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सीएम के जाते ही लंच के लिए लाइन में पीड़ितों को भगाया
Updated Mon, 14 Aug 2017 10:04 PM IST
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सीएम के जाते ही पीड़ितों को भगाया
करनैलगंज(गोंडा)। बाढ़ क्षेत्र से मुख्यमंत्री की रवानगी होते ही बाढ़ पीड़ितों के साथ संवेदना तार-तार होने लगी। एक तरफ सीएम का उडनखटोला हवा में नजर आया तो जिले के अधिकारी अपने वाहनों में नजर आने लगे। यही नहीं बाढ़ राहत केंद्र पर लंच पैकेट के लिए जुटे सैकड़ों बच्चों एवं महिलाओं को बिना लंच पैकेट दिए ही भगा दिया गया। मौके पर मौजूद ग्राम काशीपुर व अतरसुइया की महिलाओं ने बताया कि एक महीने की बाढ़ में चार दिन भोजन का पैकेट मिला है तथा राशन किट 15 दिन पहले दी गई थी। घर में खाना नहीं था। यहां करीब तीन घंटे से बैठकर लंच पैकेट पाने का इंतजार कर रहे थे। अधिकारियों ने बताया था कि लंच पैकेट अभी मिलेगा लेकिन मुख्यमंत्री के जाते ही उन लोगों को भगा दिया गया। ड्यूटी पर मौजूद रहे कर्मचारियों को लंच पैकेट का वितरण किया जाने लगा।
बेहोश हो गई आंगनबाड़ी कार्यकर्ता
करनैलगंज(गोंडा)। मुख्यमंत्री के जाने के तत्काल बाद बाढ़ राहत केंद्र पाल्हापुर पर तैनात आंगनबाड़ी कार्यकत्री कंचन सिंह बेहोश हो गई। बताया जाता है कि कार्यक्रत्री को सुबह केंद्र पर मुख्यमंत्री के आने की सूचना नहीं थी। वह सेंटर पर देर से पहुंची थी। जिसे विभाग के अधिकारियों ने फटकार लगाई थी तथा केंद्र का संचालन सही समय से करने की हिदायत दी थी। दोपहर बाद वह केंद्र पर बैठी थी। उसी बीच उसका करीब डेढ़ साल का बच्चा खेल रहा था और जनरेटर का तार को छू गया तो उसे तेज झटका लगा। बच्चे को छुड़ाने के बाद वह स्वयं बेहोश हो गई। जिसे चिकित्सकों ने तत्काल इलाज देकर स्वस्थ किया और उसे घर भेज दिया।
बाढ़ के पानी में उतराता मिला वृद्ध का शव
करनैलगंज(गोंडा)। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में सोमवार को एक बुजुर्ग की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। सोमवार की सुबह ग्राम अतरसुइया के मजरा सोमपुरवा निवासी हरिहर (65) का शव घर के पास पानी में उतराता हुआ पाया गया। जिसकी सूचना मृतक के पुत्र नन्दलाल ने बाढ़ राहत केंद्र पर मौजूद अधिकारियों को दी। जिस पर एसडीएम अर्चना वर्मा ने मौके पर राजस्व निरीक्षक को जांच के लिए भेजा। राजस्व निरीक्षक जगदंबा शरण पाण्डेय ने बताया कि मौके पर जांच की जा रही है। शव को पोस्टमार्टम भेजने के बाद ही पूरी जानकारी होगी कि मौत डूबने से हुई है या किसी अन्य कारण से। अधिकारियों को इसकी जानकारी दे दी गई है।
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इन्हें भी सीएम ने दी सहायता
करनैलगंज। सीएम योगी आदित्य नाथ ने आत्माराम पुत्र छेदी, शंकर पुत्र नोखई, हरपाल पुत्र मुन्ना निवासीगण घरकुंइयां, दीनदयाल पुत्र शिवकुमार, रेनू पत्नी चौताल, गुडिय़ा पत्नी पंचम, जगजीवन पुत्र ब्रम्हदीन तथा रामकुमार पुत्र भगेलू निवासीगण नकहरा को 4100-4100 रूपए का स्वीकृति पत्र प्रदान किया। रामकुमार पुत्र शीतला प्रसाद, सुखई पुत्र रतीपाल, सोनापति पत्नी रतीपाल, रामजी पुत्र रामकुमार, राम प्रसाद पुत्र रतीपाल, शीतला प्रसाद पुत्र मंगल, गुड्डू पुत्र सनेही, गुड्डू पुत्र टेढ़े, सतनाम पुत्र शिव बख्श तथा रामबृक्ष पुत्र रामनाथ को राहत सामग्री का किट प्रदान किया।
करनैलगंज(गोंडा)। बाढ़ क्षेत्र से मुख्यमंत्री की रवानगी होते ही बाढ़ पीड़ितों के साथ संवेदना तार-तार होने लगी। एक तरफ सीएम का उडनखटोला हवा में नजर आया तो जिले के अधिकारी अपने वाहनों में नजर आने लगे। यही नहीं बाढ़ राहत केंद्र पर लंच पैकेट के लिए जुटे सैकड़ों बच्चों एवं महिलाओं को बिना लंच पैकेट दिए ही भगा दिया गया। मौके पर मौजूद ग्राम काशीपुर व अतरसुइया की महिलाओं ने बताया कि एक महीने की बाढ़ में चार दिन भोजन का पैकेट मिला है तथा राशन किट 15 दिन पहले दी गई थी। घर में खाना नहीं था। यहां करीब तीन घंटे से बैठकर लंच पैकेट पाने का इंतजार कर रहे थे। अधिकारियों ने बताया था कि लंच पैकेट अभी मिलेगा लेकिन मुख्यमंत्री के जाते ही उन लोगों को भगा दिया गया। ड्यूटी पर मौजूद रहे कर्मचारियों को लंच पैकेट का वितरण किया जाने लगा।
बेहोश हो गई आंगनबाड़ी कार्यकर्ता
करनैलगंज(गोंडा)। मुख्यमंत्री के जाने के तत्काल बाद बाढ़ राहत केंद्र पाल्हापुर पर तैनात आंगनबाड़ी कार्यकत्री कंचन सिंह बेहोश हो गई। बताया जाता है कि कार्यक्रत्री को सुबह केंद्र पर मुख्यमंत्री के आने की सूचना नहीं थी। वह सेंटर पर देर से पहुंची थी। जिसे विभाग के अधिकारियों ने फटकार लगाई थी तथा केंद्र का संचालन सही समय से करने की हिदायत दी थी। दोपहर बाद वह केंद्र पर बैठी थी। उसी बीच उसका करीब डेढ़ साल का बच्चा खेल रहा था और जनरेटर का तार को छू गया तो उसे तेज झटका लगा। बच्चे को छुड़ाने के बाद वह स्वयं बेहोश हो गई। जिसे चिकित्सकों ने तत्काल इलाज देकर स्वस्थ किया और उसे घर भेज दिया।
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बाढ़ के पानी में उतराता मिला वृद्ध का शव
करनैलगंज(गोंडा)। बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में सोमवार को एक बुजुर्ग की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। सोमवार की सुबह ग्राम अतरसुइया के मजरा सोमपुरवा निवासी हरिहर (65) का शव घर के पास पानी में उतराता हुआ पाया गया। जिसकी सूचना मृतक के पुत्र नन्दलाल ने बाढ़ राहत केंद्र पर मौजूद अधिकारियों को दी। जिस पर एसडीएम अर्चना वर्मा ने मौके पर राजस्व निरीक्षक को जांच के लिए भेजा। राजस्व निरीक्षक जगदंबा शरण पाण्डेय ने बताया कि मौके पर जांच की जा रही है। शव को पोस्टमार्टम भेजने के बाद ही पूरी जानकारी होगी कि मौत डूबने से हुई है या किसी अन्य कारण से। अधिकारियों को इसकी जानकारी दे दी गई है।
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इन्हें भी सीएम ने दी सहायता
करनैलगंज। सीएम योगी आदित्य नाथ ने आत्माराम पुत्र छेदी, शंकर पुत्र नोखई, हरपाल पुत्र मुन्ना निवासीगण घरकुंइयां, दीनदयाल पुत्र शिवकुमार, रेनू पत्नी चौताल, गुडिय़ा पत्नी पंचम, जगजीवन पुत्र ब्रम्हदीन तथा रामकुमार पुत्र भगेलू निवासीगण नकहरा को 4100-4100 रूपए का स्वीकृति पत्र प्रदान किया। रामकुमार पुत्र शीतला प्रसाद, सुखई पुत्र रतीपाल, सोनापति पत्नी रतीपाल, रामजी पुत्र रामकुमार, राम प्रसाद पुत्र रतीपाल, शीतला प्रसाद पुत्र मंगल, गुड्डू पुत्र सनेही, गुड्डू पुत्र टेढ़े, सतनाम पुत्र शिव बख्श तथा रामबृक्ष पुत्र रामनाथ को राहत सामग्री का किट प्रदान किया।