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इलाज में लापरवाही से कोख में ही मर गई बच्ची
Updated Mon, 04 Sep 2017 11:16 PM IST
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इलाज में लापरवाही से गर्भस्थ शिशु की मौत
परसपुर (गोंडा)। डिलीवरी से 19 घंटे पहले बाढ़ प्रभावित गांव चंदापुर किटौली से सीएचसी पररसपुर में भर्ती हुई एक प्रसूता की डिलीवरी यहां तैनात स्टाफ नर्स ने 12 घंटे तब तक नहीं की। जबतक उसके कोख में पल रही बच्ची नहीं मर गई।
प्राइवेट में एक नर्स ने जब महिला की डिलीवरी की तो उसे मरी हुई बच्ची पैदा हुई। मामले की शिकायत चंदापुर किटौली गांव के रहने वाले राजेश ने सीएमओ से की है।
मामला परसपुर इलाके के बाढ़ प्रभावित गांव चंदापुर किटौली का है। यहां रहने वाला राजेश अपनी गर्भवती पत्नी सुशीला की डिलीवरी के लिए उसे रविवार को लेकर सीएचसी परसपुर आया हुआ था।
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चंदापुर किटौली से 102 नम्बर एंबुलेंस को फोन करके वह अपनी पत्नी को 20 किलोमीटर दूर सीएचसी परसपुुर लाया। जहां उसे सुबह 10 बजे सीएचसी में भर्ती कर लिया गया। राजेश ने यहां तैनात स्टाफ नर्स से पत्नी का चेकअप कराया तो स्टाफ नर्स ने उसे दवाईयों की एक पर्ची लिखकर दे दी और कहा कि सब कुछ ठीक रहा तो शाम 5 बजे तक उसे बच्चा हो जाएगा।
शाम को 5 बजे पूछने पर स्टाफनर्स ने कहा कि रात 10 बजे तक इंतजार करो। रात में 10 बजे जब वह फिर से स्टाफ नर्स के पास गया तो उससे कहा गया कि सुबह तक वेट करो। इसी बीच सुबह होते-होते उसकी पत्नी की हालत काफी खराब हो गई।
इसपर वह भागकर स्टाफ नर्स के पास पहुंचा और उसे पूरी स्थिति से अवगत कराया। बतौर राजेश स्टाफ नर्स ने उसकी बातों को अनसुना करते हुए कहा कि वह पैसे की व्यवस्था कर ले। सुबह 7 बजे वह उसे जिला महिला अस्पताल के लिए रेफर कर देगी।
उधर पत्नी की हालत बेहद खराब होने पर उसने एक प्राइवेट नर्स से सम्पर्क किया तो उसने दो घंटे में डिलीवरी होने की बात कही। लेकिन डिलीवरी में मरी हुई बच्ची पैदा हुई। जिसकी शिकायत राजेश ने फोन पर सीएमओ डा. संतोष कुमार श्रीवास्तव से की। जिन्होंने फोन पर ही स्टाफ नर्स से बात कराने को भी कहा।
लेकिन स्टाफनर्स ने सीएमओ तक से कोई बात फोन पर नहीं की। राजेश का आरोप है कि अगर सही समय पर स्टाफ नर्स उसकी पत्नी की डिलीवरी करा देती तो उसके कोख में पल रही बच्ची की जान न जाती। जिसके लिए राजेश ने सीधे तौर पर स्टाफनर्स को जिम्मेदार मानते हुए इसकी शिकायत सीएमओ से की है।
वर्जन
फोन पर इस मामले की सूचना उन्हें मिली थी। जिसके लिए उन्होंने अधीक्षक परसपुर सीएचसी से मामले की जांच कर रिपोर्ट मांगी है। अधीक्षक से रिपोर्ट आने का वह इंतजार कर रहे हैं। मामले में जिसी किसी की भी गल्ती होगी, उसके खिलाफ कार्रवाई अवश्य की जाएगी।
-संतोष कुमार श्रीवास्तव, सीएमओ गोंडा
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परसपुर (गोंडा)। डिलीवरी से 19 घंटे पहले बाढ़ प्रभावित गांव चंदापुर किटौली से सीएचसी पररसपुर में भर्ती हुई एक प्रसूता की डिलीवरी यहां तैनात स्टाफ नर्स ने 12 घंटे तब तक नहीं की। जबतक उसके कोख में पल रही बच्ची नहीं मर गई।
प्राइवेट में एक नर्स ने जब महिला की डिलीवरी की तो उसे मरी हुई बच्ची पैदा हुई। मामले की शिकायत चंदापुर किटौली गांव के रहने वाले राजेश ने सीएमओ से की है।
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मामला परसपुर इलाके के बाढ़ प्रभावित गांव चंदापुर किटौली का है। यहां रहने वाला राजेश अपनी गर्भवती पत्नी सुशीला की डिलीवरी के लिए उसे रविवार को लेकर सीएचसी परसपुर आया हुआ था।
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चंदापुर किटौली से 102 नम्बर एंबुलेंस को फोन करके वह अपनी पत्नी को 20 किलोमीटर दूर सीएचसी परसपुुर लाया। जहां उसे सुबह 10 बजे सीएचसी में भर्ती कर लिया गया। राजेश ने यहां तैनात स्टाफ नर्स से पत्नी का चेकअप कराया तो स्टाफ नर्स ने उसे दवाईयों की एक पर्ची लिखकर दे दी और कहा कि सब कुछ ठीक रहा तो शाम 5 बजे तक उसे बच्चा हो जाएगा।
शाम को 5 बजे पूछने पर स्टाफनर्स ने कहा कि रात 10 बजे तक इंतजार करो। रात में 10 बजे जब वह फिर से स्टाफ नर्स के पास गया तो उससे कहा गया कि सुबह तक वेट करो। इसी बीच सुबह होते-होते उसकी पत्नी की हालत काफी खराब हो गई।
इसपर वह भागकर स्टाफ नर्स के पास पहुंचा और उसे पूरी स्थिति से अवगत कराया। बतौर राजेश स्टाफ नर्स ने उसकी बातों को अनसुना करते हुए कहा कि वह पैसे की व्यवस्था कर ले। सुबह 7 बजे वह उसे जिला महिला अस्पताल के लिए रेफर कर देगी।
उधर पत्नी की हालत बेहद खराब होने पर उसने एक प्राइवेट नर्स से सम्पर्क किया तो उसने दो घंटे में डिलीवरी होने की बात कही। लेकिन डिलीवरी में मरी हुई बच्ची पैदा हुई। जिसकी शिकायत राजेश ने फोन पर सीएमओ डा. संतोष कुमार श्रीवास्तव से की। जिन्होंने फोन पर ही स्टाफ नर्स से बात कराने को भी कहा।
लेकिन स्टाफनर्स ने सीएमओ तक से कोई बात फोन पर नहीं की। राजेश का आरोप है कि अगर सही समय पर स्टाफ नर्स उसकी पत्नी की डिलीवरी करा देती तो उसके कोख में पल रही बच्ची की जान न जाती। जिसके लिए राजेश ने सीधे तौर पर स्टाफनर्स को जिम्मेदार मानते हुए इसकी शिकायत सीएमओ से की है।
वर्जन
फोन पर इस मामले की सूचना उन्हें मिली थी। जिसके लिए उन्होंने अधीक्षक परसपुर सीएचसी से मामले की जांच कर रिपोर्ट मांगी है। अधीक्षक से रिपोर्ट आने का वह इंतजार कर रहे हैं। मामले में जिसी किसी की भी गल्ती होगी, उसके खिलाफ कार्रवाई अवश्य की जाएगी।
-संतोष कुमार श्रीवास्तव, सीएमओ गोंडा