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शहर को संवारने का प्रस्ताव फाइलों में बंद
Updated Mon, 15 Oct 2018 11:16 PM IST
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शहर को संवारने का प्रस्ताव फाइलों में बंद
गोंडा। शहर को संवारने के लिए तैयार किए गए प्रस्ताव अभी फाइलों में ही बंद हैं। इन प्रस्तावों में प्रत्येक वार्ड की एक-एक परियोजनाएं भी शामिल हैं। एक वार्ड में 5 लाख की लागत से कार्य होना तय हुआ था।
शहर के 27 वार्डों के विकास कार्यों के लिए नगरपालिका परिषद बोर्ड बैठक में 1 करोड़ 35 लाख के प्रस्ताव पर स्वीकृति हुई थी। इन प्रस्तावों पर कोई कार्य शुरू नहीं हुआ। इससे शहर का विकास एक सपना बनकर रह गया है।
सभासद भी विकास कार्यों के शुरुआत की बाट जोह रहे हैं। विकास कार्यों पर सहमति बने माह भर से अधिक का वक्त बीत चुका है। बावजूद इसके कार्य शुरू न होने से मामला ठंडे बस्ते में जाने का भय भी सता रहा है।
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शहर में समस्याओं की कमी नही है, कारण विकास की योजनाओं को धरातल पर उतारने में लेटलतीफी बताई जा रही है। बीते अगस्त माह में हर वार्ड में विकास कार्यों के शुुरुआत के लिए 1.35 करोड़ की योजनाओं पर बोर्ड की बैठक में मुहर लगी तो विकास के सपने लोगों ने बुनने शुरू कर दिए।
माह भर बीतने के बाद भी कार्य शुरु न होने और नपाप में खींचतान शुरू होने से लोगों में संशय पैदा होने लगा। विकास के मुद्दे पर इतनी देरी से शहर की समस्याएं जस की तस हैं। योजना से एक दर्जन सड़कों का विकास तो होना ही है गलियों के विकास की तैयारी भी है।
बताया जा रहा है कि बिना बरसात के ही कई मोहल्लों में जल भराव की स्थिति से भी निपटने की उम्मीद जगी है। इंटरलॉकिंग कार्य से भी मोहल्लों की सड़कों को जोडने की बात कही जा रही है।
विकास योजनाओं के प्रस्तावों पर कार्य जल्द ही शुरु होंगे। त्योहारों के चलते कार्य प्रभावित है। द,शहरा के बाद टेंडर की प्रक्रिया शुरू होगा। वार्डों के विकास की योजना प्राथमिकता में हैं।
-विकास सेन, अधिशाषी अधिकारी नपाप
गोंडा। शहर को संवारने के लिए तैयार किए गए प्रस्ताव अभी फाइलों में ही बंद हैं। इन प्रस्तावों में प्रत्येक वार्ड की एक-एक परियोजनाएं भी शामिल हैं। एक वार्ड में 5 लाख की लागत से कार्य होना तय हुआ था।
शहर के 27 वार्डों के विकास कार्यों के लिए नगरपालिका परिषद बोर्ड बैठक में 1 करोड़ 35 लाख के प्रस्ताव पर स्वीकृति हुई थी। इन प्रस्तावों पर कोई कार्य शुरू नहीं हुआ। इससे शहर का विकास एक सपना बनकर रह गया है।
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सभासद भी विकास कार्यों के शुरुआत की बाट जोह रहे हैं। विकास कार्यों पर सहमति बने माह भर से अधिक का वक्त बीत चुका है। बावजूद इसके कार्य शुरू न होने से मामला ठंडे बस्ते में जाने का भय भी सता रहा है।
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शहर में समस्याओं की कमी नही है, कारण विकास की योजनाओं को धरातल पर उतारने में लेटलतीफी बताई जा रही है। बीते अगस्त माह में हर वार्ड में विकास कार्यों के शुुरुआत के लिए 1.35 करोड़ की योजनाओं पर बोर्ड की बैठक में मुहर लगी तो विकास के सपने लोगों ने बुनने शुरू कर दिए।
माह भर बीतने के बाद भी कार्य शुरु न होने और नपाप में खींचतान शुरू होने से लोगों में संशय पैदा होने लगा। विकास के मुद्दे पर इतनी देरी से शहर की समस्याएं जस की तस हैं। योजना से एक दर्जन सड़कों का विकास तो होना ही है गलियों के विकास की तैयारी भी है।
बताया जा रहा है कि बिना बरसात के ही कई मोहल्लों में जल भराव की स्थिति से भी निपटने की उम्मीद जगी है। इंटरलॉकिंग कार्य से भी मोहल्लों की सड़कों को जोडने की बात कही जा रही है।
विकास योजनाओं के प्रस्तावों पर कार्य जल्द ही शुरु होंगे। त्योहारों के चलते कार्य प्रभावित है। द,शहरा के बाद टेंडर की प्रक्रिया शुरू होगा। वार्डों के विकास की योजना प्राथमिकता में हैं।
-विकास सेन, अधिशाषी अधिकारी नपाप