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बाढ़ से निपटने को जिला प्रशासन ने शुरु की कसरत
Updated Sat, 24 Jun 2017 10:47 PM IST
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बाढ़ से निपटने को जिला प्रशासन ने शुरू की कसरत
समीक्षा बैठक में डीएम ने अफसरों के कसे पेच
आपदा राहत का प्रबन्ध समय से पूरा कराने के निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा। मानसून के दस्तक की आहट मिलते ही जिला प्रशासन ने बाढ़ से निपटने के लिए कसरत शुरु कर दिया है। शनिवार को बाढ़ एवं सूखे को लेकर जिलाधिकारी ने अफसरों के साथ समीक्षा बैठक की। डीएम ने सभी अफसरों को बाढ जैसी आपदा से जनमानस को बचाने को लेकर अफसरों के पेंच कसे। डीएम ने अफसरों को अपने अपने विभागों की कार्ययोजना तैयार रखने के निर्देश दिए।
डीएम ने बाढ़ खण्ड के अधिशासी अभियन्ता को एल्गिन चरसड़ी तटबन्ध पर बरसात के कारण हो गये रेनकट्स व गड्ढों की तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि बाढ़ की स्थिति में तटबन्ध पर शरण लेने हेतु ऊंचे स्थानाें का चिन्हीकरण कर लें तथा उपलब्ध पेयजल व्यवस्था आदि की समीक्षा कर अवगत कराएं। उन्होंने जल निगम के अधिशासी अभियन्ता को निर्देश दिया कि वर्ष 2017 के लिए नलकूपों के उच्चीकरण का प्रस्ताव शीघ्र प्राप्त करें। उन्होंने बन्धे पर शरण लेने वाले परिवारों को शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सम्बन्धित खण्ड विकास अधिकारी की सहायता से कराने का निर्देश दिए हैं। विद्युत आपूर्ति के सम्बन्ध में समीक्षा करते हुए डीएम ने बाढ़ग्रस्त क्षेत्रो में विद्युत ट्रांसफार्मराें को क्षति से बचाने के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने निर्देश दिया कि उपजिलाधिकारी कर्नलगंज व तरबगंज बाढ प्रभावित क्षेत्र के ग्राम प्रधानों के साथ बैठक कर आपदा प्रबन्ध समितियों को सक्त्रिस्य करने के निर्देश दिए। डीएम ने प्रभावित होने वाले लोगों के बैंक खाता संख्या,परिवार में बालिग व नाबालिग सदस्यों की संख्या,आवास का प्रकार, छोटे बडे मवेशियों की अलग अलग संख्या एकत्र करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी दिव्या मित्तल,एडीएम त्रिलोकी सिंह,मुख्य राजस्व अधिकारी अरुण कुमार शुक्ल,मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा उमेश यादव समेत सभी एसडीएम व एएसपी मौजूद रहे।
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समीक्षा बैठक में डीएम ने अफसरों के कसे पेच
आपदा राहत का प्रबन्ध समय से पूरा कराने के निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा। मानसून के दस्तक की आहट मिलते ही जिला प्रशासन ने बाढ़ से निपटने के लिए कसरत शुरु कर दिया है। शनिवार को बाढ़ एवं सूखे को लेकर जिलाधिकारी ने अफसरों के साथ समीक्षा बैठक की। डीएम ने सभी अफसरों को बाढ जैसी आपदा से जनमानस को बचाने को लेकर अफसरों के पेंच कसे। डीएम ने अफसरों को अपने अपने विभागों की कार्ययोजना तैयार रखने के निर्देश दिए।
डीएम ने बाढ़ खण्ड के अधिशासी अभियन्ता को एल्गिन चरसड़ी तटबन्ध पर बरसात के कारण हो गये रेनकट्स व गड्ढों की तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि बाढ़ की स्थिति में तटबन्ध पर शरण लेने हेतु ऊंचे स्थानाें का चिन्हीकरण कर लें तथा उपलब्ध पेयजल व्यवस्था आदि की समीक्षा कर अवगत कराएं। उन्होंने जल निगम के अधिशासी अभियन्ता को निर्देश दिया कि वर्ष 2017 के लिए नलकूपों के उच्चीकरण का प्रस्ताव शीघ्र प्राप्त करें। उन्होंने बन्धे पर शरण लेने वाले परिवारों को शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सम्बन्धित खण्ड विकास अधिकारी की सहायता से कराने का निर्देश दिए हैं। विद्युत आपूर्ति के सम्बन्ध में समीक्षा करते हुए डीएम ने बाढ़ग्रस्त क्षेत्रो में विद्युत ट्रांसफार्मराें को क्षति से बचाने के लिए कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं। डीएम ने निर्देश दिया कि उपजिलाधिकारी कर्नलगंज व तरबगंज बाढ प्रभावित क्षेत्र के ग्राम प्रधानों के साथ बैठक कर आपदा प्रबन्ध समितियों को सक्त्रिस्य करने के निर्देश दिए। डीएम ने प्रभावित होने वाले लोगों के बैंक खाता संख्या,परिवार में बालिग व नाबालिग सदस्यों की संख्या,आवास का प्रकार, छोटे बडे मवेशियों की अलग अलग संख्या एकत्र करने के निर्देश दिए हैं। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी दिव्या मित्तल,एडीएम त्रिलोकी सिंह,मुख्य राजस्व अधिकारी अरुण कुमार शुक्ल,मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा उमेश यादव समेत सभी एसडीएम व एएसपी मौजूद रहे।
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