{"_id":"5b61e3d64f1c1b07788b71d9","slug":"121533141974-gonda-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अनिवार्य सेवानिवृति को शिथिल कर्मचारियों व अधिकारियों की होगी स्क्रीनिंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अनिवार्य सेवानिवृति को शिथिल कर्मचारियों व अधिकारियों की होगी स्क्रीनिंग
Updated Wed, 01 Aug 2018 10:16 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
काम में ढीले कर्मचारियों को दी जाएगी अनिवार्य सेवानिवृत्ति
गोंडा। नौकरी करने वाले ऐसे कर्मचारियों व अधिकारियों की स्क्रीनिंग होगी जिन्होंने 50 वर्ष की आयु पूरी ली है और अपने कार्य में शिथिल हैं। ऐसे कर्मचारियों व शिक्षकों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जाएगी।
अधिकारियों के दक्षता की स्क्रीनिंग शासन स्तर से तथा कर्मचारियों की स्क्रीनिंग जिला कमेेटी द्वारा किया जाएगा। उन कर्मचारियों व अधिकारियों की स्क्रीनिंग पर अधिक ध्यान दिया जाएगा जिनके खिलाफ कोई शिकायत या जांच प्रक्रिया चल रही है।
मुख्यमंत्री की बैठक के बाद सभी जिलों में विभागवार पत्र जारी किया गया है। शिक्षा विभाग में शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की दक्षता निर्धारण करने के लिए सहायक शिक्षा निदेशक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी मुख्यालय तथा खंड शिक्षा अधिकारी संबंधित ब्लाक की एक कमेटी बनाई गई है।
विज्ञापन
यह स्क्रीनिंग 30 जुलाई तक होनी थी लेकिन यहां अधिकारियों ने अभी किसी प्रकार की स्क्रीनिंग ही नहीं की। शिक्षा विभाग में करीब नौ हजार शिक्षक व कर्मचारी कार्यरत हैं।
अनिवार्य सेवानिवृत्ति के लिए सक्रीनिंग ही नहीं की गई। इसी तरह विकास विभाग, पंचायत विभाग सहित अन्य विभागों में स्क्रीनिंग के लिए बनाई गई कमेटी ने अब तक कार्य शुरू ही नहीं किया है।
आयुक्त सुुधेश कुमार ओझा ने बताया कि मंडल में स्क्रीनिंग के लिए कमेटी बनाई गई है। इसमें कर्मचारियों की जिलेस्तर पर तथा अधिकारियों की शासन स्तर पर दक्षता निर्धारण किया जाएगा। इसके लिए सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
गोंडा। नौकरी करने वाले ऐसे कर्मचारियों व अधिकारियों की स्क्रीनिंग होगी जिन्होंने 50 वर्ष की आयु पूरी ली है और अपने कार्य में शिथिल हैं। ऐसे कर्मचारियों व शिक्षकों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जाएगी।
अधिकारियों के दक्षता की स्क्रीनिंग शासन स्तर से तथा कर्मचारियों की स्क्रीनिंग जिला कमेेटी द्वारा किया जाएगा। उन कर्मचारियों व अधिकारियों की स्क्रीनिंग पर अधिक ध्यान दिया जाएगा जिनके खिलाफ कोई शिकायत या जांच प्रक्रिया चल रही है।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री की बैठक के बाद सभी जिलों में विभागवार पत्र जारी किया गया है। शिक्षा विभाग में शिक्षकों व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की दक्षता निर्धारण करने के लिए सहायक शिक्षा निदेशक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी मुख्यालय तथा खंड शिक्षा अधिकारी संबंधित ब्लाक की एक कमेटी बनाई गई है।
विज्ञापन
यह स्क्रीनिंग 30 जुलाई तक होनी थी लेकिन यहां अधिकारियों ने अभी किसी प्रकार की स्क्रीनिंग ही नहीं की। शिक्षा विभाग में करीब नौ हजार शिक्षक व कर्मचारी कार्यरत हैं।
अनिवार्य सेवानिवृत्ति के लिए सक्रीनिंग ही नहीं की गई। इसी तरह विकास विभाग, पंचायत विभाग सहित अन्य विभागों में स्क्रीनिंग के लिए बनाई गई कमेटी ने अब तक कार्य शुरू ही नहीं किया है।
आयुक्त सुुधेश कुमार ओझा ने बताया कि मंडल में स्क्रीनिंग के लिए कमेटी बनाई गई है। इसमें कर्मचारियों की जिलेस्तर पर तथा अधिकारियों की शासन स्तर पर दक्षता निर्धारण किया जाएगा। इसके लिए सभी विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।