स्क्रीनिंग, भोजन आदि की व्यवस्था कराई गई। कोरोना के दहशत के साथ अपने जिले में प्रवेश करने के बाद छात्र-छात्राओं की आंखों में खुशी के आंसू से छलक आए। बच्चों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस कार्य की प्रशंसा करते हुए धन्यवाद दिया।
छात्र-छात्राओं ने बताया कि 17 अप्रैल को उन्हें अपने-अपने जिलों व घरों को जाने के लिए यूपी की रोडवेज बसों की उपलब्धता कराई गई थीं। उसके बाद उन्हें वहां से रवाना किया गया। शनिवार की शाम से रविवार की दोपहर बाद तक उन्हें खाने पीने की कोई भी वस्तु नहीं मिली।
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सभी ने बताया कि रास्ते में कई जगह चेकिंग हुई चेकिंग के दौरान उन लोगों को परेशानी भी उठानी पड़ी। मगर जो व्यवस्था गोंडा जिले में आने के बाद मिली है वह योगी सरकार की तारीफ करने योग्य है। सभी छात्र-छात्राओं ने एक स्वर से ‘थैंक यू योगी जी व मोदी जी आपका बहुत-बहुत आभार’ कहने के बाद सभी अपने-अपने कमरों में चले गए। प्रशासन ने उन्हें ढांढस बंधाते हुए उनके घरों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया तो उनकी खुशी का ठिकाना न रहा।
जिलाधिकारी डॉ. नितिन बंसल के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक, एसडीएम, सीओ, जिला समाज कल्याण अधिकारी, पीडी, कोतवाल करनैलगंज, चौकी प्रभारी कस्बा समेत तमाम अधिकारी मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल के साथ जमा रहे।
कोटा राजस्थान से आने वाली 6 बसों को रिसीव कर आश्रम पद्धति इंटर कॉलेज ले जाया गया। जहां सभी छात्र-छात्राओं व उनके अभिभावकों को उतारकर स्वास्थ्य परीक्षण एवं स्क्रीनिंग कराई गई। करीब 20 कमरों में उनके ठहरने की व्यवस्था की गई। सभी कमरों को बेड, साबुन, डेटॉल, सैनिटाइजर आदि की व्यवस्था की गई। बसों के पहुंचने के बाद सभी को बसों से उतारकर उनकी सूची तैयार करने के साथ-साथ स्क्रीनिंग हुई और उन्हें भोजन आदि कराकर विश्राम के लिए उनके कमरों में शिफ्ट किया गया।
एसडीएम ज्ञान चंद गुप्ता ने बताया कि कुछ छात्र-छात्राएं बलरामपुर व श्रावस्ती जिले के हैं। जिन्हें एक बस पर शिफ्ट करा कर उनके जिलों को भेजा जा रहा है। बाकी गोंडा जनपद के सभी छात्र-छात्राओं व अभिभावकों को विद्यालय में ही रोका जा रहा है। स्वास्थ्य परीक्षण व स्क्रीनिंग के बाद उनको घरों तक भिजवाया जाएगा।
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जिले की सीमा में प्रवेश करने के बाद करनैलगंज के आश्रम पद्धति इंटर कॉलेज में उनके स्वास्थ्य परीक्षण, स्क्रीनिंग, भोजन आदि की व्यवस्था कराई गई। कोरोना के दहशत के साथ अपने जिले में प्रवेश करने के बाद छात्र-छात्राओं की आंखों में खुशी के आंसू से छलक आए। बच्चों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस कार्य की प्रशंसा करते हुए धन्यवाद दिया।
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छात्र-छात्राओं ने बताया कि 17 अप्रैल को उन्हें अपने-अपने जिलों व घरों को जाने के लिए यूपी की रोडवेज बसों की उपलब्धता कराई गई थीं। उसके बाद उन्हें वहां से रवाना किया गया। शनिवार की शाम से रविवार की दोपहर बाद तक उन्हें खाने पीने की कोई भी वस्तु नहीं मिली।
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सभी ने बताया कि रास्ते में कई जगह चेकिंग हुई चेकिंग के दौरान उन लोगों को परेशानी भी उठानी पड़ी। मगर जो व्यवस्था गोंडा जिले में आने के बाद मिली है वह योगी सरकार की तारीफ करने योग्य है। सभी छात्र-छात्राओं ने एक स्वर से ‘थैंक यू योगी जी व मोदी जी आपका बहुत-बहुत आभार’ कहने के बाद सभी अपने-अपने कमरों में चले गए। प्रशासन ने उन्हें ढांढस बंधाते हुए उनके घरों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया तो उनकी खुशी का ठिकाना न रहा।
जिलाधिकारी डॉ. नितिन बंसल के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक, एसडीएम, सीओ, जिला समाज कल्याण अधिकारी, पीडी, कोतवाल करनैलगंज, चौकी प्रभारी कस्बा समेत तमाम अधिकारी मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल के साथ जमा रहे।
कोटा राजस्थान से आने वाली 6 बसों को रिसीव कर आश्रम पद्धति इंटर कॉलेज ले जाया गया। जहां सभी छात्र-छात्राओं व उनके अभिभावकों को उतारकर स्वास्थ्य परीक्षण एवं स्क्रीनिंग कराई गई। करीब 20 कमरों में उनके ठहरने की व्यवस्था की गई। सभी कमरों को बेड, साबुन, डेटॉल, सैनिटाइजर आदि की व्यवस्था की गई। बसों के पहुंचने के बाद सभी को बसों से उतारकर उनकी सूची तैयार करने के साथ-साथ स्क्रीनिंग हुई और उन्हें भोजन आदि कराकर विश्राम के लिए उनके कमरों में शिफ्ट किया गया।
एसडीएम ज्ञान चंद गुप्ता ने बताया कि कुछ छात्र-छात्राएं बलरामपुर व श्रावस्ती जिले के हैं। जिन्हें एक बस पर शिफ्ट करा कर उनके जिलों को भेजा जा रहा है। बाकी गोंडा जनपद के सभी छात्र-छात्राओं व अभिभावकों को विद्यालय में ही रोका जा रहा है। स्वास्थ्य परीक्षण व स्क्रीनिंग के बाद उनको घरों तक भिजवाया जाएगा।