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मूक बधिर महिला से दुराचार के आरोपी को दस साल की सजा
Updated Sun, 22 Jul 2018 01:48 AM IST
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मूक बधिर महिला के दुराचारी को दस साल की सजा
गोंडा। मूक-बधिर महिला से दुराचार करने के मामले में एक आरोपी को दस साल का सश्रम कारावास व 20 हजार रुपए की सजा सुनाई गई है।
अपर सत्र न्यायाधीश द्रुतगामी न्यायालय शैली राय ने दस साल सश्रम कारावास व 20 हजार रुपये के अर्थदंडित से दंडित किया है।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक घटना 30 जुलाई वर्ष 2016 की है। पीड़िता की मां ने मोतीगंज थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया था कि उसकी शादी शुदा थी लेकिन गूंगी व बहरी है।
वह 29 जुलाई को खेत में कूड़ा फेंकने गई थी। खेत से कूड़ा फेंककर वापस लौटते समय गांव के ही एक युवक ने उसके हाथ से तसला छीनकर फेंक दिया। वह उसे घसीटकर अर्द्ध निर्मित मकान में ले गया और उसके साथ दुराचार किया।
मामले का विचारण अपर सत्र न्यायालय द्रुतगामी के यहां हुआ। बचाव पक्ष एवं शासकीय अधिवक्ता रामभवन पांडेय की पैरवी पर न्यायालय ने दोष सिद्घ मानते हुए सजा सुनाई।
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मामले की सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक न्यायालय नवीन शैली राय ने पक्ष व विपक्ष दोनों को सुना। दोनों पक्षों की सुनवाई व गवाहों के बयान व साक्ष्यों को दृष्टिगत रखते हुए प्रकरण में आरोपी का दोष सिद्ध मानते हुए दस साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
साथ ही 20 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया। अर्थ दंड न अदा करने पर अभियुक्त को दो माह का अतिरिक्त कारावास का दंड भुगतना होगी।
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गोंडा। मूक-बधिर महिला से दुराचार करने के मामले में एक आरोपी को दस साल का सश्रम कारावास व 20 हजार रुपए की सजा सुनाई गई है।
अपर सत्र न्यायाधीश द्रुतगामी न्यायालय शैली राय ने दस साल सश्रम कारावास व 20 हजार रुपये के अर्थदंडित से दंडित किया है।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक घटना 30 जुलाई वर्ष 2016 की है। पीड़िता की मां ने मोतीगंज थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया था कि उसकी शादी शुदा थी लेकिन गूंगी व बहरी है।
वह 29 जुलाई को खेत में कूड़ा फेंकने गई थी। खेत से कूड़ा फेंककर वापस लौटते समय गांव के ही एक युवक ने उसके हाथ से तसला छीनकर फेंक दिया। वह उसे घसीटकर अर्द्ध निर्मित मकान में ले गया और उसके साथ दुराचार किया।
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मामले का विचारण अपर सत्र न्यायालय द्रुतगामी के यहां हुआ। बचाव पक्ष एवं शासकीय अधिवक्ता रामभवन पांडेय की पैरवी पर न्यायालय ने दोष सिद्घ मानते हुए सजा सुनाई।
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मामले की सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक न्यायालय नवीन शैली राय ने पक्ष व विपक्ष दोनों को सुना। दोनों पक्षों की सुनवाई व गवाहों के बयान व साक्ष्यों को दृष्टिगत रखते हुए प्रकरण में आरोपी का दोष सिद्ध मानते हुए दस साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
साथ ही 20 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया। अर्थ दंड न अदा करने पर अभियुक्त को दो माह का अतिरिक्त कारावास का दंड भुगतना होगी।