{"_id":"66f9992135088d526c05ab7c","slug":"17-panchayats-are-tb-free-pradhans-will-get-respect-gonda-news-c-100-1-gon1001-124597-2024-09-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gonda News: 17 पंचायतें टीबी मुक्त, प्रधानों को मिलेगा सम्मान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gonda News: 17 पंचायतें टीबी मुक्त, प्रधानों को मिलेगा सम्मान
Sun, 29 Sep 2024 11:45 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
संवाद न्यूज एजेंसी, गोंडा
Updated Sun, 29 Sep 2024 11:45 PM IST
विज्ञापन
गोंडा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के टीबी मुक्त भारत के सपने को साकार करने में अपनी भूमिका निभाने वाले 17 ग्राम प्रधानों को दो अक्तूबर गांधी जयंती के दिन सम्मानित किया जाएगा। इन पंचायतों में पूर्ण रूप से टीबी उन्मूलन होने के कारण इन्हें स्वास्थ्य विभाग की ओर से टीबी मुक्त घोषित कर दिया गया है।
बेहतर देखरेख व पोषण के कारण क्षय रोग को हराकर स्वस्थ हुए मरीजों के गांवों का सर्वे कराया गया था। जिसमें क्षय रोग विभाग की ओर से जिले की 23 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित करने का प्रस्ताव दिया था। जिलाधिकारी ने तीन-तीन सदस्यीय चार टीमें गठित कर टीबी मुक्त दावे का सत्यापन कराया, तो सात ग्राम पंचायतें फेल हो गईं। 17 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित कर शासन को रिपोर्ट भेज दी गई।
मुजेहना क्षेत्र में शुक्लपुरवा, हलधरमऊ में भुलभुलिया, झंझरी में भमैंचा व डंड़वा दसौतिया, वजीरगंज में बभनी, रसूलपुर, चकपन व मेहिया, बेलसर ब्लॉक में मरगूबपुर, पंड़री कृपाल के सोनापार, इटियाथोक में बरडांड़, रुपईडीह में हरचंदपुर व कमड़ांवा, मनकापुर में करनपुर राजा, नवाबगंज में रामापुर, मैनपुर व पहली ग्राम पंचायत को टीबी मुफ्त घोषित किया गया है। 2025 तक टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
विज्ञापन
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. जय गोविंद ने बताया कि सर्वे के दौरान प्रति एक हजार की आबादी पर 30 लोगों की जांच की जाती है। जिले में 1214 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें 17 पंचायतें टीबी मुक्त हो चुकी हैं। जिन संस्थाओं या लोगों ने टीबी मरीज को गोद लेकर उनकी मदद की है, उन्हें भी पुरस्कृत किया जाएगा।
विज्ञापन
बेहतर देखरेख व पोषण के कारण क्षय रोग को हराकर स्वस्थ हुए मरीजों के गांवों का सर्वे कराया गया था। जिसमें क्षय रोग विभाग की ओर से जिले की 23 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित करने का प्रस्ताव दिया था। जिलाधिकारी ने तीन-तीन सदस्यीय चार टीमें गठित कर टीबी मुक्त दावे का सत्यापन कराया, तो सात ग्राम पंचायतें फेल हो गईं। 17 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित कर शासन को रिपोर्ट भेज दी गई।
विज्ञापन
मुजेहना क्षेत्र में शुक्लपुरवा, हलधरमऊ में भुलभुलिया, झंझरी में भमैंचा व डंड़वा दसौतिया, वजीरगंज में बभनी, रसूलपुर, चकपन व मेहिया, बेलसर ब्लॉक में मरगूबपुर, पंड़री कृपाल के सोनापार, इटियाथोक में बरडांड़, रुपईडीह में हरचंदपुर व कमड़ांवा, मनकापुर में करनपुर राजा, नवाबगंज में रामापुर, मैनपुर व पहली ग्राम पंचायत को टीबी मुफ्त घोषित किया गया है। 2025 तक टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
विज्ञापन
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. जय गोविंद ने बताया कि सर्वे के दौरान प्रति एक हजार की आबादी पर 30 लोगों की जांच की जाती है। जिले में 1214 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें 17 पंचायतें टीबी मुक्त हो चुकी हैं। जिन संस्थाओं या लोगों ने टीबी मरीज को गोद लेकर उनकी मदद की है, उन्हें भी पुरस्कृत किया जाएगा।