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खाद्यान्न घोटाले में खाद्य रसद विभाग का एक गोदाम इंचार्ज गिरफ्तार
Updated Fri, 27 Jul 2018 10:17 PM IST
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अनाज घोटाले में गोदाम इंचार्ज गिरफ्तार
गोंडा। जिले के चर्चित अनाज घोटाले के मामले में संलिप्त खाद्य रसद विभाग के कर्मचारियों व उनके सहयोगियों की धरपकड़ के लिए शुक्रवार को सभी ब्लाक गोदाम पर एक साथ छापेमारे गए।
घोटाले में संलिप्ता के आधार पर क्राइम ब्रांच की टीम ने तरबगंज ब्लाक गोदाम के इंचार्ज मनोज शुक्ला को गिरफ्तार किया है। जांच अधिकारियों ने जांच में पाया कि इस गोदाम प्रभारी ने गोदाम के हिस्से के अनाज को बड़ी मात्रा अनाज को निजी गोदामों को डायवर्ट कराया है।
दो माह पहले जिले के वजीरगंज ब्लाक में जिला प्रशासन व पुलिस टीम वजीरगंज ब्लाक क्षेत्र में राजिक उस्मानी के ईंट भट्ठे के पास बने एक निजी गोदाम में छापेमारी कर एक करोड़ रुपये से अधिक का सरकारी अनाज पकड़ा था।
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इस मामले में जिला प्रशासन के निर्देश पर आपूर्ति विभाग के सप्लाई इंस्पेक्टर महेश प्रसाद की ओर से धर्म प्रकाश, सुहेल अहमद, पवन सिंह व शिवम सिंह पर मुकदमा दर्ज कराया गया था। शासन के निर्देश पर इस मामले की जांच क्राइम बांच को सौंपी गई थी। पुलिस टीम अब तक इस मामले में आधा दर्जन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजवा चुकी है।
शुक्रवार को जांच टीमों ने पुलिस टीम के साथ एक साथ सभी 16 ब्लाक गोदामों पर छापेमारी की। लेकिन टीमों के एक साथ छापेमारी के लिए न निर्धारित स्थान पर न पहुंचने पर छापेमारी की सूचना मिलते ही संलिप्त लोग गोदाम व आसपास से भाग निकले।
क्राइम ब्रांच की टीम को तरबगंज ब्लाक का गोदाम प्रभारी मनोज कुमार ही पकड़ में आ सका। पुलिस टीम उससे पूछताछ कर रही है। ऐसे लोगों की तलाश के लिए अन्य टीमें भी काम रही हैं।
इसमें कुछ थानों की टीमों के ढिलाई से टीम का आपरेशन फेल हो गया। कुछ अधिकारियों ने माना कोई टीम समय से पहुंची कुछ ने देर की जिससे सूचना फैलने पर जिम्मेदार व संदिग्ध निकलने में कामयाब रहे।
हाईकोर्ट ने क्राइम ब्रांच से मांगा जवाब
गोंडा। अनाज घोटाले में गिरफ्तार चल रहे वजीरगंज के निजी गोदाम संचालक पवन सिंह व घपले से जुड़े अनिल सोनी की जमानत अर्जी पर हाईकोर्ट ने जवाब मांगा है। पवन सिंह व अनिल सोनी ने अपनी जमानत के लिए हाईकोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की थी।
इस मामले में अर्जी डालने वाले का क्या आपराधिक स्थित है मौजूदा घोटाले में दोनो की ओर से जमानत मिलने पर क्या असर पड़ सकता है इस पर हाईकोर्ट ने रिपोर्ट तलब की है। क्राइमब्रांच प्रभारी इन्द्रजीत यादव का कहना है कि रिपोर्ट तैयार कर हाईकोर्ट को भेजी जा रही है।
घोटाले की जांच का बढ़ेगा दायरा
अनाज घोटाले के मामले में अब तक की जांच में जो तत्य सामने आये उसके आधार पर शुक्रवार को सभी ब्लाक गोदामों पर छापेमारी की कार्रवाई हुई जिसमें केवल एक तरबगंज का गोदाम प्रभारी मनोज शुक्ला ही गिरफ्तार हो सका है।
छापेमारी में कुछ टीम के देरी करने पर छापेमारी की सूचना फै ल जाने से बाकी लोग भाग निकले। फिलहाल टीम जांच टीमें अपना काम कर रही हैं। जांच का दायरा बढ़ेगा।
-मणि लाल पाटीदार, एएसपी पूर्वी
गोंडा। जिले के चर्चित अनाज घोटाले के मामले में संलिप्त खाद्य रसद विभाग के कर्मचारियों व उनके सहयोगियों की धरपकड़ के लिए शुक्रवार को सभी ब्लाक गोदाम पर एक साथ छापेमारे गए।
घोटाले में संलिप्ता के आधार पर क्राइम ब्रांच की टीम ने तरबगंज ब्लाक गोदाम के इंचार्ज मनोज शुक्ला को गिरफ्तार किया है। जांच अधिकारियों ने जांच में पाया कि इस गोदाम प्रभारी ने गोदाम के हिस्से के अनाज को बड़ी मात्रा अनाज को निजी गोदामों को डायवर्ट कराया है।
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दो माह पहले जिले के वजीरगंज ब्लाक में जिला प्रशासन व पुलिस टीम वजीरगंज ब्लाक क्षेत्र में राजिक उस्मानी के ईंट भट्ठे के पास बने एक निजी गोदाम में छापेमारी कर एक करोड़ रुपये से अधिक का सरकारी अनाज पकड़ा था।
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इस मामले में जिला प्रशासन के निर्देश पर आपूर्ति विभाग के सप्लाई इंस्पेक्टर महेश प्रसाद की ओर से धर्म प्रकाश, सुहेल अहमद, पवन सिंह व शिवम सिंह पर मुकदमा दर्ज कराया गया था। शासन के निर्देश पर इस मामले की जांच क्राइम बांच को सौंपी गई थी। पुलिस टीम अब तक इस मामले में आधा दर्जन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजवा चुकी है।
शुक्रवार को जांच टीमों ने पुलिस टीम के साथ एक साथ सभी 16 ब्लाक गोदामों पर छापेमारी की। लेकिन टीमों के एक साथ छापेमारी के लिए न निर्धारित स्थान पर न पहुंचने पर छापेमारी की सूचना मिलते ही संलिप्त लोग गोदाम व आसपास से भाग निकले।
क्राइम ब्रांच की टीम को तरबगंज ब्लाक का गोदाम प्रभारी मनोज कुमार ही पकड़ में आ सका। पुलिस टीम उससे पूछताछ कर रही है। ऐसे लोगों की तलाश के लिए अन्य टीमें भी काम रही हैं।
इसमें कुछ थानों की टीमों के ढिलाई से टीम का आपरेशन फेल हो गया। कुछ अधिकारियों ने माना कोई टीम समय से पहुंची कुछ ने देर की जिससे सूचना फैलने पर जिम्मेदार व संदिग्ध निकलने में कामयाब रहे।
हाईकोर्ट ने क्राइम ब्रांच से मांगा जवाब
गोंडा। अनाज घोटाले में गिरफ्तार चल रहे वजीरगंज के निजी गोदाम संचालक पवन सिंह व घपले से जुड़े अनिल सोनी की जमानत अर्जी पर हाईकोर्ट ने जवाब मांगा है। पवन सिंह व अनिल सोनी ने अपनी जमानत के लिए हाईकोर्ट में जमानत अर्जी दाखिल की थी।
इस मामले में अर्जी डालने वाले का क्या आपराधिक स्थित है मौजूदा घोटाले में दोनो की ओर से जमानत मिलने पर क्या असर पड़ सकता है इस पर हाईकोर्ट ने रिपोर्ट तलब की है। क्राइमब्रांच प्रभारी इन्द्रजीत यादव का कहना है कि रिपोर्ट तैयार कर हाईकोर्ट को भेजी जा रही है।
घोटाले की जांच का बढ़ेगा दायरा
अनाज घोटाले के मामले में अब तक की जांच में जो तत्य सामने आये उसके आधार पर शुक्रवार को सभी ब्लाक गोदामों पर छापेमारी की कार्रवाई हुई जिसमें केवल एक तरबगंज का गोदाम प्रभारी मनोज शुक्ला ही गिरफ्तार हो सका है।
छापेमारी में कुछ टीम के देरी करने पर छापेमारी की सूचना फै ल जाने से बाकी लोग भाग निकले। फिलहाल टीम जांच टीमें अपना काम कर रही हैं। जांच का दायरा बढ़ेगा।
-मणि लाल पाटीदार, एएसपी पूर्वी