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मरीज का पता चला पर एंटीडोज अबतक नहीं लगा
Updated Thu, 31 Aug 2017 12:04 AM IST
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डेंगू और स्वाइन फ्लू पर नियंत्रण नहीं कर पा रहा विभाग
अब तक जिले में स्वाइन फ्लू के 12 तो डेंगू के नौ मरीज मिले
अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा। जिले में अब तक स्वाइन फ्लू के 12 तो डेंगू के 9 मामले सामने आ चुके हैं। इसमें से स्वाइन फ्लू के 8 मामलों की तस्दीक अब तक जिलास्तरीय स्वास्थ्य टीम कर चुकी है। जबकि सोमवार की रात आए स्वाइन फ्लू के तीन मामलों की तस्दीक होनी अभी बाकी है। वहीं स्वास्थ्य विभाग की पड़ताल में जिले को भेजा गया स्वाइन फ्लू का एक मामला बहराइच का होना पाया गया है। इसके अतिरिक्त डेंगू के 9 मामलों में 8 की तस्दीक होने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग के जिलास्तरीय अधिकारी जिस तरह से इस बीमारी की रोकथाम के लिए काम कर रहे हैं। वह अपने आप में चौंकाने वाला है।
सोमवार रात शहर के आवास विकास मोहल्ले में रहने वाले टीवी चैनल के पत्रकार अंचल श्रीवास्तव की मां ललित मोहिनी श्रीवास्तव की स्वाइन फ्लू से मौत हो गई थी। इसकी रिपोर्ट सोमवार की रात में ही लखनऊ से जिला स्तरीय स्वास्थ्य अधिकारियों को भेज दी गई थी। लेकिन तब से 48 घंटे बीतने के बाद भी अब तक पीड़ित मरीजों के परिजनों को इस बीमारी से बचाने के लिए उन्हें एंटीडोज के तौर पर दिए जाने वाले टैमीफ्लू का इंजेंक्शन नहीं लगाया गया। इतना ही नहीं बीमारी की रोकथाम के लिए इस मोहल्ले में किसी तरह का कोई छिडक़ाव भी बुधवार की शाम तक नहीं हुआ था।
ऐसे में सवाल इस बात का है कि जब शहर के आवास विकास जैसै पॉश मोहल्ले से संज्ञान में आए स्वाइन फ्लू के इस मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग का रवैया इतना लचर है तो फिर करनैलगंज में जो दो और मामले स्वाइन फ्लू के मिले हैं। वहां उनके पीड़ित परिवारों को एंटीडोज दिए जाने का आलम क्या होगा। करनैलगंज के मोहल्ला भटपुरवा में रहने वाले गुलशन तिवारी (2) और करनैलगंज में रहने वाली चांदनी (6) का इलाज अभी भी लखनऊ के अस्पताल में चल रहा है। लेकिन बुधवार को 48 घंटे बीतने के बाद भी यहां स्वास्थ्य विभाग का कोई कर्मचारी पीड़ित परिवार को एंटीडोज देने यहां नहीं पहुंचा था। न ही किसी तरह का कोई दवा का छिडक़ाव ही मोहल्ले में किया गया था।
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इनसेट
जिले में यह लोग हैं स्वाइन फ्लू से बीमार
फरीद आलम (23) निवासी मोहल्ला पटेलनगर, तालुकदार सिंह (65) निवासी करनैलगंज, आर्य सिंह (7) निवासी जहंगिरवा करनैलगंज, रवीन्द्र कुमार मिश्र (37) निवासी कुंदुरखी काजीदेवर, सरिता (18) निवासी मोहल्ला राजा, रामप्रवेश (20) निवासी करनैलगंज, उत्कर्ष (8) निवासी मोतीगंज, गुलशन तिवारी (2) निवासी भटपुरवा करनैलगंज, चांदनी (6) करनैलगंज
इनसेट
जिले में यह लोग हैं डेंगू से बीमार
राज तिवारी (5) निवासी दुलंबीपुरवा तरबगंज, राजू (35) निवासी चौकबाजार, मंजू गुप्ता (58) निवासी जानकीनगर कालोनी, अंजली (4) निवासी तिलकपुरवा परसपुर, सुरेश सिंह (35) बालपुर, किरन (9) निवासी आजादनगर बेलसर, मैनुद्दीन खां (8) निवासी खेशपुर चारू छपिया, ममता (22) निवासी रामपुर मोतीगंज
इनसेट
एईएस का एक और पीड़ित मिला
जिले में स्वाइन फ्लू, डेंगू के साथ ही मस्तिष्क बीमारी से भी लोग बीमार चल रहे हैं। मस्तिष्क ज्वर से बीमार खोड़ारे में रहने वाला 8 साल का एक लडक़ा अंचल इससे बीमार होकर लखनऊ के एक अस्पताल में भर्ती है। जबकि खोड़ारे का ही एक दूसरा मामला सतीश पुत्र मेथीलाल के रूप में सामने आया है। निदेशालय के संचारी विभाग से आई रिपोर्ट में पिपरा खोड़ारे के रहने वाले सतीश को एईएस से पीड़ित बताते हुए सम्बंधित गांव में जाकर परिवारीजनों को एंटीडोज देने के निर्देश दिए गए हैं।
इनसेट
निदेशालय के संचारी विभाग से डेंगू, स्वाइन फ्लू व एईएस के जो भी मामले जिले से सम्बंधित उनके पास आ रहे हैं। उन सभी जगहों पर डाक्टरों की टीम भेजकर गांव, मोहल्ले में दवाओं का छिडक़ाव कराया जा रहा है। पीड़ित मरीज के परिजनों को एंटीडोज भी दी जा रही है।
-डा.मुकेश कुमार, नोडल आफीसर
अब तक जिले में स्वाइन फ्लू के 12 तो डेंगू के नौ मरीज मिले
अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा। जिले में अब तक स्वाइन फ्लू के 12 तो डेंगू के 9 मामले सामने आ चुके हैं। इसमें से स्वाइन फ्लू के 8 मामलों की तस्दीक अब तक जिलास्तरीय स्वास्थ्य टीम कर चुकी है। जबकि सोमवार की रात आए स्वाइन फ्लू के तीन मामलों की तस्दीक होनी अभी बाकी है। वहीं स्वास्थ्य विभाग की पड़ताल में जिले को भेजा गया स्वाइन फ्लू का एक मामला बहराइच का होना पाया गया है। इसके अतिरिक्त डेंगू के 9 मामलों में 8 की तस्दीक होने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग के जिलास्तरीय अधिकारी जिस तरह से इस बीमारी की रोकथाम के लिए काम कर रहे हैं। वह अपने आप में चौंकाने वाला है।
सोमवार रात शहर के आवास विकास मोहल्ले में रहने वाले टीवी चैनल के पत्रकार अंचल श्रीवास्तव की मां ललित मोहिनी श्रीवास्तव की स्वाइन फ्लू से मौत हो गई थी। इसकी रिपोर्ट सोमवार की रात में ही लखनऊ से जिला स्तरीय स्वास्थ्य अधिकारियों को भेज दी गई थी। लेकिन तब से 48 घंटे बीतने के बाद भी अब तक पीड़ित मरीजों के परिजनों को इस बीमारी से बचाने के लिए उन्हें एंटीडोज के तौर पर दिए जाने वाले टैमीफ्लू का इंजेंक्शन नहीं लगाया गया। इतना ही नहीं बीमारी की रोकथाम के लिए इस मोहल्ले में किसी तरह का कोई छिडक़ाव भी बुधवार की शाम तक नहीं हुआ था।
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ऐसे में सवाल इस बात का है कि जब शहर के आवास विकास जैसै पॉश मोहल्ले से संज्ञान में आए स्वाइन फ्लू के इस मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग का रवैया इतना लचर है तो फिर करनैलगंज में जो दो और मामले स्वाइन फ्लू के मिले हैं। वहां उनके पीड़ित परिवारों को एंटीडोज दिए जाने का आलम क्या होगा। करनैलगंज के मोहल्ला भटपुरवा में रहने वाले गुलशन तिवारी (2) और करनैलगंज में रहने वाली चांदनी (6) का इलाज अभी भी लखनऊ के अस्पताल में चल रहा है। लेकिन बुधवार को 48 घंटे बीतने के बाद भी यहां स्वास्थ्य विभाग का कोई कर्मचारी पीड़ित परिवार को एंटीडोज देने यहां नहीं पहुंचा था। न ही किसी तरह का कोई दवा का छिडक़ाव ही मोहल्ले में किया गया था।
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जिले में यह लोग हैं स्वाइन फ्लू से बीमार
फरीद आलम (23) निवासी मोहल्ला पटेलनगर, तालुकदार सिंह (65) निवासी करनैलगंज, आर्य सिंह (7) निवासी जहंगिरवा करनैलगंज, रवीन्द्र कुमार मिश्र (37) निवासी कुंदुरखी काजीदेवर, सरिता (18) निवासी मोहल्ला राजा, रामप्रवेश (20) निवासी करनैलगंज, उत्कर्ष (8) निवासी मोतीगंज, गुलशन तिवारी (2) निवासी भटपुरवा करनैलगंज, चांदनी (6) करनैलगंज
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जिले में यह लोग हैं डेंगू से बीमार
राज तिवारी (5) निवासी दुलंबीपुरवा तरबगंज, राजू (35) निवासी चौकबाजार, मंजू गुप्ता (58) निवासी जानकीनगर कालोनी, अंजली (4) निवासी तिलकपुरवा परसपुर, सुरेश सिंह (35) बालपुर, किरन (9) निवासी आजादनगर बेलसर, मैनुद्दीन खां (8) निवासी खेशपुर चारू छपिया, ममता (22) निवासी रामपुर मोतीगंज
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एईएस का एक और पीड़ित मिला
जिले में स्वाइन फ्लू, डेंगू के साथ ही मस्तिष्क बीमारी से भी लोग बीमार चल रहे हैं। मस्तिष्क ज्वर से बीमार खोड़ारे में रहने वाला 8 साल का एक लडक़ा अंचल इससे बीमार होकर लखनऊ के एक अस्पताल में भर्ती है। जबकि खोड़ारे का ही एक दूसरा मामला सतीश पुत्र मेथीलाल के रूप में सामने आया है। निदेशालय के संचारी विभाग से आई रिपोर्ट में पिपरा खोड़ारे के रहने वाले सतीश को एईएस से पीड़ित बताते हुए सम्बंधित गांव में जाकर परिवारीजनों को एंटीडोज देने के निर्देश दिए गए हैं।
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निदेशालय के संचारी विभाग से डेंगू, स्वाइन फ्लू व एईएस के जो भी मामले जिले से सम्बंधित उनके पास आ रहे हैं। उन सभी जगहों पर डाक्टरों की टीम भेजकर गांव, मोहल्ले में दवाओं का छिडक़ाव कराया जा रहा है। पीड़ित मरीज के परिजनों को एंटीडोज भी दी जा रही है।
-डा.मुकेश कुमार, नोडल आफीसर