फोरलेन की राह में रोड़ा बने अतिक्रमण हटने का रास्ता साफ

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Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 25 May 2019 11:19 PM IST

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गोंडा। जरवलरोड से गोंडा तक बन रहे फोरलेन निर्माण में बड़गांव में रोड़ा बने अतिक्रमण को हटाने का रास्ता साफ हो गया है। फोरलेन का निर्माण शहर में बड़गांव चौराहे तक तो हो गया लेकिन चौराहे से जयनरायन ओवरब्रिज तक फोरलेन के बजाए टू-लेन का निर्माण ही हो सका है। इससे निर्माण अभी अधूरा है और इससे लोगों को जाम का सामना करना पड़ रहा है। निर्माण में सबसे बड़ी बाधा बने एक होटल के साथ ही 100 से अधिक दुकानों को प्रशासन बीते माह में कई आन्दोलन के बाद भी नहीं हटवा सका था। प्रशासन वर्ष 2011 से हाईकोर्ट में लंबित एक मामले में फैसला आने का इंतजार कर रहा था। इसी बीच 22 मई 2019 को हाईकोर्ट ने वर्ष 2011 में दिए अपने आदेश को वापस ले लिया है। जिसकी आड़ में अतिक्रमण नहीं हटाया जा रहा था।
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वर्ष 2015 में जरवल रोड से गोंडा तक फोरलेन निर्माण की घोषणा होने के बाद वर्ष 2016 में कार्य शुरू हुआ। एक साल तक मार्ग में पड़ने वाले पुलिया का निर्माण और अतिक्रमण हटाने के साथ ही मिट्टी की पटाई का कार्य हुआ। इसी बीच वर्ष 2017 में सरकार बदलने पर अचानक कार्य रुक गया और लंबे समय तक कार्य रुका रहा। फिर दबाव बनने पर कार्य शुरू हुआ और शहर में सीसीरोड का निर्माण प्राथमिकता से कराने पर जोर दिया गया। इसके बाद वर्ष 2018 में सीसीरोड कार्य ने रफ्तार पकड़ा तो शहर में कई रुकावटें आईं और रुकावटें तो दूर हो गईं लेकिन बड़गांव चौराहे से आगे की रुकावट फंसी रह गई। लोकसभा चुनाव को देखते हुए आननफानन में टू-लेन का निर्माण ही पूरा हो गया। इसके बाद लोगों ने अतिक्रमण हटाकर फोरलेन निर्माण की मांग की, लेकिन हाईकोर्ट में 18 अक्तूबर 2011 के एक आदेश का हवाला देकर प्रशासन कन्नी काटता रहा।


अधिकारी कहते रहे कि जब तक आदेश वापस नहीं होगा, अतिक्रमण कैसे हटा दें। 22 मई 2019 को हाईकोर्ट ने सुनवाई के बाद 18 अक्तूबर 2011 को पारित आदेश को निरस्त कर दिया है। अब अतिक्रमण हटाने का रास्ता साफ हो गया है। प्रशासन की ओर से कराई गई जांच में इस बात का दावा किया गया था कि एक होटल समेत 100 से अधिक दुकानें अतिक्रमण के दायरे में हैं। दुकानदारों को अतिक्रमण की नोटिस भी दिए जाने की बात कही गई और बिजली कनेक्शन काटने के लिए निर्देश देने का दावा भी हुआ। लेकिन अतिक्रमण हटाने पर प्रशासन हाथ बांधे रहा। अतिक्रमण हटाने के विरुद्ध आंदोलन कर रहे जनसंवाद मंच के सुनील त्रिपाठी का कहना है कि अब हाईकोर्ट ने लोक निर्माण विभाग व प्रशासन के दावों को मानते हुए अपना स्टे आदेश वापस कर लिया है। ऐसे में अतिक्रमण हटाने में कोई बाधा नहीं है। अतिक्रमण हटने के बाद ही फोरलेन का निर्माण संभव हो सकेगा। अभी टू-लेन सड़क बिना डिवाइडर के है जिससे जाम के साथ ही लोगों को आए दिन हादसों का सामना करना पड़ रहा है।

आंदोलनकारी प्रदीप की मौत के बाद मामले ने पकड़ा था तूल
फोरलेन का निर्माण अतिक्रमण हटाकर कराने के लिए चल रहे आंदोलन में शामिल प्रदीप कात्यान की मौत के बाद मामले ने तूल पकड़ा था। बताया जा रहा है कि अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर आंदोलन करने के दिन से पहले ही रात में एक हादसे में प्रदीप की मौत हो गई। सुबह ही वह धरना देने वाला था और रात में ही मौत से शहर में आक्रोश फैल गया था। पहली अक्तूबर को उनकी मौत हो जाने के बाद आंदोलन ने तेज पकड़ा तो प्रशासन ने जांच कराई। बताया जा रहा है कि इसके बाद कई बार प्रशासन ने कमेटी बनाकर जांच कराई और रिपोर्ट में अतिक्रमण की बात सामने आई। इसके बाद भी अतिक्रमण नहीं हटा।

अभी नहीं मिला आदेश
हाईकोर्ट के फैसले की जानकारी की जाएगी। अभी उन्हें आदेश मिला नहीं है, सुना गया है। अभी तो चुनाव निपटा है। प्रशासन को हर स्थिति से अवगत कराया जाएगा। -सुल्तान अहमद, अधीक्षण अभियंता

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