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Gonda News: सुरक्षित भूमि पर रोपे जाएंगे 1.14 लाख पौधे
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गोंडा। बेलसर विकासखंड की 48 ग्राम पंचायतों में खाली पड़ी सुरक्षित भूमि पर 1.14 लाख पौधे रोपे जाएंगे। वन विभाग ने इसकी कार्य योजना तैयार की है। जून माह में पौधरोपण अभियान शुरू होना है।
योजना के तहत इस बार पिछले वर्ष की अपेक्षा सात हजार पौध कम रोपित होंगे। वन विभाग की योजना के आधार पर खंड विकास अधिकारी बेलसर विजय कांत मिश्र ने सभी ग्राम पंचायत अधिकारियों से ग्राम पंचायतों में खाली पड़ी भूमि का ब्यौरा मांगा है। साथ ही उसमें रोपित किए जाने वाले अनुमानित पौध की संख्या की रिपोर्ट भी तीन दिन में तलब की है। वन विभाग की दो नर्सरी परसदा व किंधौरा में 11 लाख पौधे भी तैयार किए जा चुके हैं। क्षेत्रीय वन अधिकारी तरबगंज जेपी गुप्ता ने बताया की जमीन की कमी होने के कारण सात हजार पौध कम रोपित होंगें।
शीतला देवी स्वयं सहायता समूह ने साल 2021 में तत्कालीन बीडीओ सदानंद चौधरी के मौखिक आदेश पर कई ग्राम पंचायतों में पौधे दिए थे। जिसका भुगतान आज तक नहीं हो सका। वहीं साल 2022 में अमृत सरोवर में पौधरोपण के लिए पौधे दिए, उसका भी भुगतान विभाग ने नहीं किया।
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बीते दो सालों में दिए गए पौधों का भुगतान न होने पर शीतला देवी स्वयं सहायता समूह ने इस बार पौधों की आपूर्ति न करने का निर्णय लिया है। अध्यक्ष प्रियंका कहती हैं कि इस बार भी उनके समूह ने साढ़े तीन लाख पौधे तैयार कर लिए हैं। लेकिन वह नकद ही बिक्री करेंगी। सरकारी आपूर्ति में तो लागत भी नहीं निकल पाता है।
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योजना के तहत इस बार पिछले वर्ष की अपेक्षा सात हजार पौध कम रोपित होंगे। वन विभाग की योजना के आधार पर खंड विकास अधिकारी बेलसर विजय कांत मिश्र ने सभी ग्राम पंचायत अधिकारियों से ग्राम पंचायतों में खाली पड़ी भूमि का ब्यौरा मांगा है। साथ ही उसमें रोपित किए जाने वाले अनुमानित पौध की संख्या की रिपोर्ट भी तीन दिन में तलब की है। वन विभाग की दो नर्सरी परसदा व किंधौरा में 11 लाख पौधे भी तैयार किए जा चुके हैं। क्षेत्रीय वन अधिकारी तरबगंज जेपी गुप्ता ने बताया की जमीन की कमी होने के कारण सात हजार पौध कम रोपित होंगें।
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शीतला देवी स्वयं सहायता समूह ने साल 2021 में तत्कालीन बीडीओ सदानंद चौधरी के मौखिक आदेश पर कई ग्राम पंचायतों में पौधे दिए थे। जिसका भुगतान आज तक नहीं हो सका। वहीं साल 2022 में अमृत सरोवर में पौधरोपण के लिए पौधे दिए, उसका भी भुगतान विभाग ने नहीं किया।
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बीते दो सालों में दिए गए पौधों का भुगतान न होने पर शीतला देवी स्वयं सहायता समूह ने इस बार पौधों की आपूर्ति न करने का निर्णय लिया है। अध्यक्ष प्रियंका कहती हैं कि इस बार भी उनके समूह ने साढ़े तीन लाख पौधे तैयार कर लिए हैं। लेकिन वह नकद ही बिक्री करेंगी। सरकारी आपूर्ति में तो लागत भी नहीं निकल पाता है।