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बुलेट वाहनों में साईलेंसर बदलवाने पर देना होगा 15000 रुपए जुर्माना
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गोंडा के आरटीओ कार्यालय में सायलेंसर में बदलाव अभियान को लेकर बैठक करती एआरटीओ बबिता वर्मा व अन्?
- फोटो : GONDA
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गोंडा। संभागीय परिवहन विभाग ने वाहनों में वाहन निर्माता कंपनी की ओर से लगाए गए साइलेंसर में बदलाव करने पर 15 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। संभागीय परिवहन विभाग ने ऐसे वाहन चालकों को साइलेंसर में बदलाव करने पर कंपनी द्वारा प्रदत्त साइलेंसर दोबारा लगवाने का सुझाव दे ऐसा न करने पर जुर्माना लगाने की चेतावनी दी है।
संभागीय परिवहन विभाग में मंगलवार को एआरटीओ बबिता वर्मा ने वाहन डीलरों एवं यातायात प्रभारी के संग बैठक करके साइलेंसर बदलाव मामले में रणनीति तैयार की है। दोपहिया वाहनों में बुलेट वाहन में अधिकांश मालिकों/चालकों ने कंपनी द्वारा प्रदत्त साइलेंसर को बदलकर श्रवण क्षमता पर चोट पहुंचाने वाले साइलेंसर लगवा रखे हैं।
ऐसे वाहन ध्वनि प्रदूषण फैला रहे हैं। वाहन चालकों डीलरों व यातायात पुलिस के माध्यम से कंपनी द्वारा प्रदत्त साइलेंसर लगवाने के लिए जागरूक किया जाएगा। वाहन चालकों को एक माह में सुधार करने का सुझाव दिया जाएगा।
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वाहन को कंपनी के साइलेंसर का स्वरूप न देने पर कार्रवाई के लिए तैयार रहना होगा। चेकिंग अभियान में पकड़े जाने पर वाहन चालकों को 15 हजार रुपये का जुर्माना देना होगा। बैठक में एआरटीओ बबिता वर्मा, आरआई संजय कुमार, यातायात प्रभारी अभिनव प्रताप सिंह समेत डीलर मौजूद रहे।
संभागीय परिवहन विभाग ने दो पहिया वाहन चालकों खासकर बुलेट के चालकों को कंपनी द्घारा प्रदत्त साइलेंसर को लगाने का अल्टीमेटम देते हुए एक माह का समय दिया है।
इस बीच सभी दो पहिया वाहन मालिकों एवं चालकों को कंपनी के साइलेंसर का स्वरूप देने के लिए एक माह का समय दिया है। वाहन मालिक एवं चालक ने अगर कंपनी द्वारा लगाए गए साइलेंसर को बदलकर दूसरा लगवाया है। उसे कंपनी द्वारा प्रदत्त साइलेंसर लगाना होगा। संभागीय परिवहन विभाग अभियान चलाकर ऐसे वाहन चालकों के खिलाफ जुर्माना लगाएगा।
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संभागीय परिवहन विभाग में मंगलवार को एआरटीओ बबिता वर्मा ने वाहन डीलरों एवं यातायात प्रभारी के संग बैठक करके साइलेंसर बदलाव मामले में रणनीति तैयार की है। दोपहिया वाहनों में बुलेट वाहन में अधिकांश मालिकों/चालकों ने कंपनी द्वारा प्रदत्त साइलेंसर को बदलकर श्रवण क्षमता पर चोट पहुंचाने वाले साइलेंसर लगवा रखे हैं।
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ऐसे वाहन ध्वनि प्रदूषण फैला रहे हैं। वाहन चालकों डीलरों व यातायात पुलिस के माध्यम से कंपनी द्वारा प्रदत्त साइलेंसर लगवाने के लिए जागरूक किया जाएगा। वाहन चालकों को एक माह में सुधार करने का सुझाव दिया जाएगा।
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वाहन को कंपनी के साइलेंसर का स्वरूप न देने पर कार्रवाई के लिए तैयार रहना होगा। चेकिंग अभियान में पकड़े जाने पर वाहन चालकों को 15 हजार रुपये का जुर्माना देना होगा। बैठक में एआरटीओ बबिता वर्मा, आरआई संजय कुमार, यातायात प्रभारी अभिनव प्रताप सिंह समेत डीलर मौजूद रहे।
संभागीय परिवहन विभाग ने दो पहिया वाहन चालकों खासकर बुलेट के चालकों को कंपनी द्घारा प्रदत्त साइलेंसर को लगाने का अल्टीमेटम देते हुए एक माह का समय दिया है।
इस बीच सभी दो पहिया वाहन मालिकों एवं चालकों को कंपनी के साइलेंसर का स्वरूप देने के लिए एक माह का समय दिया है। वाहन मालिक एवं चालक ने अगर कंपनी द्वारा लगाए गए साइलेंसर को बदलकर दूसरा लगवाया है। उसे कंपनी द्वारा प्रदत्त साइलेंसर लगाना होगा। संभागीय परिवहन विभाग अभियान चलाकर ऐसे वाहन चालकों के खिलाफ जुर्माना लगाएगा।