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हजारों हेक्टेयर फसल बाढ़ में डूबी, कई संपर्क मार्ग कटे
Updated Sun, 05 Aug 2018 12:46 AM IST
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हजारों हेक्टेयर फसल बाढ़ में डूबी, कई संपर्क मार्ग कटे
गोंडा। शुक्रवार को करनैलगंज क्षेत्र के ग्राम नकहरा के सामने एल्गिन चरसड़ी बांध के बीच बनाए गए अस्थाई रिंग बांध के कट जाने के बाद अब ग्रामीण क्षेत्र की स्थिति लगातार भयावह होती जा रही है।
घाघरा में बाढ़ का पानी लगातार ग्रामीण क्षेत्र में फैलता जा रहा है। बाढ़ में हजारों हेक्टेयर फसल डूब गई है और पाल्हापुर-नकहरा तथा नकहरा से गौरा सिंहनापुर जाने वाली सड़क भी कट गई है। पानी का फैलाव तेज होता जा रहा है।
शनिवार को ग्राम नकहरा, काशीपुर ग्राम पंचायत के अलावा नैपुरा, कमियार, परसावल, बांसगांव के करीब 2 दर्जन से अधिक मजरे बाढ़ के पानी से प्रभावित हो चुके हैं। पाल्हापुर से नकहरा जाते समय तीन किलोमीटर पहले गौरा चौहट्टा गांव के पहले ही सड़क पर पानी बहाव शुरू हो गया था।
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यहां सड़क में कटान शुरू हो गई थी। सड़क पार करते समय कई लोगों के वाहन इसमें फंस गए। सीएम के निरीक्षण को लेकर नकहरा जा रहे अपर जिलाधिकारी, एसडीएम करनैलगंज तथा सीओ सहित अन्य अधिकारी वापस भाग खड़े हुए।
अधिकारी स्वयं कह रहे थे कि इधर से यदि निकल भी गए तो वापस आते समय कहीं और अधिक पानी हो गया तो फंसने का डर रहेगा।
चचरी से नकहरा और जरवल से नकहरा, गौरा मांझा जाने वाले मार्ग पर पानी भर जाने की वजह से यातायात बंद हो चुका है। कई स्थानों पर नाव लगाने की नौबत भी आ चुकी है और आधा दर्जन स्थानों पर गांव के संपर्क मार्ग पूरी तरीके से ध्वस्त हो चुके हैं।
जिस पर करीब 3 से 4 फीट ऊंचा पानी तेजी से बहने लगा है। शनिवार को घाघरा का जल स्तर शुक्रवार की अपेक्षा 6 सेंटीमीटर घटकर खतरे के निशान से 20 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा था। करीब 1 लाख 97 हजार क्यूसेक पानी घाघरा में डिस्चार्ज हुआ।
घाघरा के रुख बदलने की वजह से करनैलगंज क्षेत्र में तबाही का मंजर दिखाई देने लगा है। घाघरा लगातार खेतों में लगी फसलों को काटकर कृषि योग्य भूमि को धारा में समाहित करती जा रही है। जलमग्न हो चुके गांव के आसपास घाघरा का पानी लगातार कटान करने में लगा है।
अहम बात यह है कि जो रिंग बांध 50 मीटर के दायरे में कटा था अब कटान का दायरा सौ मीटर तक पहुंच गया है। जिससे पानी का भाव करनैलगंज की ओर हो रहा है। महिला, बच्चे व अन्य लोगों को कमर तक पानी में घुसकर बाहर निकलना पड़ा।
नकहरा गांव के मोड़ पर सड़क कटने के कारण यहां ग्रामीण नाव से इस पार से उस पार होते दिखे। ग्रामीण राम भजन ने बताया कि नकहरा सहित अन्य गांवों को जाने वाले सभी मार्ग लगभग कट चुके हैं।
पानी सड़क के ऊपर से बहते हुए अन्य गांवों व फसलों को चपेट में ले रहा है। नकहरा के बगल से गुजरे एलिगन-चरसड़ी के सुरक्षित बांध पर ग्रामीण खुले आसमान के नीचे टिके हुए हैं।
सीएम ने बाढ़ को हल्के में लिया : योगेश प्रताप सिंह
गोंडा। शनिवार को मुख्यमंत्री के बाढ़ क्षेत्र के दौरे को लेकर पूर्व राज्यमंत्री योगेश प्रताप सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि जिस कार्यक्रम का आयोजन पाल्हापुर में किया गया, वह मुख्यमंत्री की गरिमा के विपरीत था।
आपदा जैसी स्थिति में भाजपा के नेताओं व जनप्रतिनिधियों द्वारा मुख्यमंत्री के आगमन पर प्रसन्नता व्यक्त करना निंदनीय है। पूर्व राज्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा यह कहना कि बरसात के चलते बांध कटा है इससे यह मालूम होता है कि करनैलगंज क्षेत्र में आई इस आपदा को बहुत ही हल्केपन में लिया जा रहा है और बांध के निर्माण के पीछे की गई बेईमानी को छिपाने के लिए बरसात को दोष दे दिया गया। उन्होंने कहा कि इस आपदा को सरकार बहुत गंभीरता से नहीं ले रही है। जो इस क्षेत्र की जनता के लिए उपेक्षाकारी है।
सपा का प्रतिनिधि मंडल आज लेगा जायजा
रविवार को समाजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के साथ बांध के कटान स्थल तक जाएगा। तथा क्षेत्र की बदहाल व्यवस्था से सपा के मुखिया व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को अवगत कराएगा।
यह जानकारी देते हुए पूर्व राज्यमंत्री योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधि मंडल जिसमें जिला अध्यक्ष महफूज खान के साथ समाजवादी पार्टी के विभिन्न प्रकोष्ठों के अध्यक्ष व सपा के कई अन्य नेता प्रतिनिधिमंडल में शामिल होंगे। जो बांध के कटान स्थल तक जाएंगे।
इसके साथ ही बाढ़ से प्रभावित हुए गांव को भी देखेंगे। जो भी स्थिति होगी उस स्थिति से पार्टी के मुखिया व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को अवगत कराया जाएगा।
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गोंडा। शुक्रवार को करनैलगंज क्षेत्र के ग्राम नकहरा के सामने एल्गिन चरसड़ी बांध के बीच बनाए गए अस्थाई रिंग बांध के कट जाने के बाद अब ग्रामीण क्षेत्र की स्थिति लगातार भयावह होती जा रही है।
घाघरा में बाढ़ का पानी लगातार ग्रामीण क्षेत्र में फैलता जा रहा है। बाढ़ में हजारों हेक्टेयर फसल डूब गई है और पाल्हापुर-नकहरा तथा नकहरा से गौरा सिंहनापुर जाने वाली सड़क भी कट गई है। पानी का फैलाव तेज होता जा रहा है।
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शनिवार को ग्राम नकहरा, काशीपुर ग्राम पंचायत के अलावा नैपुरा, कमियार, परसावल, बांसगांव के करीब 2 दर्जन से अधिक मजरे बाढ़ के पानी से प्रभावित हो चुके हैं। पाल्हापुर से नकहरा जाते समय तीन किलोमीटर पहले गौरा चौहट्टा गांव के पहले ही सड़क पर पानी बहाव शुरू हो गया था।
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यहां सड़क में कटान शुरू हो गई थी। सड़क पार करते समय कई लोगों के वाहन इसमें फंस गए। सीएम के निरीक्षण को लेकर नकहरा जा रहे अपर जिलाधिकारी, एसडीएम करनैलगंज तथा सीओ सहित अन्य अधिकारी वापस भाग खड़े हुए।
अधिकारी स्वयं कह रहे थे कि इधर से यदि निकल भी गए तो वापस आते समय कहीं और अधिक पानी हो गया तो फंसने का डर रहेगा।
चचरी से नकहरा और जरवल से नकहरा, गौरा मांझा जाने वाले मार्ग पर पानी भर जाने की वजह से यातायात बंद हो चुका है। कई स्थानों पर नाव लगाने की नौबत भी आ चुकी है और आधा दर्जन स्थानों पर गांव के संपर्क मार्ग पूरी तरीके से ध्वस्त हो चुके हैं।
जिस पर करीब 3 से 4 फीट ऊंचा पानी तेजी से बहने लगा है। शनिवार को घाघरा का जल स्तर शुक्रवार की अपेक्षा 6 सेंटीमीटर घटकर खतरे के निशान से 20 सेंटीमीटर ऊपर बह रहा था। करीब 1 लाख 97 हजार क्यूसेक पानी घाघरा में डिस्चार्ज हुआ।
घाघरा के रुख बदलने की वजह से करनैलगंज क्षेत्र में तबाही का मंजर दिखाई देने लगा है। घाघरा लगातार खेतों में लगी फसलों को काटकर कृषि योग्य भूमि को धारा में समाहित करती जा रही है। जलमग्न हो चुके गांव के आसपास घाघरा का पानी लगातार कटान करने में लगा है।
अहम बात यह है कि जो रिंग बांध 50 मीटर के दायरे में कटा था अब कटान का दायरा सौ मीटर तक पहुंच गया है। जिससे पानी का भाव करनैलगंज की ओर हो रहा है। महिला, बच्चे व अन्य लोगों को कमर तक पानी में घुसकर बाहर निकलना पड़ा।
नकहरा गांव के मोड़ पर सड़क कटने के कारण यहां ग्रामीण नाव से इस पार से उस पार होते दिखे। ग्रामीण राम भजन ने बताया कि नकहरा सहित अन्य गांवों को जाने वाले सभी मार्ग लगभग कट चुके हैं।
पानी सड़क के ऊपर से बहते हुए अन्य गांवों व फसलों को चपेट में ले रहा है। नकहरा के बगल से गुजरे एलिगन-चरसड़ी के सुरक्षित बांध पर ग्रामीण खुले आसमान के नीचे टिके हुए हैं।
सीएम ने बाढ़ को हल्के में लिया : योगेश प्रताप सिंह
गोंडा। शनिवार को मुख्यमंत्री के बाढ़ क्षेत्र के दौरे को लेकर पूर्व राज्यमंत्री योगेश प्रताप सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि जिस कार्यक्रम का आयोजन पाल्हापुर में किया गया, वह मुख्यमंत्री की गरिमा के विपरीत था।
आपदा जैसी स्थिति में भाजपा के नेताओं व जनप्रतिनिधियों द्वारा मुख्यमंत्री के आगमन पर प्रसन्नता व्यक्त करना निंदनीय है। पूर्व राज्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा यह कहना कि बरसात के चलते बांध कटा है इससे यह मालूम होता है कि करनैलगंज क्षेत्र में आई इस आपदा को बहुत ही हल्केपन में लिया जा रहा है और बांध के निर्माण के पीछे की गई बेईमानी को छिपाने के लिए बरसात को दोष दे दिया गया। उन्होंने कहा कि इस आपदा को सरकार बहुत गंभीरता से नहीं ले रही है। जो इस क्षेत्र की जनता के लिए उपेक्षाकारी है।
सपा का प्रतिनिधि मंडल आज लेगा जायजा
रविवार को समाजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के साथ बांध के कटान स्थल तक जाएगा। तथा क्षेत्र की बदहाल व्यवस्था से सपा के मुखिया व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को अवगत कराएगा।
यह जानकारी देते हुए पूर्व राज्यमंत्री योगेश प्रताप सिंह ने बताया कि समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधि मंडल जिसमें जिला अध्यक्ष महफूज खान के साथ समाजवादी पार्टी के विभिन्न प्रकोष्ठों के अध्यक्ष व सपा के कई अन्य नेता प्रतिनिधिमंडल में शामिल होंगे। जो बांध के कटान स्थल तक जाएंगे।
इसके साथ ही बाढ़ से प्रभावित हुए गांव को भी देखेंगे। जो भी स्थिति होगी उस स्थिति से पार्टी के मुखिया व पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को अवगत कराया जाएगा।