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बिना अनुमति के ही ढहा दिया प्राइमरी स्कूल का भवन
Updated Mon, 01 Oct 2018 10:32 PM IST
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बिना अनुमति धराशायी कर दिया प्राइमरी स्कूल
गोंडा। बेसिक शिक्षा विभाग में नियमों की व्याख्या अपने हिसाब से करके कुछ भी करने की होड़ मची है। नवाबगंज क्षेत्र के विश्वनोहरपुर में एक सांसद के गेट के बगल बने प्राइमरी स्कूल को ढहाने का मामला ठंडा भी नहीं पड़ा था कि छपिया में एक जर्जर स्कूल को बिना आदेश के ही ढहा दिया गया।
यह कारनामा रविवार के दिन ग्राम प्रधान के प्रतिनिधि ने कर दिखाया। अब वे तर्क दे रहे हैं कि आपरेशन कायाकल्प के तहत स्कूल को संवारने का कार्य किया जा रहा है। बाउंड्री निर्माण के लिए नींव खोदते समय पुराना जर्जर स्कूल ढह गया।
बताया जा रहा है कि कस्बे में स्कूल होने से भूमि पर भी लोगों की निगाहें टिकी थीं। अब नया स्कूल परिसर में पीछे की ओर बनवा दिया गया है और सड़क से सटी भूमि पर बने जर्जर स्कूल भवन को ढहा दिया गया है।
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ब्लाक संसाधन केन्द्र परिसर के बगल ही स्थित प्राइमरी स्कूल मसकनवां (रानीजोत) के भवन को 1969-70 वर्ष का बताया जा रहा है। भवन ढहाने के बाद अब यह भी कहा जा रहा है कि बीते 15 सालों से भवन को निष्प्रयोज्य किया जा चुका है।
फिलहाल भवन को ढहाए जाने का कोई आदेश पंचायत के पास नहीं है। स्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापक आनंद कुमार की मानें तो भवन जर्जर था और इसके बारे में पूरी रिपोर्ट विभाग ने मांगी थी।
अभी वे फोटो व रिपोर्ट भी नहीं दे पाए थे। इसके अलावा भवन को गिराए जाने का कोई प्रस्ताव उनकी ओर से नहीं दिया गया था। बताया कि रविवार को छुट्टी के बाद वे स्कूल आए तो भवन ढहा मिला।
इसकी सूचना उन्होंने तत्काल बीआरसी पर दी। प्रधान प्रतिनिधि विनोद मोदनवाल ने बताया कि बाउंड्रीवाल के निर्माण के दौरान जर्जर भवन ढह गया है। ग्राम पंचायत विकास अधिकारी हरिनरायन सिंह ने कहा कि ऑपरेशन कायाकल्प से स्कूल को संवारने का कार्य चल रहा था।
उसी दौरान भवन ढह गया है। उधर बीईओ ओंकार नाथ वर्मा ने कहा कि स्कूल का भवन जर्जर तो था लेकिन भवन को ढहाए जाने का कोई भी आदेश नहीं मिला है। स्कूल को ढहाए जाने की कोई प्रक्रिया भी नहीं अपनाई गई है।
मामला पंचायत से सबंधित होने के कारण खंड विकास अधिकारी को रिपोर्ट भेजकर जांच कराने की संस्तुति दी गई है। उनकी रिपोर्ट मिलने पर उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
स्कूल ढहने की सूचना मिली है। खंड शिक्षा अधिकारी से पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी गई है। रविवार को स्कूल बंद था और सोमवार को स्कूल ढहा मिला है। स्कूल भवन जर्जर होने के बारे मे रिपोर्ट मांगी गई थी। स्कूल ढहने के मामले में रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई तय की जाएगी।
- मनिराम सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी
ऑपरेशन कायाकल्प के बहाने स्कूल पर बोल रहे धावा
छपिया ब्लॉक के रानीजोत ग्राम सभा के प्राथमिक स्कूल मसकनवां के जर्जर भवन को ढहाए जाने के पीछे पंचायत का तर्क चौंकाने वाला है। वहां के ग्राम पंचायत विकास अधिकारी हरि नरायान सिंह तो आपरेशन कायाकल्प की मंशा पर ही पानी फेर रहे हैं।
इस अभियान से स्कूलों, आंगनबाड़ी केन्द्रों, पंचायत भवनों, उपकेन्द्रों समेत सरकारी सम्पतियों को संवारने के निर्देश हैं। उनको ढहाने या फिर उन पर कब्जा करने जैसा कोई निर्देश नहीं है। अब यहां इस अभियान से स्कूलों को पंचायत के दायरे में मानकर ही कार्य शुरु कर दिया है। मनकापुर के एसडीएम ने कहा कि पूरे मामले की रिपोर्ट ली जा रही है।
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गोंडा। बेसिक शिक्षा विभाग में नियमों की व्याख्या अपने हिसाब से करके कुछ भी करने की होड़ मची है। नवाबगंज क्षेत्र के विश्वनोहरपुर में एक सांसद के गेट के बगल बने प्राइमरी स्कूल को ढहाने का मामला ठंडा भी नहीं पड़ा था कि छपिया में एक जर्जर स्कूल को बिना आदेश के ही ढहा दिया गया।
यह कारनामा रविवार के दिन ग्राम प्रधान के प्रतिनिधि ने कर दिखाया। अब वे तर्क दे रहे हैं कि आपरेशन कायाकल्प के तहत स्कूल को संवारने का कार्य किया जा रहा है। बाउंड्री निर्माण के लिए नींव खोदते समय पुराना जर्जर स्कूल ढह गया।
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बताया जा रहा है कि कस्बे में स्कूल होने से भूमि पर भी लोगों की निगाहें टिकी थीं। अब नया स्कूल परिसर में पीछे की ओर बनवा दिया गया है और सड़क से सटी भूमि पर बने जर्जर स्कूल भवन को ढहा दिया गया है।
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ब्लाक संसाधन केन्द्र परिसर के बगल ही स्थित प्राइमरी स्कूल मसकनवां (रानीजोत) के भवन को 1969-70 वर्ष का बताया जा रहा है। भवन ढहाने के बाद अब यह भी कहा जा रहा है कि बीते 15 सालों से भवन को निष्प्रयोज्य किया जा चुका है।
फिलहाल भवन को ढहाए जाने का कोई आदेश पंचायत के पास नहीं है। स्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापक आनंद कुमार की मानें तो भवन जर्जर था और इसके बारे में पूरी रिपोर्ट विभाग ने मांगी थी।
अभी वे फोटो व रिपोर्ट भी नहीं दे पाए थे। इसके अलावा भवन को गिराए जाने का कोई प्रस्ताव उनकी ओर से नहीं दिया गया था। बताया कि रविवार को छुट्टी के बाद वे स्कूल आए तो भवन ढहा मिला।
इसकी सूचना उन्होंने तत्काल बीआरसी पर दी। प्रधान प्रतिनिधि विनोद मोदनवाल ने बताया कि बाउंड्रीवाल के निर्माण के दौरान जर्जर भवन ढह गया है। ग्राम पंचायत विकास अधिकारी हरिनरायन सिंह ने कहा कि ऑपरेशन कायाकल्प से स्कूल को संवारने का कार्य चल रहा था।
उसी दौरान भवन ढह गया है। उधर बीईओ ओंकार नाथ वर्मा ने कहा कि स्कूल का भवन जर्जर तो था लेकिन भवन को ढहाए जाने का कोई भी आदेश नहीं मिला है। स्कूल को ढहाए जाने की कोई प्रक्रिया भी नहीं अपनाई गई है।
मामला पंचायत से सबंधित होने के कारण खंड विकास अधिकारी को रिपोर्ट भेजकर जांच कराने की संस्तुति दी गई है। उनकी रिपोर्ट मिलने पर उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
स्कूल ढहने की सूचना मिली है। खंड शिक्षा अधिकारी से पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी गई है। रविवार को स्कूल बंद था और सोमवार को स्कूल ढहा मिला है। स्कूल भवन जर्जर होने के बारे मे रिपोर्ट मांगी गई थी। स्कूल ढहने के मामले में रिपोर्ट मिलने के बाद कार्रवाई तय की जाएगी।
- मनिराम सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी
ऑपरेशन कायाकल्प के बहाने स्कूल पर बोल रहे धावा
छपिया ब्लॉक के रानीजोत ग्राम सभा के प्राथमिक स्कूल मसकनवां के जर्जर भवन को ढहाए जाने के पीछे पंचायत का तर्क चौंकाने वाला है। वहां के ग्राम पंचायत विकास अधिकारी हरि नरायान सिंह तो आपरेशन कायाकल्प की मंशा पर ही पानी फेर रहे हैं।
इस अभियान से स्कूलों, आंगनबाड़ी केन्द्रों, पंचायत भवनों, उपकेन्द्रों समेत सरकारी सम्पतियों को संवारने के निर्देश हैं। उनको ढहाने या फिर उन पर कब्जा करने जैसा कोई निर्देश नहीं है। अब यहां इस अभियान से स्कूलों को पंचायत के दायरे में मानकर ही कार्य शुरु कर दिया है। मनकापुर के एसडीएम ने कहा कि पूरे मामले की रिपोर्ट ली जा रही है।