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...तो सांसद को जमीन मुहैया कराने के लिए अफसरों ने रची स्कूल ढहाने की साजिश
Updated Sat, 26 May 2018 11:32 PM IST
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आफिर किसके आदेश पर जमींदोज किया गया स्कूल
गोंडा। कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह के पैतृक आवास के सामने बने 59 साल पुराने स्कूल की बिल्डिंग को ढहाने के मामले में हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद अफसरों व प्रशासन में हड़कंप मचा है।
जहां बीएसए और जिला पंचायत के अधिकारी कह रहे हैं कि उन्होंने स्कूल ढहाने के संबंध में कोई पत्र नहीं लिखा वहीं जिला प्रशासन के अधिकारी कह रहे हैं जांच जारी है। शिकायतकर्ता आरोप है पूरा खेल सांसद के घर के सामने की जमीन खाली कराने के लिए किया गया है।
नवाबगंज के विश्रोहरपुर गांव में कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह का पैतृक आवास है। उनके घर के ठीक सामने प्राथमिक विद्यालय विश्रोहरपुर द्वितीय 10 मई को रात में ढहा दिया गया।
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गांव के विजय प्रताप सिंह ने इस संबंध में एक याचिका हाईकोर्ट में दाखिल की थी। उन्होंने तीन महीने पहले जिलाधिकारी व जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से इसकी शिकायत करते हुए स्कूल की जमीन को बदले जाने की आशंका जताई थी।
उनका आरोप है कि संासद के घर के सामने की जमीन खाली कराने के लिए यह पूरा खेल किया। विजय प्रताप ने बताया कि उनकी शिकायत पर बीएसए ने 29 मार्च को लोक निर्माण विभाग से इसके मूल्यांकन की रिपोर्ट मांग थी।
लोक निर्माण विभाग के अफसरों ने 30 मार्च को स्कूल को जर्जर बताते हुए उसे ढहाए जाने की रिपोर्ट भेज दी। साथ ही स्कूल की कीमत 137728 रुपये निर्धारित कर दी।
सिर्फ दस मिनट में जांच कर लौट गई टीम
हाईकोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम से दो सप्ताह के भीतर पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी थी। इसके बाद डीएम ने तरबगंज एसडीएम, बीएसए व लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता की तीन सदस्यीय समिति का गठन कर मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
शुक्रवार को यह टीम विश्रोहरपुर गांव पहुंची और मामले की पड़ताल की। हालांकि ग्रामीणों के सवालों से बचने के लिए टीम के सदस्य महज दस मिनट में ही अपनी जांच पूरी कर वापस लौट गए।
इनसेट
मैंने ग्राम पंचायत या बीएसए को स्कूल गिराने के संबंध में कोई चिट्ठी नही लिखी है। अगर इस तरह की कोई चिट्ठी जारी की गई है तो उसपर मेरे हस्ताक्षर नही होंगे। किसी ने गलत तरीके से हस्ताक्षर बना लिया होगा। स्कूल को ढहाए जाने से मेरा कोई लेना देना नहीं है।
सत्यपाल, अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत
इनसेट
ग्राम प्रधान ने स्कूल को जर्जर बताते हुए स्कूल को गिराए जाने का अनुरोध किया था। इस पर लोनिवि से तकनीकी जांच कराई गई थी। यह जांच रिपोर्ट जिला पंचायत को भेज दी गई थी। स्कूल ढहाने के मामले की पड़ताल की जा रही है। जल्द ही रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी। संतोष कुमार देव पांडेय, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
इनसेट
डीएम के आदेश पर स्कूल ढहाए जाने के मामले की जांच की जा रही है। इसकी रिपोर्ट जल्द ही जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी।
सौरभ भट्ट, एसडीएम,तरबगंज
इनसेट
जिलाधिकारी छुट्टी पर हैं और मुझे इस मामले की जानकारी नही है। जिलाधिकारी के वापस आने पर ही इस मामले की जानकारी हो पाएगी। फिलहाल उन्हें कोई जांच रिपोर्ट अभी नहीं मिली है।
रत्नाकर मिश्रा, प्रभारी जिलाधिकारी
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गोंडा। कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह के पैतृक आवास के सामने बने 59 साल पुराने स्कूल की बिल्डिंग को ढहाने के मामले में हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद अफसरों व प्रशासन में हड़कंप मचा है।
जहां बीएसए और जिला पंचायत के अधिकारी कह रहे हैं कि उन्होंने स्कूल ढहाने के संबंध में कोई पत्र नहीं लिखा वहीं जिला प्रशासन के अधिकारी कह रहे हैं जांच जारी है। शिकायतकर्ता आरोप है पूरा खेल सांसद के घर के सामने की जमीन खाली कराने के लिए किया गया है।
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नवाबगंज के विश्रोहरपुर गांव में कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह का पैतृक आवास है। उनके घर के ठीक सामने प्राथमिक विद्यालय विश्रोहरपुर द्वितीय 10 मई को रात में ढहा दिया गया।
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गांव के विजय प्रताप सिंह ने इस संबंध में एक याचिका हाईकोर्ट में दाखिल की थी। उन्होंने तीन महीने पहले जिलाधिकारी व जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से इसकी शिकायत करते हुए स्कूल की जमीन को बदले जाने की आशंका जताई थी।
उनका आरोप है कि संासद के घर के सामने की जमीन खाली कराने के लिए यह पूरा खेल किया। विजय प्रताप ने बताया कि उनकी शिकायत पर बीएसए ने 29 मार्च को लोक निर्माण विभाग से इसके मूल्यांकन की रिपोर्ट मांग थी।
लोक निर्माण विभाग के अफसरों ने 30 मार्च को स्कूल को जर्जर बताते हुए उसे ढहाए जाने की रिपोर्ट भेज दी। साथ ही स्कूल की कीमत 137728 रुपये निर्धारित कर दी।
सिर्फ दस मिनट में जांच कर लौट गई टीम
हाईकोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम से दो सप्ताह के भीतर पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी थी। इसके बाद डीएम ने तरबगंज एसडीएम, बीएसए व लोक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता की तीन सदस्यीय समिति का गठन कर मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
शुक्रवार को यह टीम विश्रोहरपुर गांव पहुंची और मामले की पड़ताल की। हालांकि ग्रामीणों के सवालों से बचने के लिए टीम के सदस्य महज दस मिनट में ही अपनी जांच पूरी कर वापस लौट गए।
इनसेट
मैंने ग्राम पंचायत या बीएसए को स्कूल गिराने के संबंध में कोई चिट्ठी नही लिखी है। अगर इस तरह की कोई चिट्ठी जारी की गई है तो उसपर मेरे हस्ताक्षर नही होंगे। किसी ने गलत तरीके से हस्ताक्षर बना लिया होगा। स्कूल को ढहाए जाने से मेरा कोई लेना देना नहीं है।
सत्यपाल, अपर मुख्य अधिकारी, जिला पंचायत
इनसेट
ग्राम प्रधान ने स्कूल को जर्जर बताते हुए स्कूल को गिराए जाने का अनुरोध किया था। इस पर लोनिवि से तकनीकी जांच कराई गई थी। यह जांच रिपोर्ट जिला पंचायत को भेज दी गई थी। स्कूल ढहाने के मामले की पड़ताल की जा रही है। जल्द ही रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी। संतोष कुमार देव पांडेय, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
इनसेट
डीएम के आदेश पर स्कूल ढहाए जाने के मामले की जांच की जा रही है। इसकी रिपोर्ट जल्द ही जिलाधिकारी को सौंपी जाएगी।
सौरभ भट्ट, एसडीएम,तरबगंज
इनसेट
जिलाधिकारी छुट्टी पर हैं और मुझे इस मामले की जानकारी नही है। जिलाधिकारी के वापस आने पर ही इस मामले की जानकारी हो पाएगी। फिलहाल उन्हें कोई जांच रिपोर्ट अभी नहीं मिली है।
रत्नाकर मिश्रा, प्रभारी जिलाधिकारी