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जाम में फंसी एबुलेंस, अस्पताल गेट पर हुआ प्रसव
Updated Fri, 08 Sep 2017 10:31 PM IST
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जाम में फंसी एंबुलेंस, अस्पताल गेट पर हुआ प्रसव
स्वास्थ्य विभाग की आधा दर्जन से ज्यादा एबुंलेंस बीच रास्ते फंसी
अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा। शुक्रवार को आवास पाने के लिए शहर में उमड़ी भीड़ ने जाम के जो हालात पैदा किए। उसमें आम लोग तो एक तरफ स्वास्थ्य विभाग की आधा दर्जन से ऊपर एंबुलेंस को भी फंसे रहना पड़ा। इस बीच एंबुलेंस से उतारकर एक प्रसूता महिला अस्पताल ले जाया गया। लेकिन रास्ते में अस्पताल गेट तक पहुंचते ही महिला ने बच्चे को जन्म दे दिया। आनन-फानन में लेबररूम में ले जाकर महिला की डिलीवरी कराई गई। जिसके बाद जच्चा-बच्चा दोनों ठीक बताए जा रहे हैं। वहीं इस बारे में सीएमएस डा. अरुण लाल का कहना है कि जाम में फंसे होने के कारण एंबलुस महिला अस्पताल नहीं आ पाई थी। जिसके बाद उसके परिजन उसे रिक्शे पर लेकर आ रहे थे। अस्पताल के बजाए महिला की डिलीवरी लेबर रूम में ही हुई हैै।
शुक्रवार को पूरा शहर ग्रामीण अंचलों से उमड़क़र शहर पहुंची भीड़ के चलते जाम रहा। इस जाम में प्रसूता महिलाओं के लिए संचालित स्वास्थ्य विभाग की आधा दर्जन से ऊपर एंबुलेंस फंसी रही। जिसके कारण मजबूरी में परिजनों को प्रसूता को किसी दूसरे साधन से अस्पताल ले जाना पड़ा। 102 व 108 सेवा की एंबुलेस का जिले में काम देख रहे जीवीके इमरी के मैनेजर उमाशंकर वर्मा ने बताया कि शहर से सटे ग्रामीण इलाकों की ज्यादातर महिलाएं डिलीवरी कराने महिला अस्पताल ही आती हैं। जबकि सीरियस केस में सीएचसी से रिफर होने वाली महिलाओं की भी डिलीवरी महिला अस्पताल में ही होती है। लेिकिन शुक्रवार को शहर में लगे जाम के चलते उनकी आधा दर्जन से ऊपर एंबुलेंस इस जाम में फंसी रही। जिनके शाम 3 बजे के बाद अपने-अपने गंतव्यों की ओर जाने की सूचना है।
स्वास्थ्य विभाग की आधा दर्जन से ज्यादा एबुंलेंस बीच रास्ते फंसी
अमर उजाला ब्यूरो
गोंडा। शुक्रवार को आवास पाने के लिए शहर में उमड़ी भीड़ ने जाम के जो हालात पैदा किए। उसमें आम लोग तो एक तरफ स्वास्थ्य विभाग की आधा दर्जन से ऊपर एंबुलेंस को भी फंसे रहना पड़ा। इस बीच एंबुलेंस से उतारकर एक प्रसूता महिला अस्पताल ले जाया गया। लेकिन रास्ते में अस्पताल गेट तक पहुंचते ही महिला ने बच्चे को जन्म दे दिया। आनन-फानन में लेबररूम में ले जाकर महिला की डिलीवरी कराई गई। जिसके बाद जच्चा-बच्चा दोनों ठीक बताए जा रहे हैं। वहीं इस बारे में सीएमएस डा. अरुण लाल का कहना है कि जाम में फंसे होने के कारण एंबलुस महिला अस्पताल नहीं आ पाई थी। जिसके बाद उसके परिजन उसे रिक्शे पर लेकर आ रहे थे। अस्पताल के बजाए महिला की डिलीवरी लेबर रूम में ही हुई हैै।
शुक्रवार को पूरा शहर ग्रामीण अंचलों से उमड़क़र शहर पहुंची भीड़ के चलते जाम रहा। इस जाम में प्रसूता महिलाओं के लिए संचालित स्वास्थ्य विभाग की आधा दर्जन से ऊपर एंबुलेंस फंसी रही। जिसके कारण मजबूरी में परिजनों को प्रसूता को किसी दूसरे साधन से अस्पताल ले जाना पड़ा। 102 व 108 सेवा की एंबुलेस का जिले में काम देख रहे जीवीके इमरी के मैनेजर उमाशंकर वर्मा ने बताया कि शहर से सटे ग्रामीण इलाकों की ज्यादातर महिलाएं डिलीवरी कराने महिला अस्पताल ही आती हैं। जबकि सीरियस केस में सीएचसी से रिफर होने वाली महिलाओं की भी डिलीवरी महिला अस्पताल में ही होती है। लेिकिन शुक्रवार को शहर में लगे जाम के चलते उनकी आधा दर्जन से ऊपर एंबुलेंस इस जाम में फंसी रही। जिनके शाम 3 बजे के बाद अपने-अपने गंतव्यों की ओर जाने की सूचना है।
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