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एनजीओ के बलबूते 10 हजार बेटियों का सामूहिक विवाह करायेगी सरकार

Sun, 10 Dec 2017 10:18 PM IST
Updated Sun, 10 Dec 2017 10:18 PM IST
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एनजीओ के बलबूते 10 हजार बेटियों का सामूहिक विवाह करायेगी सरकार
10 हजार बेटियों का सामूहिक विवाह कराएगी सरकार
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गोंडा। गरीब बेटियों के हाथ पीले कराने के लिए संचालित की गई सामूहिक विवाह अनुदान योजना के तहत सरकार की उम्मीद अब स्वयं सहायता समूहों पर टिक गई है। इन समूहों के भरोसे सरकार ने 10 हजार गरीब बेटियों का सामूहिक विवाह कराने का लक्ष्य रखा है।

प्रदेश के समाज कल्याण मंत्री रमापति शास्त्री ने रविवार को बताया कि इसके लिए पूरे प्रदेश में सौ स्वयं सहायता समूहों का चयन किया गया है। प्रत्येक समूह को 100 विवाह कराने का लक्ष्य आवंटित किया गया है।
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समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान समाज कल्याण विभाग की तरफ से गरीब बेटियों के विवाह के लिए प्रोत्साहन राशि के रुप मे 20 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जा रही थी। सरकार बदलने पर इस सामूहिक विवाह अनुदान योजना कर दिया गया और घोषणा की गई कि अब इस योजना के तहत सामूहिक आयोजन कर बेटियों के हाथ पीले किए जाएंगे।
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20 हजार की नकदी के अलावा 10 हजार के जेवर व पांच हजार रुपये आयोजन व भोजन पर खर्च किए जाने की योजना तय की गई है। मगर सामूहिक आयोजन के नाम पर आवेदक बिदक गए और दिसंबर तक इस योजना के तहत जिले स्तर पर एक भी आवेदन नहीं आए।

अमर उजाला ने अपने 8 दिसंबर के अंक में सामूहिक विवाह अनुदान पाने को लोगों में बेरुखी शीर्षक से समाचार का प्रकाशन कर अनुदान योजना में 1.66 करोड़ रुपये की धनराशि के डंप होने का खुलासा किया था। समाज कल्याण मंत्री का गृह जनपद में इस योजना की स्थिति को देखकर पूरे प्रदेश में इसकी सफलता असफलता को लेकर सवाल खड़ा हो रहा था।

इस सवाल का जवाब देने के लिए रविवार को सूबे के समाज कल्याण मंत्री रमापति शास्त्री मीडिया से मुखातिब हुए। मंत्री ने बताया कि सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत सरकार ने 10 हजार गरीब बेटियों के हाथ पीले करने की योजना तैयार की है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए पूरे प्रदेश में सौ स्वयं सहायता समूहों का चयन कर उन्हें लक्ष्य आवंटित किया गया है।

प्रत्येक समूह को सौ कन्याओं का सामूहिक विवाह कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ग्रामीण क्षेत्र में बीपीएल परिवार के 46 हजार की वार्षिक आय व शहरी क्षेत्र में 56 हजार रुपये की वार्षिक आय वाले परिवार इस योजना के तहत पात्र होंगे। मंत्री रमापति शास्त्री ने बताया कि परित्यक्तता व विधवा हो चुकी महिलाएं भी इस योजना के तहत अगर विवाह करती हैं तो उन्हें भी इसका लाभ दिया जाएगा।

इस दौरान तरबगंज के भाजपा विधायक प्रेम नरायन पांडेय,सदर विधायक प्रतीक भूषण शरण सिंह, सदर विधायक प्रतिनिधि महेंद्र सिंह, कैसरगंज सांसद प्रतिनिधि संजीव सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष पियूष मिश्रा, मीडिया प्रभारी अनुपम मिश्रा, वेद प्रकाश दूबे, जिला समाज कल्याण अधिकारी अंजनी कुमार, राजेंद्र सिंह,एसपी सिंह, अरुणेंद्र कुमार, हरीश तिवारी समेत अन्य मौजूद रहे।

सांसद विधायक भी करा सकते हैं सामूहिक विवाह
गोंडा। सामूहिक विवाह को प्रोत्साहित करने के लिए स्वयं सहायता समूह के अलावा सांसद व विधायक भी अपने स्तर से सामूहिक विवाह का आयोजन कर सकेंगे। 10 से अधिक विवाह एक साथ कराने पर ही उसे सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत शामिल किया जाएगा।

इस पर सरकार की तरफ से सामूहिक विवाह अनुदान योजना का लाभ दिया जाएगा। 20 हजार की नकदी वधू के बैंक खाते में दिए जाने के अलावा 15 हजार के जेवर व अन्य सामग्री के साथ प्रत्येक वधू के हिसाब से 5 हजार रुपये की धनराशि टेंट व भोजन मद में दी जाएगी। समाज कल्याण मंत्री ने सभी सांसदों व विधायकों से इस योजना का प्रचार प्रसार कर अपने क्षेत्र की गरीब बेटियों का विवाह इस योजना के जरिए कराने की अपील की है।

चलती रहेगी 20 हजार रुपये अनुदान देने की स्कीम
गोंडा। सामूहिक विवाह अनुदान योजना में लोगों की बेरुखी सामने आने के बाद प्रदेश के समाज कल्याण मंत्री ने बताया कि इस योजना के अलावा पहले से चल रही 20 हजार रुपये अनुदान देने की योजना भी चलती रहेगी।

अगर कोई पात्र आवेदक सामूहिक विवाह योजना में न शामिल होकर अलग व्यक्तिगत समारोह का आयोजन कर अपनी बेटी का विवाह करता है और अनुदान के लिए आवेदन करता है तो उसे भी 20 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जायेगी। इसके लिए आवेदक को विवाह की तिथि से 45 दिन पूर्व आवेदन करना होगा।

पारिवारिक लाभ के भुगतान का ब्योरा तलब
गोंडा। पारिवारिक लाभ के 251 आवेदक पिछले छह माह से भुगतान के लिए विभाग के चक्कर लगा रहे हैं। समाज कल्याण मंत्री का गृह जनपद होने के बावजूद अफसरों की शिथिलता से इन आवेदकों को भुगतान नहीं हो पा रहा है। डीएम की स्वीकृति मिलने के बावजूद भुगतान न होना बड़ा सवाल है।


समाज कल्याण अधिकारी अंजनी कुमार को बुलाकर भुगतान न होने के कारणों की जानकारी मांगी है और बकाया भुगतान का ब्योरा तलब किया है। समाज कल्याण मंत्री रमापति शास्त्री ने बताया कि जल्द ही पारिवारिक लाभ का भुगतान कराया जाएगा।
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