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एक रुपये में होंगी खून की 150 प्रकार की जांचें
गोंडा/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 03 Dec 2015 11:27 PM IST
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सरकारी अस्पतालों में इलाज के लिए आने वाले मरीज बीमारी की जांच के लिए किसी प्राइवेट डायग्नोस्टिक सेंटरों पर निर्भर न रहे। इसके लिए प्रदेश सरकार ने सूबे के 39 जिलों में संचालित सरकारी अस्पतालों को एक ऐसी उच्चस्तरीय डायग्नोस्टिक सुविधा से लैस किए जाने का निर्णय लिया है, जो 24 घंटे अस्पताल में भर्ती मरीजों के बेड तक पहुंचकर उनका ब्लड सैंपल लेने के बाद उन्हें इसका रिजल्ट मुहैया कराएगी।
वह भी बिल्कुल मुफ्त। इतना ही नहीं जांच का रिजल्ट भी मरीजों को 24 घंटे के भीतर ही मुहैया करा दिया जाएगा। जिसके लिए किसी मरीज को कहीं बाहर आने-जाने व ब्लड सैंपल भेजने तक की जहमत भी नहीं उठानी पड़ेगी। सरकारी अस्पतालों में खुलने वाली डायग्नोस्टिक लैब अपने स्तर से मरीजों का ब्लैड सैंपल लेने के बाद उसे अपने रेफरेंस सेंटरों में भेजेंगी। जिससे मरीज की जरूरत के अनुसार 150 प्रकार की खून की जांच की जाएगी।
जहां से उसका रिजल्ट संबंधी डायग्नोस्टिक सेंटर के वेब पोर्टल पर अपलोड कर दिया जाएगा। जिसका प्रिंटआउट निकालकर मरीजों को दे दिया जाएगा। परीक्षण के तौर पर इसका काम गोंडा के जिला अस्पताल में एसआरएल डायग्नोस्टिक सेंटर ने शुरू कर दिया है। जबकि औपचारिक शुरुआत डायग्नोस्टिक सेंटरों से मिलने वालेे नतीजों की समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री खुद करेंगे।
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अकेले पांच क्लस्टरों का काम देखेगी एसआरएल
प्रदेश के 39 जिलों में मरीजों को उच्चस्तरीय पैथालॉजी सेवा का लाभ मुहैया कराने के लिए 39 जिलों को 9 क्लस्टरों में बांटा गया है। जिसमें से अकेले पांच क्लस्टरों फैजाबाद, गोरखपुर, इलाहाबाद, आगरा व झांसी में इसका काम एसआरएल डायग्नोसिस को मिला है, तो वहीं मेरठ का काम दिल्ली की फर्म खन्ना डायग्नोसिस, कानपुर का काम ज्ञान डायग्नोसिस व लखनऊ में पैथालॉजी जांच की जिम्मेदारी आरएमएल इंस्टीट्यूट को दी गई है। गोंडा फैजाबाद क्लस्टर के अंतरगत आता है। जिसका एमओयू भी साइन हो चुका है।
जांच के लिए जरूरी होंगे पांच तरह के पहचान पत्र
तकरीबन 150 से ऊपर पैथालॉजी जांच के लिए संबंधित मरीज को अपने पहचान के तौर पर साथ वोटर आईडी कार्ड, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड व बीपीएल कार्ड में से किसी एक ही फोटो कॉपी देना अनिवार्य होगा। ध्यान रहे कि इसके लिए राशन कार्ड मान्य नहीं है।
एक रुपये के पर्चे पर डॉक्टर की सलाह के बाद होगी जांच
जिला अस्पताल आने वाले मरीजों को 150 प्रकार की पैथालॉजी जांच की सेवा अस्पताल में बनने वाले एक रुपये के पर्चे पर डॉक्टर की सलाह के बाद ही मुहैया कराई जाएगी। बाहरी डाक्टरों से लिखाई गई जांच यहां मान्य नहीं होगी।
14 घंटे तक लिए जाएंगे नमूने, 24 में घंटे मिलेगा रिजल्ट
जांच चाहे कैंसर, एलाइजा हेपेटाइटिस बी, बायप्सी, हारमोन व इंफेक्शन जैसी किसी भी बीमारी की क्यों न हो। उसका रिजल्ट मरीजों को 24 घंटे के भीतर ही मुहैया कराया जाएगा। इसके लिए पैथालॉजी जांच मुहैया कराने वाली लैबों ने ऑनलाइन रिजल्ट का एक वेब पोर्टल बना रखा है। जिस पर यह जांचे टाइम टू टाइम अपडेट होती रहेंगी। यह लैबें सुबह 8 बजे से शायं 6 बजे तक मरीजों के जांच के नमूने लेकर दिन में दो बार उससे संबंधी रिपोर्ट मरीजों को दोपहर 12 बजे और शायं 6 बजे मुहैया कराएंगी।
आरडीसी सेंटर में ट्रायल के लिए चालू हुई लैब
जिला अस्पताल के आरडीसी सेंटर (क्षेत्रीय निदान केंद्र) में एसआरएल डायग्नोसिस कंपनी की ओर से मरीजों की जांच का काम ट्रायल बेसिस पर शुरू हो गया है। इसके लिए सेंटर के तीन कमरों का पार्टीशन कराकर जांच में प्रयुक्त होने वाले उपकरण यहां लगाए गए हैं। गुरुवार को जिला अस्पताल आने वाले कुछ मरीजों की पैथालॉजी जांच भी इस सेंटर में की गई।
फीडबैक ठीक मिलने पर मुख्यमंत्री करेंगे शुभारंभ
मरीजों को उच्चस्तरीय पैथालॉजी जांच की सेवा सरकारी अस्पताल में मुहैया कराने के लिए प्रदेश सरकार ने इस योजना का काम हाल-फिलहाल ट्रायल बेसिस पर ही शुरू किए जाने का फैसला किया है। अगर 15-20 दिनों में इसका रिजल्ट सरकार को ठीक मिलता है तो खुद मुख्यमंत्री इसका शुभारंभ करेंगे। जिसके बाद ही सरकार इसे टेकओवर करेगी।
सरकारी अस्पतालों में मरीजों को विश्वस्तरीय पैथालॉजी जांच की सुविधा मुहैया कराने के लिए प्रदेश सरकार ने यह पहल की है। जिसका काम उन्हें प्रदेश के पांच क्लस्टरों में मिला है। फैजाबाद, इलाहाबाद, आगरा, गोरखपुर व झांसी में उनकी सारी यूनिटें ट्रायल बेसिस पर चालू हो गई हैं। लेकिन औपचारिक शुरुआत मुख्यमंत्री के शुभारंभ के बाद ही होगी। मरीजों की तकरीबन 150 पैथालॉजी जांचे इन यूनिटों पर निशुल्क की जाएंगी।
-संदीप गुप्ता, रीजनल मैनेजर, एसआरएल डायग्नोसिस
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वह भी बिल्कुल मुफ्त। इतना ही नहीं जांच का रिजल्ट भी मरीजों को 24 घंटे के भीतर ही मुहैया करा दिया जाएगा। जिसके लिए किसी मरीज को कहीं बाहर आने-जाने व ब्लड सैंपल भेजने तक की जहमत भी नहीं उठानी पड़ेगी। सरकारी अस्पतालों में खुलने वाली डायग्नोस्टिक लैब अपने स्तर से मरीजों का ब्लैड सैंपल लेने के बाद उसे अपने रेफरेंस सेंटरों में भेजेंगी। जिससे मरीज की जरूरत के अनुसार 150 प्रकार की खून की जांच की जाएगी।
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जहां से उसका रिजल्ट संबंधी डायग्नोस्टिक सेंटर के वेब पोर्टल पर अपलोड कर दिया जाएगा। जिसका प्रिंटआउट निकालकर मरीजों को दे दिया जाएगा। परीक्षण के तौर पर इसका काम गोंडा के जिला अस्पताल में एसआरएल डायग्नोस्टिक सेंटर ने शुरू कर दिया है। जबकि औपचारिक शुरुआत डायग्नोस्टिक सेंटरों से मिलने वालेे नतीजों की समीक्षा के बाद मुख्यमंत्री खुद करेंगे।
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अकेले पांच क्लस्टरों का काम देखेगी एसआरएल
प्रदेश के 39 जिलों में मरीजों को उच्चस्तरीय पैथालॉजी सेवा का लाभ मुहैया कराने के लिए 39 जिलों को 9 क्लस्टरों में बांटा गया है। जिसमें से अकेले पांच क्लस्टरों फैजाबाद, गोरखपुर, इलाहाबाद, आगरा व झांसी में इसका काम एसआरएल डायग्नोसिस को मिला है, तो वहीं मेरठ का काम दिल्ली की फर्म खन्ना डायग्नोसिस, कानपुर का काम ज्ञान डायग्नोसिस व लखनऊ में पैथालॉजी जांच की जिम्मेदारी आरएमएल इंस्टीट्यूट को दी गई है। गोंडा फैजाबाद क्लस्टर के अंतरगत आता है। जिसका एमओयू भी साइन हो चुका है।
जांच के लिए जरूरी होंगे पांच तरह के पहचान पत्र
तकरीबन 150 से ऊपर पैथालॉजी जांच के लिए संबंधित मरीज को अपने पहचान के तौर पर साथ वोटर आईडी कार्ड, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड व बीपीएल कार्ड में से किसी एक ही फोटो कॉपी देना अनिवार्य होगा। ध्यान रहे कि इसके लिए राशन कार्ड मान्य नहीं है।
एक रुपये के पर्चे पर डॉक्टर की सलाह के बाद होगी जांच
जिला अस्पताल आने वाले मरीजों को 150 प्रकार की पैथालॉजी जांच की सेवा अस्पताल में बनने वाले एक रुपये के पर्चे पर डॉक्टर की सलाह के बाद ही मुहैया कराई जाएगी। बाहरी डाक्टरों से लिखाई गई जांच यहां मान्य नहीं होगी।
14 घंटे तक लिए जाएंगे नमूने, 24 में घंटे मिलेगा रिजल्ट
जांच चाहे कैंसर, एलाइजा हेपेटाइटिस बी, बायप्सी, हारमोन व इंफेक्शन जैसी किसी भी बीमारी की क्यों न हो। उसका रिजल्ट मरीजों को 24 घंटे के भीतर ही मुहैया कराया जाएगा। इसके लिए पैथालॉजी जांच मुहैया कराने वाली लैबों ने ऑनलाइन रिजल्ट का एक वेब पोर्टल बना रखा है। जिस पर यह जांचे टाइम टू टाइम अपडेट होती रहेंगी। यह लैबें सुबह 8 बजे से शायं 6 बजे तक मरीजों के जांच के नमूने लेकर दिन में दो बार उससे संबंधी रिपोर्ट मरीजों को दोपहर 12 बजे और शायं 6 बजे मुहैया कराएंगी।
आरडीसी सेंटर में ट्रायल के लिए चालू हुई लैब
जिला अस्पताल के आरडीसी सेंटर (क्षेत्रीय निदान केंद्र) में एसआरएल डायग्नोसिस कंपनी की ओर से मरीजों की जांच का काम ट्रायल बेसिस पर शुरू हो गया है। इसके लिए सेंटर के तीन कमरों का पार्टीशन कराकर जांच में प्रयुक्त होने वाले उपकरण यहां लगाए गए हैं। गुरुवार को जिला अस्पताल आने वाले कुछ मरीजों की पैथालॉजी जांच भी इस सेंटर में की गई।
फीडबैक ठीक मिलने पर मुख्यमंत्री करेंगे शुभारंभ
मरीजों को उच्चस्तरीय पैथालॉजी जांच की सेवा सरकारी अस्पताल में मुहैया कराने के लिए प्रदेश सरकार ने इस योजना का काम हाल-फिलहाल ट्रायल बेसिस पर ही शुरू किए जाने का फैसला किया है। अगर 15-20 दिनों में इसका रिजल्ट सरकार को ठीक मिलता है तो खुद मुख्यमंत्री इसका शुभारंभ करेंगे। जिसके बाद ही सरकार इसे टेकओवर करेगी।
सरकारी अस्पतालों में मरीजों को विश्वस्तरीय पैथालॉजी जांच की सुविधा मुहैया कराने के लिए प्रदेश सरकार ने यह पहल की है। जिसका काम उन्हें प्रदेश के पांच क्लस्टरों में मिला है। फैजाबाद, इलाहाबाद, आगरा, गोरखपुर व झांसी में उनकी सारी यूनिटें ट्रायल बेसिस पर चालू हो गई हैं। लेकिन औपचारिक शुरुआत मुख्यमंत्री के शुभारंभ के बाद ही होगी। मरीजों की तकरीबन 150 पैथालॉजी जांचे इन यूनिटों पर निशुल्क की जाएंगी।
-संदीप गुप्ता, रीजनल मैनेजर, एसआरएल डायग्नोसिस