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पुलिसिया कार्रवाई से प्रदीप की पत्नी सहमत नहीं
Updated Wed, 03 Oct 2018 11:50 PM IST
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पुलिसिया कार्रवाई पर पत्नी और परिवार ने उठाए सवाल
गोडा। पुलिस ने आनन-फानन में भले ही सड़क दुर्घटना दिखाकर प्रदीप के चाचा की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया है लेकिन प्रदीप की पत्नी, बहन व बहनोई इससे संतुष्ट नहीं हैं। पत्नी पूजा का कहना है कि घर से निकलने के बाद चार घंटा प्रदीप कहां थे इसकी जांच पुलिस क्यों नहीं करती।
सामाजिक कार्यकर्ता प्रदीप कात्यायन सामाजिक सरोकारों के आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाते रहे। सोमवार की रात उनकी संदिग्ध पिरिस्थियों में हो गई, जबकि वह दो अक्टूबर दिन मंगलवार की सुबह जनसंवाद मंच के बैनर तले धरने पर बैठने वाले थे।
इस धरने में वे 105 मकान, दुकान व होटल के भवन शामिल हैं जिनके खिलाफ वह मुखर थे। लेकिन रात में ही उनकी मौत से पूरे परिवार सहित आंदोलन की धार भी खत्म होती नजर आई।
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मंगलवार के दिन पूरा परिवार बदहवाशी में था लेकिन बुधवार को प्रदीप की पत्नी ने कहा कि उनके पति की मृत्यु एक साजिश के तहत हुई है। गांव जाने के लिए वह गोंडा के जानकी नगर स्थित घर से रात साढ़े आठ बजे निकले थे।
गोंडा से उनके घर की दूरी मात्र 15 किलोमीटर है और घटना स्थल की दूरी मात्र 10 किलोमीटर है। ऐसे में वह चार घंटे कहां थे इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने डीएम से मांग की है कि घटना की मजिस्ट्रेटी जांच होनी चाहिए।
वहीं प्रदीप मिश्र उर्फ प्रदीप कात्यायन के बहनोई मनोज कुमार दीक्षित व योगेश दीक्षित ने जिला प्रशासन से उनकी मृत्यु की मजिस्ट्रेटी जांच व गोंडा में संचालित मॉडल शॉप में लगे सीसीटीवी के फुटेज निकलवाकर जांच की मांग की है।
जनप्रतिनिधियों का लगा तांता
प्रदीप मिश्रा उर्फ प्रदीप कात्यायन की मृत्यु के दूसरे दिन भी स्थानीय जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों व स्थानीय लोगों ने उनके आवास पर पहुंचकर शोक व्यक्त करते हुए उनकी आत्मा को शांति व परिवार को ढांढस बंधाया।
बुधवार को नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि/ पूर्व चेयरमैन कमरुद्दीन, बसपा नेता मसूद आलम खा, पूर्व प्रधान कौशल तिवारी, पूर्व प्रधान नियाज अहमद, अनिल अवस्थी ने उनके आवास पर जाकर शोक व्यक्त करते हुए उनकी आत्मा को शांति व परिवार को ढांढस बंधाया।
छात्र नेता अंकित शुक्ला, रघु बाबा समाज सेवा संस्थान के अध्यक्ष राजकुमार दुबे उर्फ गोली दुबे ने मुख्यमंत्री व जिला अधिकारी को एक पत्र देकर उनके परिवार को 25 लाख रूपये मुआवजा दिलाने व उनके बच्चों की पढ़ाई व देखभाल करने तथा उनकी मृत्यु की मजिस्ट्रेटी जांच कराने की मांग की है।
बच्चों व शिक्षकों ने दी श्रद्घांजलि
प्रदीप की पत्नी भावना प्राथमिक विद्यालय परसा फरेंदाशुक्ल में शिक्षामित्र हैं। भावना मिश्रा के पति की आकस्मिक मृत्यु पर प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालय के शिक्षकों व छात्र-छात्राओं ने विद्यालय में एक शोकसभा कर दो मिनट का मौन रखते हुए मृतक की आत्मा को शांति व परिवार को ढांढस बंधाने के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।
इसमें पूर्व माध्यमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापिका विजयलक्ष्मी, सहायक अध्यापक देव प्रभा त्रिपाठी, शालिनी श्रीवास्तव, प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक उमा शंकर पांडे, सहायक अध्यापक सुनील गुप्ता, नेहा सिंह, विद्यालय की रसोईया माया देवी, छात्र-छात्राएं शनि तिवारी, प्रियंका तिवारी, सलोनी तिवारी, रिधि अवस्थी, नमन अवस्थी, कार्तिक अवस्थी, लल्लू पांडे, आरती देवी व पूजा उपस्थित रहीं।
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गोडा। पुलिस ने आनन-फानन में भले ही सड़क दुर्घटना दिखाकर प्रदीप के चाचा की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया है लेकिन प्रदीप की पत्नी, बहन व बहनोई इससे संतुष्ट नहीं हैं। पत्नी पूजा का कहना है कि घर से निकलने के बाद चार घंटा प्रदीप कहां थे इसकी जांच पुलिस क्यों नहीं करती।
सामाजिक कार्यकर्ता प्रदीप कात्यायन सामाजिक सरोकारों के आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाते रहे। सोमवार की रात उनकी संदिग्ध पिरिस्थियों में हो गई, जबकि वह दो अक्टूबर दिन मंगलवार की सुबह जनसंवाद मंच के बैनर तले धरने पर बैठने वाले थे।
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इस धरने में वे 105 मकान, दुकान व होटल के भवन शामिल हैं जिनके खिलाफ वह मुखर थे। लेकिन रात में ही उनकी मौत से पूरे परिवार सहित आंदोलन की धार भी खत्म होती नजर आई।
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मंगलवार के दिन पूरा परिवार बदहवाशी में था लेकिन बुधवार को प्रदीप की पत्नी ने कहा कि उनके पति की मृत्यु एक साजिश के तहत हुई है। गांव जाने के लिए वह गोंडा के जानकी नगर स्थित घर से रात साढ़े आठ बजे निकले थे।
गोंडा से उनके घर की दूरी मात्र 15 किलोमीटर है और घटना स्थल की दूरी मात्र 10 किलोमीटर है। ऐसे में वह चार घंटे कहां थे इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने डीएम से मांग की है कि घटना की मजिस्ट्रेटी जांच होनी चाहिए।
वहीं प्रदीप मिश्र उर्फ प्रदीप कात्यायन के बहनोई मनोज कुमार दीक्षित व योगेश दीक्षित ने जिला प्रशासन से उनकी मृत्यु की मजिस्ट्रेटी जांच व गोंडा में संचालित मॉडल शॉप में लगे सीसीटीवी के फुटेज निकलवाकर जांच की मांग की है।
जनप्रतिनिधियों का लगा तांता
प्रदीप मिश्रा उर्फ प्रदीप कात्यायन की मृत्यु के दूसरे दिन भी स्थानीय जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों व स्थानीय लोगों ने उनके आवास पर पहुंचकर शोक व्यक्त करते हुए उनकी आत्मा को शांति व परिवार को ढांढस बंधाया।
बुधवार को नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि/ पूर्व चेयरमैन कमरुद्दीन, बसपा नेता मसूद आलम खा, पूर्व प्रधान कौशल तिवारी, पूर्व प्रधान नियाज अहमद, अनिल अवस्थी ने उनके आवास पर जाकर शोक व्यक्त करते हुए उनकी आत्मा को शांति व परिवार को ढांढस बंधाया।
छात्र नेता अंकित शुक्ला, रघु बाबा समाज सेवा संस्थान के अध्यक्ष राजकुमार दुबे उर्फ गोली दुबे ने मुख्यमंत्री व जिला अधिकारी को एक पत्र देकर उनके परिवार को 25 लाख रूपये मुआवजा दिलाने व उनके बच्चों की पढ़ाई व देखभाल करने तथा उनकी मृत्यु की मजिस्ट्रेटी जांच कराने की मांग की है।
बच्चों व शिक्षकों ने दी श्रद्घांजलि
प्रदीप की पत्नी भावना प्राथमिक विद्यालय परसा फरेंदाशुक्ल में शिक्षामित्र हैं। भावना मिश्रा के पति की आकस्मिक मृत्यु पर प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालय के शिक्षकों व छात्र-छात्राओं ने विद्यालय में एक शोकसभा कर दो मिनट का मौन रखते हुए मृतक की आत्मा को शांति व परिवार को ढांढस बंधाने के लिए ईश्वर से प्रार्थना की।
इसमें पूर्व माध्यमिक विद्यालय की प्रधानाध्यापिका विजयलक्ष्मी, सहायक अध्यापक देव प्रभा त्रिपाठी, शालिनी श्रीवास्तव, प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक उमा शंकर पांडे, सहायक अध्यापक सुनील गुप्ता, नेहा सिंह, विद्यालय की रसोईया माया देवी, छात्र-छात्राएं शनि तिवारी, प्रियंका तिवारी, सलोनी तिवारी, रिधि अवस्थी, नमन अवस्थी, कार्तिक अवस्थी, लल्लू पांडे, आरती देवी व पूजा उपस्थित रहीं।