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तीन दिन में 30 हजार परीक्षार्थियों ने छोड़ी बोर्ड परीक्षा
Updated Thu, 08 Feb 2018 10:49 PM IST
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तीन दिन में 30 हजार परीक्षार्थियों ने छोड़ी बोर्ड परीक्षा
गोंडा। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा में नकल विहीन परीक्षा कराए जाने को लेकर शासन का खौफ इस बार परीक्षार्थियों के सिर चढ़कर बोल रहा है।
इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बोर्ड परीक्षा के तीसरे दिन ही परीक्षा छोड़ने वाले परीक्षार्थियों की संख्या 30 हजार के पार चली गई है। यह संख्या कुल पंजीकृत परीक्षार्थियों के 30 प्रतिशत के बराबर है।
गुरुवार को भी करीब तीन हजार परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि परीक्षा पूरी पारदर्शिता के साथ कराई जा रही है।
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा के लिए इस बार 1.15 लाख छात्र छात्राओं ने पंजीकरण कराया था। इसमें हाईस्कूल के 63 हजार संस्थागत व करीब 1800 सौ व्यक्तिगत परीक्षार्थी शामिल हैं।
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इसी तरह से इंटरमीडिएट में 48 हजार संस्थागत परीक्षार्थी व करीब 23 सौ व्यक्तिगत परीक्षार्थियों ने परीक्षा के लिए एनरोलमेंट कराया था। परीक्षा में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों को जिले मे नकल का कारोबार करने वाले नकल माफियाओं और स्कूल संचालकों पर पूरा भरोसा था कि नकल की बदौलत वह बोर्ड परीक्षा को पास कर ले जाएंगे मगर शासन की सख्ती ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया है।
नकल का कारोबार करने वाले माफिया भी इस बार परिदृष्य से गायब नजर आ रहे हैं। ऐसे में नकल के भरोसे परीक्षा को पास करने का सपना पाले परीक्षार्थी परीक्षा छोड़ रहे हैं। परीक्षा के पहले दिन करीब 12 हजार छात्र छात्राओं ने परीक्षा छोड़ी थी। तभी से अंदाजा लगाया जा रहा था कि यह संख्या अभी और बढ़ेगी।
गुरुवार को तीसरे दिन यह आंकड़ा 30 हजार के पार पहुंच गया है। गुरुवार को भी इंटरमीडिएट की पहली पाली में करीब तीन हजार परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। जिला विद्यालय निरीक्षक सत्यप्रकाश त्रिपाठी का कहना है कि परीक्षा की सुचिता को बनाए रखने के लिए सचल दल की छह टीमें लगातार परीक्षा केंद्रों का सघन निरीक्षण कर रही हैं।
इसके अलावा केंद्रों पर लगे सीसीटीवी व स्टेटिक मजिस्ट्रेटों की तैनाती ने भी नकल का कारोबार करने वाले लोगों पर लगाम लगाई है। उन्होंने दावा किया कि नकल मुक्त परीक्षा के शासन के संकल्प को पूरा करने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
बोर्ड की लापरवाही से बालिका बन गए दो दर्जन छात्र
नवाबगंज। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अफसरों की लापरवाही से दो दर्जन छात्र बालक से बालिका बन गए। उनका परीक्षा केंद्र भी बालिकाओं के साथ बना दिया गया। बुधवार को जब वह परीक्षा देने के लिए सेंटर पर पहुंचे तो इसका खुलासा हुआ।
परीक्षा केंद्र की प्रभारी ने इसकी सूचना जिला विद्यालय निरीक्षक को भेजी है। नवाबगंज कस्बे के नगर पालिका कन्या इंटर कॉलेज को परखा केंद्र बनाया गया है। यहां की प्रधानाचार्या सुनीता रानी ने बताया कि उनके केंद्र पर सिर्फ बालिकाओं का सेंटर भेजा गया है। मगर बुधवार को जब छात्र भी परीक्षा देने के लिए पहुंचे तो उन्हें शंका हुई।
उन्होंने उनका प्रवेश पत्र चेक किया तो पता चला कि छात्रों के प्रवेश पत्र में उनके नाम के आगे कुमारी लिख दिया गया है। इसी के आधार पर बालकों का परीक्षा केंद्र बालिकाओं के स्कूल में भेज दिया गया। सभी छात्रों की परीक्षा कराई गई। जिला विद्यालय निरीक्षक सत्यप्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि बोर्ड ने इसे लिपिकीय त्रुटि मानते हुए सभी छात्रों की परीक्षा कराए जाने के आदेश दिए हैं। सभी बच्चों की परीक्षा उसी सेंटर पर कराई जाएगी।
गोंडा। यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा में नकल विहीन परीक्षा कराए जाने को लेकर शासन का खौफ इस बार परीक्षार्थियों के सिर चढ़कर बोल रहा है।
इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बोर्ड परीक्षा के तीसरे दिन ही परीक्षा छोड़ने वाले परीक्षार्थियों की संख्या 30 हजार के पार चली गई है। यह संख्या कुल पंजीकृत परीक्षार्थियों के 30 प्रतिशत के बराबर है।
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गुरुवार को भी करीब तीन हजार परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया कि परीक्षा पूरी पारदर्शिता के साथ कराई जा रही है।
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा के लिए इस बार 1.15 लाख छात्र छात्राओं ने पंजीकरण कराया था। इसमें हाईस्कूल के 63 हजार संस्थागत व करीब 1800 सौ व्यक्तिगत परीक्षार्थी शामिल हैं।
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इसी तरह से इंटरमीडिएट में 48 हजार संस्थागत परीक्षार्थी व करीब 23 सौ व्यक्तिगत परीक्षार्थियों ने परीक्षा के लिए एनरोलमेंट कराया था। परीक्षा में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों को जिले मे नकल का कारोबार करने वाले नकल माफियाओं और स्कूल संचालकों पर पूरा भरोसा था कि नकल की बदौलत वह बोर्ड परीक्षा को पास कर ले जाएंगे मगर शासन की सख्ती ने उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया है।
नकल का कारोबार करने वाले माफिया भी इस बार परिदृष्य से गायब नजर आ रहे हैं। ऐसे में नकल के भरोसे परीक्षा को पास करने का सपना पाले परीक्षार्थी परीक्षा छोड़ रहे हैं। परीक्षा के पहले दिन करीब 12 हजार छात्र छात्राओं ने परीक्षा छोड़ी थी। तभी से अंदाजा लगाया जा रहा था कि यह संख्या अभी और बढ़ेगी।
गुरुवार को तीसरे दिन यह आंकड़ा 30 हजार के पार पहुंच गया है। गुरुवार को भी इंटरमीडिएट की पहली पाली में करीब तीन हजार परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। जिला विद्यालय निरीक्षक सत्यप्रकाश त्रिपाठी का कहना है कि परीक्षा की सुचिता को बनाए रखने के लिए सचल दल की छह टीमें लगातार परीक्षा केंद्रों का सघन निरीक्षण कर रही हैं।
इसके अलावा केंद्रों पर लगे सीसीटीवी व स्टेटिक मजिस्ट्रेटों की तैनाती ने भी नकल का कारोबार करने वाले लोगों पर लगाम लगाई है। उन्होंने दावा किया कि नकल मुक्त परीक्षा के शासन के संकल्प को पूरा करने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
बोर्ड की लापरवाही से बालिका बन गए दो दर्जन छात्र
नवाबगंज। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अफसरों की लापरवाही से दो दर्जन छात्र बालक से बालिका बन गए। उनका परीक्षा केंद्र भी बालिकाओं के साथ बना दिया गया। बुधवार को जब वह परीक्षा देने के लिए सेंटर पर पहुंचे तो इसका खुलासा हुआ।
परीक्षा केंद्र की प्रभारी ने इसकी सूचना जिला विद्यालय निरीक्षक को भेजी है। नवाबगंज कस्बे के नगर पालिका कन्या इंटर कॉलेज को परखा केंद्र बनाया गया है। यहां की प्रधानाचार्या सुनीता रानी ने बताया कि उनके केंद्र पर सिर्फ बालिकाओं का सेंटर भेजा गया है। मगर बुधवार को जब छात्र भी परीक्षा देने के लिए पहुंचे तो उन्हें शंका हुई।
उन्होंने उनका प्रवेश पत्र चेक किया तो पता चला कि छात्रों के प्रवेश पत्र में उनके नाम के आगे कुमारी लिख दिया गया है। इसी के आधार पर बालकों का परीक्षा केंद्र बालिकाओं के स्कूल में भेज दिया गया। सभी छात्रों की परीक्षा कराई गई। जिला विद्यालय निरीक्षक सत्यप्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि बोर्ड ने इसे लिपिकीय त्रुटि मानते हुए सभी छात्रों की परीक्षा कराए जाने के आदेश दिए हैं। सभी बच्चों की परीक्षा उसी सेंटर पर कराई जाएगी।